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राष्ट्रीय ध्वज के साये में हुई कांवड़यात्रा
गोला गोकर्णनाथ
Updated Mon, 17 Aug 2015 01:09 AM IST
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स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ की शाम छोटी काशी तिरंगा और केशरिया ध्वज फहराते आए कांवड़ियों के शिवभक्ति एवं राष्ट्रभक्ति के भजन और गीतों में सराबोर रही। धार्मिक और राष्ट्रीय ध्वज लगी कांवड़ लेकर आए शिव भक्तों की अनूठी कांवड़ पदयात्रा का इस नगरी में जगह जगह स्वागत किया गया।
शिव नगरी की दो, ग्राम तुर्कीखेड़ा की चार, धौरहरा तहसील के हसनपुर कटौली की पांच कांवड़े लेकर फरुर्खाबाद के गंगाघाट से खड़ेश्वरी कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं के शिव भक्तों के हर हर महादेव, बम भोले, भारत माता की जय, जयहिंद जय भारत के उद्घोष से नगरी गूंज उठी। कांवड़ यात्रा के आगे महंत मुकेश राठी आरती लिए महेश पटवारी शिवजी का चित्र लिए चल रहे थे। पीछे तिरंगा और धार्मिक ध्वज लगी कांवड़ लिए कांवड़िए थे। सबसे पीछे राष्ट्रीय ध्वज और धार्मिक ध्वजा लहराता कांवड़ रथ चल रहा था। जिस पर शिवजी के भजनों के साथ राष्ट्रीय गीत के कैसेट बज रहे थे। कांवड़ियों ने प्राचीन शिव मंदिर जाकर भोले बाबा का गंगाजल से अभिषेक कर आरती की।
महंत मुकेश राठी ने बताया कि उन्होंने 15 अगस्त की सुबह मोहम्मदी में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर जनगणमन गाने की बात कही थी, किंतु मौसम की खराबी के कारण उन्हें मोहम्मदी के पहले महमदपुर कला गांव में स्थित शिव मंदिर के सामने राष्ट्रीय ध्वज फहराना पड़ा।
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फरधान निवासी कथावाचक पं केशवराम शुक्ल के नेतृत्व में धुमराडीह के 80 कांवड़ियों ने राजघाट से गंगाजल भरकर पैदल कांवड़ लेकर पौराणिक शिव मंदिर में आकर जलाभिषेक किया है।
ममरी। सावन महीने के तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर गंगा जी के घाटों से जल भरकर गोला के प्राचीन शिव मंदिर और अहमदनगर के क्लेशहण मंदिर में जलाभिषेक करने वाले स्त्री पुरुष कांवड़ियों का गोला शाहजहांपुर और गोला-खुटार रोड पर सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार को बारिस होने के बाद भी पदयात्री कांवड़ियों का सिलसिला जारी रहा। शनिवार की हालत यह थी कि सड़कों पर एक तरफ बच्चों की रैली तो दूसरी तरफ कांवड़ियो का रैला चल रहा था जिस पर पुलिस की पैनी नजर थी। इस मौके पर सड़कों का वातावरण जयकारों से गूंज रहा था। रविवार की पूरी रात कांवड़ियों का आवागमन जारी रहा।
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शिव नगरी की दो, ग्राम तुर्कीखेड़ा की चार, धौरहरा तहसील के हसनपुर कटौली की पांच कांवड़े लेकर फरुर्खाबाद के गंगाघाट से खड़ेश्वरी कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं के शिव भक्तों के हर हर महादेव, बम भोले, भारत माता की जय, जयहिंद जय भारत के उद्घोष से नगरी गूंज उठी। कांवड़ यात्रा के आगे महंत मुकेश राठी आरती लिए महेश पटवारी शिवजी का चित्र लिए चल रहे थे। पीछे तिरंगा और धार्मिक ध्वज लगी कांवड़ लिए कांवड़िए थे। सबसे पीछे राष्ट्रीय ध्वज और धार्मिक ध्वजा लहराता कांवड़ रथ चल रहा था। जिस पर शिवजी के भजनों के साथ राष्ट्रीय गीत के कैसेट बज रहे थे। कांवड़ियों ने प्राचीन शिव मंदिर जाकर भोले बाबा का गंगाजल से अभिषेक कर आरती की।
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महंत मुकेश राठी ने बताया कि उन्होंने 15 अगस्त की सुबह मोहम्मदी में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर जनगणमन गाने की बात कही थी, किंतु मौसम की खराबी के कारण उन्हें मोहम्मदी के पहले महमदपुर कला गांव में स्थित शिव मंदिर के सामने राष्ट्रीय ध्वज फहराना पड़ा।
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फरधान निवासी कथावाचक पं केशवराम शुक्ल के नेतृत्व में धुमराडीह के 80 कांवड़ियों ने राजघाट से गंगाजल भरकर पैदल कांवड़ लेकर पौराणिक शिव मंदिर में आकर जलाभिषेक किया है।
ममरी। सावन महीने के तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर गंगा जी के घाटों से जल भरकर गोला के प्राचीन शिव मंदिर और अहमदनगर के क्लेशहण मंदिर में जलाभिषेक करने वाले स्त्री पुरुष कांवड़ियों का गोला शाहजहांपुर और गोला-खुटार रोड पर सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार को बारिस होने के बाद भी पदयात्री कांवड़ियों का सिलसिला जारी रहा। शनिवार की हालत यह थी कि सड़कों पर एक तरफ बच्चों की रैली तो दूसरी तरफ कांवड़ियो का रैला चल रहा था जिस पर पुलिस की पैनी नजर थी। इस मौके पर सड़कों का वातावरण जयकारों से गूंज रहा था। रविवार की पूरी रात कांवड़ियों का आवागमन जारी रहा।