{"_id":"345d17bdddd3010bb2fa0e991dd0723e","slug":"identification-will-only-be-satisfied-by-withdrawal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहचान से संतुष्ट होने पर ही होगी नाम वापसी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहचान से संतुष्ट होने पर ही होगी नाम वापसी
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 28 Sep 2015 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर होने वाले चुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं नाम वापसी के दौरान प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि आरओ प्रत्याशी की पहचान से पूरा संतुष्ट होने के बाद ही उसका नामांकन वापस करें। इसके लिए नाम वापसी के समय प्रत्याशी द्वारा नामांकन के समय दी गई रसीद वापस लाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही आरओ प्रत्याशी के दस्तखत और जमा किए गए दस्तावेजों की भी पूरी तरह छानबीन करेंगे।
दरअसल पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों को मैदान से हटाने के लिए विरोधियों की ओर से तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। ऐसे में नाम वापसी एक मजबूत हथकंडा साबित होने की आशंका बनी रहती है। निर्वाचन आयोग ने इससे बचने के लिए प्रशासन को पहले ही सचेत कर दिया है ताकि प्रत्याशी के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी न होने पाए। आयोग ने कहा है कि नामांकन पत्रों की गहराई और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। प्रत्याशी का नाम साफ-साफ लिखा जाए और निर्धारित प्रारूप पर नामांकन को नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए। नामांकन निरस्त करने के उपयुक्त आधार होना जरूरी है। किसी भी प्रत्याशी का नामांकन निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही निरस्त किया जाए। आयोग ने साफ किया है कि प्रत्याशी को अपने पद के अन्य प्रत्याशियों के नामांकन पत्र के अवलोकन की अनुमति दी जा सकती है। नाम वापस लेने वाले प्रत्याशियों की सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। साथ ही निर्देश दिया गया है कि उम्मीदवारों की सूची तैयार कर उन्हें प्रतीक चिह्नों का आवंटन नियमानुसार पूर्ण सावधानी के साथ किया जाए। कोई त्रुटि न हो, इसके लिए जगरूकता की आवश्यकता है।
विज्ञापन
दरअसल पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों को मैदान से हटाने के लिए विरोधियों की ओर से तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। ऐसे में नाम वापसी एक मजबूत हथकंडा साबित होने की आशंका बनी रहती है। निर्वाचन आयोग ने इससे बचने के लिए प्रशासन को पहले ही सचेत कर दिया है ताकि प्रत्याशी के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी न होने पाए। आयोग ने कहा है कि नामांकन पत्रों की गहराई और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। प्रत्याशी का नाम साफ-साफ लिखा जाए और निर्धारित प्रारूप पर नामांकन को नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए। नामांकन निरस्त करने के उपयुक्त आधार होना जरूरी है। किसी भी प्रत्याशी का नामांकन निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही निरस्त किया जाए। आयोग ने साफ किया है कि प्रत्याशी को अपने पद के अन्य प्रत्याशियों के नामांकन पत्र के अवलोकन की अनुमति दी जा सकती है। नाम वापस लेने वाले प्रत्याशियों की सूची नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। साथ ही निर्देश दिया गया है कि उम्मीदवारों की सूची तैयार कर उन्हें प्रतीक चिह्नों का आवंटन नियमानुसार पूर्ण सावधानी के साथ किया जाए। कोई त्रुटि न हो, इसके लिए जगरूकता की आवश्यकता है।
विज्ञापन