फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   In helplessness people are destroying their own homes

बेबसी ऐसी कि खुद ही तोड़ रहे खून पसीने की कमाई से बनाया आशियाना

Sun, 24 Jul 2022 11:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2022 11:38 PM IST
विज्ञापन
In helplessness people are destroying their own homes
घर तोड़ता हुआ मकान स्वामी - फोटो : LAKHIMPUR
धौरहरा। दशकों से घाघरा नदी तहसील व ईसानगर ब्लॉक क्षेत्र के गांवों को बाढ़ की विभीषिका दिखा रही है। ऊपर से बेबसी ऐसी कि सालों साल मेहनत और खून पसीने की कमाई से बनाए गए घरों को लोग कटान के डर से खुद ही उजाड़ रहे हैं। लेकिन, हर बार लाखों-करोड़ों के बजट से बालू भरी बोरियां व बांस-बल्ली के सहारे कटान को रोकने की कवायद होती है, लेकिन पक्का इंतजाम कुछ भी नहीं।
विज्ञापन

पिछले एक सप्ताह से घाघरा नदी के निकटवर्ती मिर्जापुरवा, नारी बेहड, रुद्रपुर, हटवा गांव सहित कई गांवों के बाशिंदों की नींद उड़ी हुई है। डर सता रहा है कि नदी के कटान में उनका घर न समा जाए। लिहाजा ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अपने ही हाथों से अपने घरों को उजाड़ने लगे हैं। मिर्जापुर के सैफुद्दीन जलालुद्दीन बताते हैं कि नदी का जलस्तर कम हो रहा है, जिससे नदी तेजी से कटान कर रही है।
विज्ञापन

नदी के कटान में सब कुछ बह जाने से अच्छा है कि कम से कम अपने घर से दरवाजे, खिड़की व साबुत ईंटों को निकाल लें, जिससे यही निर्माण सामग्री कहीं दूसरी जगह घर बनाने में काम आएगी। सरकार से राहत मिलना तो दूभर है। परिवार खुले आसमान के नीचे जिंदगी काटने को मजबूर हैं। तहसील प्रशासन की तरफ से आज तक भूमि व जमीन घर बनाने के लिए नहीं उपलब्ध कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जहां-तहां सड़क के किनारे हम लोग बस कर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इसका जीता जागता उदाहरण ईसानगर-सिसैया मार्ग पर सड़क किनारे बसी हुई कई बस्तियां हैं, जो वर्तमान में कटईला पुरवा के नाम से बस गई हैं। मिर्जापुर निवासी काल्पनिक नाम मोमिना के अनुसार बरसात और धूप में बच्चों को बचाना बहुत मुश्किल हो रहा है। खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। अभी तक सरकार की ओर से कोई तिरपाल भी मुहैया नहीं कराया गया है।

नदी कृषि भूमि का कटान कर रही है, अबादी के पास नहीं पहुंची है। एसडीओ बाढ़ खंड मौके पर बैंबू क्रैक डलवा रहे हैं, जिससे कटान रोकने की कोशिश की जा रही है। गनापुर से लेकर मिर्जापुर तक करीब 800 मीटर तक काम हो रहा है। चार दिन पहले से ही काम शुरू हो गया था। हालात सामान्य हैं। -धीरेंद्र सिंह, एसडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed