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पोस्टल बैलेट से मतदान की जताई इच्छा तो प्रशासन ने किया इनकार
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लखीमपुर खीरी। डीएस इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण के लिए बृहस्पतिवार को अनुदेशक, बीएलओ व लेखपाल पहुंचे तो कर्मियों ने पहले पोस्टल बैलेट से मतदान करने की इच्छा जताई। इस पर अधिकारियों ने उनकी मतदान कर्मी के तौर पर ड्यूटी न लगने का हवाला देते हुए मना कर दिया। इस पर अनुदेशक भड़क गए और प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे। अधिकारियों के हस्तक्षेप पर किसी तरह मामला शांत कराया गया, लेकिन अनुदेशकों ने प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया।
मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण डीएस इंटर कॉलेज में चल रहा था, जहां पर बृहस्पतिवार को अंतिम दिन मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण के लिए अनुदेशकों, लेखपालों व बीएलओ को बुलाया गया था। करीब 350 अनुदेशक व लेखपाल प्रशिक्षण के लिए पहुंचे, जहां पर मतदान कर्मियों का पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा था। अनुदेशकों ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने की इच्छा जताई तो अधिकारियों ने मतदान कराने से मना कर दिया। इसके बाद अनुदेशकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों ने किसी तरह अधिकारियों ने मामले को शांत कराया। अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष धीरज वर्मा, उपाध्यक्ष ज्ञानमेजय यादव ने कहा कि हमारी ड्यूटी दूसरे मतदान केंद्रों पर लगाई गई है। इसलिए मतदान करना हमारा भी अधिकार है, जिसके लिए पोस्टल बैलेट से मतदान करने की मांग की थी। जबकि जिला प्रशासन 90 प्रतिशत पार मतदान की मुहिम भी चला रहा है, लेकिन इस तरह कर्मियों को मतदान से वंचित करने से 90 प्रतिशत पार का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। करीब एक घंटे बाद अनुदेशक प्रशिक्षण किए बिना वापस चले गए। उपाध्यक्ष ज्ञानमेजय यादव ने बताया कि सूची जारी करके प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था, लेकिन मतदान ड्यूटी के लिए आदेश जारी नहीं किया गया था। अधिकारियों ने भी अनुदेशकों को बिना ट्रेनिंग वापस कर दिया।
पोलिंग पार्टियों में जिनकी ड्यूटी लगी है, उन्हीं का पोस्टल बैलेट से मतदान कराया गया है। अनुदेशकों ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मतदान कार्मिक के तौर पर ड्यूटी नहीं लगाई गई है। इसलिए उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा नहीं दी जा सकती है। अनुदेशकों को प्रशिक्षण नहीं दिया उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है।
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- अनिल कुमार सिंह, सीडीओ/प्रभारी अधिकारी कार्मिक
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मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण डीएस इंटर कॉलेज में चल रहा था, जहां पर बृहस्पतिवार को अंतिम दिन मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण के लिए अनुदेशकों, लेखपालों व बीएलओ को बुलाया गया था। करीब 350 अनुदेशक व लेखपाल प्रशिक्षण के लिए पहुंचे, जहां पर मतदान कर्मियों का पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा था। अनुदेशकों ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने की इच्छा जताई तो अधिकारियों ने मतदान कराने से मना कर दिया। इसके बाद अनुदेशकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों ने किसी तरह अधिकारियों ने मामले को शांत कराया। अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष धीरज वर्मा, उपाध्यक्ष ज्ञानमेजय यादव ने कहा कि हमारी ड्यूटी दूसरे मतदान केंद्रों पर लगाई गई है। इसलिए मतदान करना हमारा भी अधिकार है, जिसके लिए पोस्टल बैलेट से मतदान करने की मांग की थी। जबकि जिला प्रशासन 90 प्रतिशत पार मतदान की मुहिम भी चला रहा है, लेकिन इस तरह कर्मियों को मतदान से वंचित करने से 90 प्रतिशत पार का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। करीब एक घंटे बाद अनुदेशक प्रशिक्षण किए बिना वापस चले गए। उपाध्यक्ष ज्ञानमेजय यादव ने बताया कि सूची जारी करके प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था, लेकिन मतदान ड्यूटी के लिए आदेश जारी नहीं किया गया था। अधिकारियों ने भी अनुदेशकों को बिना ट्रेनिंग वापस कर दिया।
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पोलिंग पार्टियों में जिनकी ड्यूटी लगी है, उन्हीं का पोस्टल बैलेट से मतदान कराया गया है। अनुदेशकों ने पोस्टल बैलेट से मतदान करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मतदान कार्मिक के तौर पर ड्यूटी नहीं लगाई गई है। इसलिए उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा नहीं दी जा सकती है। अनुदेशकों को प्रशिक्षण नहीं दिया उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है।
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- अनिल कुमार सिंह, सीडीओ/प्रभारी अधिकारी कार्मिक