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Lakhimpur Kheri News: लोक अदालत में किसी की दूरियां मिटीं, किसी की जेब आड़े आई

Sun, 13 Sep 2026 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 13 Sep 2026 02:21 AM IST
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In Lok Adalat, some people's distances were removed, while others' pockets were affected
परिवार न्यायालय में मौजूद दंपती। संवाद
लखीमपुर खीरी। लोक अदालत में शनिवार को लंबित मामलों के निपटारे के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे। यहां कई मामलों में आपसी समझौते से विवाद खत्म हुए। किसी के बीच की दूरियां मिटीं तो किसी ने मुकदमे का निपटारा कराया। वहीं, एक फरियादी टोकन मनी के रुपये नहीं होने के कारण मायूस होकर लौट गया।
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पति-पत्नी ने सुलह कर खत्म किया विवाद
मोहम्मदी के ग्राम तेंदुआ निवासी सतेंद्र की शादी सहिजना गोकुल निवासी पारुल से वर्ष 2023 में हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन होने लगी। इस बीच दोनों की एक बेटी भी हुई, लेकिन विवाद बढ़ता गया। मामला परिवार न्यायालय तक पहुंच गया।
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लोक अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई हुई। दोनों एक-दूसरे के साथ रहने को राजी हो गए। इसके बाद कोर्ट से हंसी-खुशी विदा हुए।
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भाइयों का मारपीट का विवाद भी सुलझा
बिजुआ निवासी श्रवण का अपने भाई हरिओम से खेत में पाइप निकालने को लेकर सात जनवरी 2026 को विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने के बाद दोनों के बीच दूरियां हो गईं। मारपीट से आहत श्रवण ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लोक अदालत में दोनों पक्षों को बुलाया गया। यहां दोनों ने आपसी समझौता कर लिया। इसके साथ ही मुकदमा भी निपट गया।
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टोकन मनी के रुपये नहीं थे, लौटना पड़ा
लखीमपुर के ग्राम गौरिया निवासी गोकुन ने किसान क्रेडिट कार्ड पर कुछ रुपये लिए थे। तय समय पर ऋण का भुगतान नहीं करने से बैंक का करीब दो लाख रुपये बकाया हो गया। गोकुन के पौत्र अजय पाल ने बताया कि उनके बाबा का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। उन्होंने कितना ऋण लिया था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

बैंक की ओर से लोक अदालत में पेश होने की जानकारी मिलने पर अजय पाल पहुंचे। उनके मुताबिक, वहां पता चला कि टोकन मनी के रूप में पांच हजार रुपये से अधिक जमा कराने के बाद ही सुनवाई होगी। रुपये नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
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