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पुलिया के प्रति अफसर रहे उदासीन
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 20 Mar 2015 11:06 PM IST
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लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग पर सरायन नदी पुलिया की जर्जर हालत को लेकर विभागीय अधिकारियों का उदासीन रवैया सामने आया है, क्योंकि एक साल से पुलिया के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। पुलिया पर आवागमन बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए करीब छह माह से डायवर्जन मार्ग बनाया जा रहा है, जो अभी तक अधूरा है। इस पर भारी वाहन नहीं निकल सकते हैं, क्योेंकि बीच रास्ते में बिजली के खंभे खड़े हैं, जिन्हें हटाने की कवायद अभी कागजों तक सीमित है।
शाहजहांपुर जाने के लिए इसी मार्ग का बहुतायत में प्रयोग होता है। इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की दशा में वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इससे ज्यादा दिक्कत आसपास के गांवों के लोगों को होगी। गोला होकर मोहम्मदी जाने में करीब 25 किमी दूरी का फेर बढ़ जाएगा। इस पुलिया के पुनर्निर्माण के लिए करीब एक साल पहले प्रांतीय खंड ने शासन के पास प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। डायवर्जन मार्ग पर बिजली के तीन बिजली के खंभे हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे इसका निर्माण पूरा नहीं किया जा सका है। लिहाजा इस मार्ग को अभी भारी वाहनों के लिए नहीं खोला जा सकता है। बारिश के दौरान डायवर्जन मार्ग के डूबने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पुलिया का शीघ्र निर्माण ही एकमात्र उपाय होगा।
करीब तीन किमी दूरी तय कर स्कूल जाने वाली छात्राओं रेशमा, उपासना, अर्चना आदि ने पुलिया टूटने पर डायवर्जन मार्ग से निकलने की बात कही है। बारिश के दौरान डायवर्र्जन मार्ग के पानी में डूबने पर स्कूल जाने में दिक्कत की बात भी कही है।
वर्मानगर निवासी धर्मेंद्र चौहान का कहना है कि पुलिया के टूटने से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। बारिश में डायवर्जन मार्ग भी डूब सकता है।
इब्राहिमपुर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि डायवर्जन मार्ग पर अभी हल्की बारिश में निकलना मुश्किल हो गया था। जगह-जगह से मिट्टी धंस रही है, जिससे हादसे हो सकते हैं।
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शाहजहांपुर जाने के लिए इसी मार्ग का बहुतायत में प्रयोग होता है। इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की दशा में वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इससे ज्यादा दिक्कत आसपास के गांवों के लोगों को होगी। गोला होकर मोहम्मदी जाने में करीब 25 किमी दूरी का फेर बढ़ जाएगा। इस पुलिया के पुनर्निर्माण के लिए करीब एक साल पहले प्रांतीय खंड ने शासन के पास प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। डायवर्जन मार्ग पर बिजली के तीन बिजली के खंभे हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे इसका निर्माण पूरा नहीं किया जा सका है। लिहाजा इस मार्ग को अभी भारी वाहनों के लिए नहीं खोला जा सकता है। बारिश के दौरान डायवर्जन मार्ग के डूबने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पुलिया का शीघ्र निर्माण ही एकमात्र उपाय होगा।
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करीब तीन किमी दूरी तय कर स्कूल जाने वाली छात्राओं रेशमा, उपासना, अर्चना आदि ने पुलिया टूटने पर डायवर्जन मार्ग से निकलने की बात कही है। बारिश के दौरान डायवर्र्जन मार्ग के पानी में डूबने पर स्कूल जाने में दिक्कत की बात भी कही है।
वर्मानगर निवासी धर्मेंद्र चौहान का कहना है कि पुलिया के टूटने से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। बारिश में डायवर्जन मार्ग भी डूब सकता है।
इब्राहिमपुर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि डायवर्जन मार्ग पर अभी हल्की बारिश में निकलना मुश्किल हो गया था। जगह-जगह से मिट्टी धंस रही है, जिससे हादसे हो सकते हैं।
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