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Lakhimpur Kheri News: एक माह से जांचें बंद, भटक रहे मरीज
Wed, 02 Aug 2023 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:29 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल की पैथाेलॉजी में पिछले एक महीने से प्रमुख जांचें नहीं हो रही हैं। इसकी मुख्य वजह जांच में प्रयुक्त होने वाला रीजेंट (रासायनिक पदार्थ) खत्म होेना बताया जा रहा है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही का खामियाजा मरीज और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। पैथोलॉजी में लिवर, आरएच फैक्टर एवं एचबीएवनसी की जांच पूरी तरह से बंद है। ऐसे में सस्ते इलाज की मंशा लेकर जिला अस्पताल आने वाले मरीज निजी पैथाेलॉजी में जेब ढीली करने को मजबूर हैं।
जिला अस्पताल की पैथाेलॉजी में 12 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है, लेकिन पिछले करीब एक माह से लिवर, आरएच फैक्टर और एचबीएवनसी की जांच बंद है। किडनी की जांच में सिर्फ यूरिया की ही जांच हो पा रही है। पैथोलाॅजी के लोग बताते हैं कि पीओसिटी संस्था रीजेंट उपलब्ध कराती है। इसके लिए एक माह पहले ही उच्चाधिकारियों के माध्यम से मांग पत्र भेजा जा चुका है।
इसके बाद रिमांडर भी गया है, लेकिन अभी तक कंपनी ने रिजेंट रीजेंट मुहैया नहीं कराया है। इसलिए एलएफटी (लिवर), आरएच फैक्टर (गठिया), एचबीए 1 सी (खून में शुगर की तीन माह की औसत मात्रा) की जांच होनी बंद हो गई हैं। वहीं केएफटी (किडनी) में सिर्फ यूरिया का ही पता लग पा रहा है। ऐसे में मरीज डॉक्टर के लिखने पर निजी पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए विवश हैं।
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क्रय आदेश के बिना नहीं मिलेगा रीजेंट
पीओसिटी संस्था के लोग बताते हैं कि अभी तक जिला अस्पताल की ओर से खरीद का आदेश ही नहीं मिला है। इसलिए रीजेंट नहीं भेज सकते। बिना परचेज आर्डर के रीजेंट खरीदने से बाद में भुगतान का पेंच फसेगा। संस्था एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानाचार्य की ओर से क्रय आदेश भेजने के बाद दो से तीन दिन में रीजेंट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
करीब एक माह से बंद है जांचें
- बायोकेमेस्ट्री : ब्लड शुगर फास्टिंग, पीपी एवं रेनडम व एचबीए 1 सी, जीटीटी।
- लिवर फंक्शन टेस्ट : सीरम बिलूरुबिन टोटल व डायरेक्ट, एसजीपीटी व एसजीओपीटी एवं सीरम एलक्लाइन फास्फटेज।
- किडनी फंक्शन टेस्ट : ब्लड यूरिया एवं सीरम क्रीटीनीन, प्रोटीन व एब्लबूमिन।
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट टेस्ट : सीरम पोटैशियम, सोडियम, क्लोराइड एवं ऑयनिक कैल्शियम।
.....
पैथोलॉजी में ये जांचें होती हैं नि:शुल्क
बायो केमेस्ट्री
लिवर फंक्शन टेस्ट
किडनी फंक्शन टेस्ट
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
आर्थो प्रोफाइल टेस्ट
सीरम इलेक्ट्रोलाइट टेस्ट
सेरोलॉजी टेस्ट
हिमैटोलॉजी
यूरीन एक्जामिनेशन टेस्ट
स्टूल एक्जामिनेशन टेस्ट
सीएसए टेस्ट
मॉनटोक्स टेस्ट
.....
पीओसिटी संस्था उपलब्ध कराती है रीजेंट
जिला अस्पताल में पीओसिटी संस्था की ओर से अत्याधुनिक जांच मशीनें लगवाई गई थीं। इसके लिए जांच में प्रयोग होने वाला केमिकल भी उसी के द्वारा मुहैया कराया जाता रहा। मगर, इस बार सीएमएस का सेवानिवृत्त होना और जिला एवं महिला अस्पताल का मुखिया प्रधानाचार्य को बनाए जाने से समय पर क्रय आदेश न भेजने से रीजेंट के अभाव का संकट खड़ा हो गया। पैथाेलॉजी के लोग बताते हैं कि जिस कंपनी की मशीनें हैं, उसका ही रीजेंट काम करता है, इसलिए किसी अन्य कंपनी का केमिकल इस्तेमाल नहीं कर सकते।
1 एलकेएच 5
रीजेंट न होने की वजह से पैथाेलॉजी में कुछ जांचें नहीं हो पा रही थी। इस संबंध में मंगलवार को पीओसिटी संस्था के लोगों से वार्ता हुई है। एक दो दिन में रीजेंट मुहैया हो जाएगा। इसके बाद पहले की तरह सभी जांचे होनी शुरू हो जाएंगी। -डॉ. आईके राम चंदानी, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल की पैथाेलॉजी में 12 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है, लेकिन पिछले करीब एक माह से लिवर, आरएच फैक्टर और एचबीएवनसी की जांच बंद है। किडनी की जांच में सिर्फ यूरिया की ही जांच हो पा रही है। पैथोलाॅजी के लोग बताते हैं कि पीओसिटी संस्था रीजेंट उपलब्ध कराती है। इसके लिए एक माह पहले ही उच्चाधिकारियों के माध्यम से मांग पत्र भेजा जा चुका है।
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इसके बाद रिमांडर भी गया है, लेकिन अभी तक कंपनी ने रिजेंट रीजेंट मुहैया नहीं कराया है। इसलिए एलएफटी (लिवर), आरएच फैक्टर (गठिया), एचबीए 1 सी (खून में शुगर की तीन माह की औसत मात्रा) की जांच होनी बंद हो गई हैं। वहीं केएफटी (किडनी) में सिर्फ यूरिया का ही पता लग पा रहा है। ऐसे में मरीज डॉक्टर के लिखने पर निजी पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए विवश हैं।
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क्रय आदेश के बिना नहीं मिलेगा रीजेंट
पीओसिटी संस्था के लोग बताते हैं कि अभी तक जिला अस्पताल की ओर से खरीद का आदेश ही नहीं मिला है। इसलिए रीजेंट नहीं भेज सकते। बिना परचेज आर्डर के रीजेंट खरीदने से बाद में भुगतान का पेंच फसेगा। संस्था एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानाचार्य की ओर से क्रय आदेश भेजने के बाद दो से तीन दिन में रीजेंट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
करीब एक माह से बंद है जांचें
- बायोकेमेस्ट्री : ब्लड शुगर फास्टिंग, पीपी एवं रेनडम व एचबीए 1 सी, जीटीटी।
- लिवर फंक्शन टेस्ट : सीरम बिलूरुबिन टोटल व डायरेक्ट, एसजीपीटी व एसजीओपीटी एवं सीरम एलक्लाइन फास्फटेज।
- किडनी फंक्शन टेस्ट : ब्लड यूरिया एवं सीरम क्रीटीनीन, प्रोटीन व एब्लबूमिन।
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट टेस्ट : सीरम पोटैशियम, सोडियम, क्लोराइड एवं ऑयनिक कैल्शियम।
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पैथोलॉजी में ये जांचें होती हैं नि:शुल्क
बायो केमेस्ट्री
लिवर फंक्शन टेस्ट
किडनी फंक्शन टेस्ट
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
आर्थो प्रोफाइल टेस्ट
सीरम इलेक्ट्रोलाइट टेस्ट
सेरोलॉजी टेस्ट
हिमैटोलॉजी
यूरीन एक्जामिनेशन टेस्ट
स्टूल एक्जामिनेशन टेस्ट
सीएसए टेस्ट
मॉनटोक्स टेस्ट
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पीओसिटी संस्था उपलब्ध कराती है रीजेंट
जिला अस्पताल में पीओसिटी संस्था की ओर से अत्याधुनिक जांच मशीनें लगवाई गई थीं। इसके लिए जांच में प्रयोग होने वाला केमिकल भी उसी के द्वारा मुहैया कराया जाता रहा। मगर, इस बार सीएमएस का सेवानिवृत्त होना और जिला एवं महिला अस्पताल का मुखिया प्रधानाचार्य को बनाए जाने से समय पर क्रय आदेश न भेजने से रीजेंट के अभाव का संकट खड़ा हो गया। पैथाेलॉजी के लोग बताते हैं कि जिस कंपनी की मशीनें हैं, उसका ही रीजेंट काम करता है, इसलिए किसी अन्य कंपनी का केमिकल इस्तेमाल नहीं कर सकते।
1 एलकेएच 5
रीजेंट न होने की वजह से पैथाेलॉजी में कुछ जांचें नहीं हो पा रही थी। इस संबंध में मंगलवार को पीओसिटी संस्था के लोगों से वार्ता हुई है। एक दो दिन में रीजेंट मुहैया हो जाएगा। इसके बाद पहले की तरह सभी जांचे होनी शुरू हो जाएंगी। -डॉ. आईके राम चंदानी, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल