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जलसमाधि की चेतावनी पर जागा प्रशासन

Thu, 21 Jul 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन।
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन। Updated Thu, 21 Jul 2016 11:27 PM IST
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Immerse awakened administration's warning
bandh - फोटो : amar ujala
पुलिस फोर्स की मौजूदगी में सिंचाई विभाग ने शुरू किया काम 
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घाघी नाले पर गुरुवार को बाढ़ पीड़ितों की जलसमाधि की घोषणा से प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसी के चलते दो सेक्शन पीएसी और तीन थानों की पुलिस की मौजूदगी में सिंचाई विभाग ने कार्य शुरू करा दिया। एसडीएम रामप्रकाश ने देर से आने पर ठेकेदार को फटकार भी लगाई। तहसीलदार जगदीश सिंह की देखरेख में कार्य शुरू हुआ। उधर ग्राम पंचायत से कटान को रोकने के लिए पहले से ही कार्य कराया जा रहा है।
घाघी नाले पर बना बंधा फट जाने से रानीगंज, पुरैना, लुधौरी आदि गांव के बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश पनप रहा था। बुधवार को बाढ़ पीड़ितों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर  जलसमाधि की चेतावनी दी थी। गुरुवार की सुबह ही मोटर पीएसी, निघासन, सिंगाही और तिकुनियां थाने की पुलिस को मुस्तैद कर दिया गया था। दिन में करीब 11.30 बजे सिंचाई विभाग ने ठेकेदार दानिश अली और एक दर्जन मजदूरों को मौके पर भेजा। एसडीएम रामप्रकश ने देर से आने पर ठेकेदार की जमकर फटकार लगाई। उसके बाद कार्य शुरू कराया। बंधे के पास बैठे ग्रामीणों को एसओ मनोज सिंह ने खदेड़ दिया। ठेकेदार दानिश ने बताया कि गांवों से बांस को काटकर कटान वाले स्थान पर लगाया जाएगा। उसके बाद वहां पर बोरियों में खड़ंजा, बालू आदि भरकर कटान को रोका जाएगा। उधर ग्राम पंचायत से पंचायत सेक्रेटरी शिवप्रकाश दुबे ने भी एक दर्जन से अधिक मजदूरों को लगा रखा है। कार्य शुरू होने से बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली है। सिंचाई विभाग के किसी भी अधिकारी के मौके पर न पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। दोपहर बाद सिंगाही और तिकुनियां थाने की पुलिस लौट गई थी।  
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छावनी में तब्दील हुआ रानीगंज
गुरुवार सुबह से ही पुलिस का आना शुरू हो गया था। सबसे पहले एसओ निघासन मय फोर्स के साथ पहुंचे। उसके बाद पीएसी, तिकुनियां और सिंगाही एसओ पहुंचे। 
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सुबह से ही झूठ बोल रहे थे सिंचाई विभाग के अधिकारी
एसडीएम रामप्रकाश ने जब फोन पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मौके पर आने को कहा तो अधिकारियों ने सुबह पांच बजे ही शारदानगर से एक टीम रवाना होने की बात एसडीएम से कही। 40 किलोमीटर का रास्ता साढ़े छह घंटे में तय करने पर एसडीएम काफी नाराज दिखे। सिंचाई विभाग के झूठ बोलने की सूचना उन्होंने डीएम को फोन पर बताई।
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