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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   If the lack of resources is met and proper encouragement is provided, daughters can do wonders

Lakhimpur Kheri News: संसाधनों की कमी पूरी हो, मिले उचित प्रोत्साहन तो बेटियां कर दिखाएं कमाल

Wed, 17 Dec 2025 11:00 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 17 Dec 2025 11:00 PM IST
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If the lack of resources is met and proper encouragement is provided, daughters can do wonders
उमरा मतलूब
लखीमपुर खीरी। नगर में चल रहे नौ दिवसीय खेल महोत्सव में बालिकाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया है। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के साथ शुरू हुए इस आयोजन में क्रिकेट टूर्नामेंट आकर्षण का केंद्र रहा, जहां अलग-अलग स्कूलों की छात्राओं ने बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
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मैदान पर उनकी ऊर्जा, अनुशासन और आत्मविश्वास ने यह साबित कर दिया कि अवसर मिले तो बेटियां किसी से कम नहीं हैं। हालांकि, खेलों के क्षेत्र में जिले में संसाधनों की भारी कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। महिला खिलाड़ियों से बातचीत में भी इसकी टीस दिखी। उनका कहना है कि पर्याप्त मैदान, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, अनुभवी कोच और नियमित प्रतियोगिताओं के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे बढ़ने से पहले ही पीछे रह जाती हैं। इसके बावजूद बालिकाओं का जोश यह संदेश दे रहा है कि यदि उन्हें सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो वे जिला, प्रदेश ही नहीं, देश का नाम रोशन कर सकती हैं। जरूरत है तो केवल संसाधनों की कमी दूर करने और उन्हें निरंतर प्रोत्साहन देने की, ताकि ये उभरती खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकें।
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हमारे अंदर खेलने का जज्बा है। बस अच्छे कोच और अभ्यास की सुविधा मिल जाए तो हम बड़े स्तर पर खेल सकते हैं। मैं छह वर्षों से क्रिकेट खेल रही हूं।
- उमरा मतलूब, कप्तान, लामटीना टीम

लड़कियों के लिए अलग से सुविधाएं और नियमित टूर्नामेंट हों तो हमारा आत्मविश्वास और बढ़ सकता है। प्रतिदिन अभ्यास नहीं हो पाता, यही दिक्कत है।
- श्वेता, खिलाड़ी
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परिवार और स्कूल का सहयोग मिला है, अब जरूरत सरकारी स्तर पर संसाधन बढ़ाने की है। मैदान और माहौल मिल जाए ताे छात्राएं भी आगे बढ़ेंगी।
- गौरी सिंह, कप्तान, डॉन बाॅस्को टीम
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पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी हैं। इन छात्राओं में जबरदस्त प्रतिभा है, लेकिन संसाधनों की कमी सबसे बड़ी बाधा है। सही प्रशिक्षण, नियमित कैंप और मैच मिलने पर यही बेटियां प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
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- हर्षिता शुक्ला, कोच ला मटीना स्कूल

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

उमरा मतलूब

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