फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Innocent victims of cold diarrhea

कोल्ड डायरिया का शिकार हो रहे मासूम

Tue, 14 Dec 2021 12:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
Innocent victims of cold diarrhea
जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती मरीज।
जिला अस्पताल में भर्ती दो बच्चों का चल रहा है इलाज
विज्ञापन

एक दिसंबर से चिल्ड्रन वार्ड में 15 बच्चे हो चुके हैं भर्ती
लखीमपुर खीरी। ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा इससे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। सर्दी की चपेट में आकर मासूम कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम और खांसी का शिकार होकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। पिछले 13 दिन में कोल्ड डायरिया से पीड़ित 15 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हुए। इसमें से दो बच्चों का अभी इलाज चल रहा है। सुबह शाम की सर्दी को लेकर बरती गई लापरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है।
पिछले तीन-चार दिन से अचानक ठंड बढ़ गई है। शीत लहर का भी असर दिखने लगा है। कोल्ड डायरिया से पीड़ित उदयुपर महेवा निवासी रामेश्वर के 11 वर्षीय पुत्र रोहित, खीरी टाउन निवासी राम लखन की सात माह की बेटी गुड़िया, इमलिया सुल्तानपुर निवासी चांदबाबू के दो वर्षीय पुत्र अर्श का इलाज चिल्ड्रन वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा होता है। सर्दी की चपेट में कोल्ड डायरिया के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी की चपेट में मासूम बच्चे ज्यादा आ रहे हैं।
विज्ञापन

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि बच्चों को ठंड से बचाने के लिए एहतियात बरतनी बेहद जरूरी है, क्योंकि सर्दी बढ़ने से कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम, खांसी पीड़ित बच्चे ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के कारण करीब 60 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया, निमोनिया, खांसी, जुकाम के आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों के कमरे में हीटर न जलाएं
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल एवं एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित बताते हैं कि बच्चों के कमरे में हीटर, ब्लोअर न चलाएं। इससे कमरा गर्म तो हो जाएगा, लेकिन हवा में जो नमी होती है, वह खत्म होने से सूखापन आता है। इससे बच्चों की सांस की नली में सूजन आती है और सांस लेने में परेशानी होती है। कोशिश करें की गरम कपड़ों से ही ठंड से बच्चों का बचाव करें।

ठंड लगने के लक्षण
- सर्दी, जुकाम, खांसी होना
- गले का दुखना या खराश होना
- हल्का बुखार होना।

ऐसे करें ठंड से बचाव
- सुबह-शाम बच्चे को घर के अंदर रखें।
- सर्दी से बचने के लिए पर्याप्त गरम ऊनी कपड़े पहनें।
- सर्दी जुकाम वाले मरीजों से बच्चों को दूर रखें।
- गुनगुना तरल पदार्थ पिलाएं।
- बाहर की खाने पीने की चीजों का सेवन न करें।
- दो साल तक के बच्चों को मां का दूध ज्यादा पिलाएं।
- डायरिया होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
- एक साल तक के बच्चों को रोटा वायरस के टीके लगवाएं।
- खाने पीने की चीजों में साफ-सफाई का ध्यान रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed