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Lakhimpur Kheri News: कई बार कर चुके हैं शिकायत, लेकिन नहीं हो रहा समाधान
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पलिया तहसील में 11 बजकर 40 मिनट पर खाली पड़ी डीएम व एसपी की कुर्सी। संवाद
पलियाकलां। सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कई ऐसे फरियादी नजर आए, जिनको कई बार चक्कर लगाने के बाद भी अब तक न्याय नहीं मिल सका है। ऐसे ही कुछ फरियादियों से बात की गई तो उन्होंने अपनी समस्या बताने के साथ ही अपनी पीड़ा भी जाहिर की।
कई बार भीरा थाने गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई
पलिया। भीरा के दौलतापुर निवासी बरातीलाल पुत्र गोवर्धन ने कुछ लोगों पर जमीन की बिक्री करने के दौरान धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में रुपये मांगने पर गालियां देने के साथ मारपीट करने का आरोप कुछ लोगों पर लगाया है। बरातीलाल ने बताया कि घटना घटित होने और धोखाधड़ी से उसकी जमीन हथिया लेने की शिकायत लेकर वह कई बार भीरा थाने गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके कारण वह न्याय के लिए भटक रहे हैं। इससे पूर्व भी कई शिकायती पत्र दे चुके हैं। संवाद
अब तक नहीं बन सका दिव्यांगता प्रमाणपत्र
पलिया। पलिया के बसंतापुर कलां निवासी मीतावती पत्नी छोटे अपना दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहीं हैं। मीतावती ने बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाना चाहती हैं। इससे पूर्व भी कई बार प्रधान को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कागज दिए, लेकिन अब तक उसका प्रमाण पत्र बनकर नहीं आया है, जिससे उसको परेशानी हो रही है। बताया कि इससे पूर्व भी शिकायती पत्र उन्होंने दिया है। संवाद
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विपक्षी करना चाहते हैं जमीन पर कब्जा, नहीं हो रही कार्रवाई
पलिया। पलिया के नगला गांव निवासी मैकू पुत्र गोकरन ने घूरे की जमीन पर कब्जा करने का आरोप कुछ लोगों पर लगाया है। मैकू ने बताया कि करीब 50 साल पहले उसको ग्राम प्रधान द्वारा घूरा डालने व जानवर बांधने के लिए जमीन दी गई थी, जिस पर वह घूरा डाल रहा था। लेकिन विपक्षी की नीयत जमीन पर खराब हो गई है और वह अब कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। बेवजह उसको परेशान भी कर रहे हैं। मामले में कई शिकायती पत्र दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
पलिया। पलिया के ढाका गांव निवासी तोताराम पुत्र चंद्रिका प्रसाद ने शिकायती पत्र दिया है और बताया कि वह 2020 से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। चकमार्ग के लिए आदेश होने के बाद भी विपक्षी द्वारा दबंगई के चलते रास्ते के सामने झोपड़ी डाल दी गई है जिससे आना-जाना बंद हो गया है। लेखपाल पर भी आरोप लगाया कि कुर्रा न बनाने के चलते उक्त विपक्षी द्वारा दबंगई कर झोपड़ी डाली गई है। रास्ता न होने के कारण वह अन्य खेतों से होकर जाता है जिससे अन्य खेत वाले भी आपत्ति जताने लगे हैं। मामले में चकमार्ग से रास्ता दिलवाने की मांग की गई है।
नदी में समा चुके घर, अब तक नहीं मिला मुआवजा
- कटान पीड़ितों ने एसडीएम को सुनाई व्यथा
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। ब्लॉक ईसानगर के सैकड़ों कटान पीड़ित सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी फरियाद सुनाने पहुंचे।
डुड़की गांव निवासी पीड़ित अमरकांत, प्रमोद, अरुण, अम्बरीष, मनोरथ, हीरालाल, राजकुमारी, पराना, कुसुमा, आशा, पप्पू, हरिकांत, फूलमती, अनीता, मुन्नीदेवी, नीलम, प्रदीप, आशा देवी, केशन कुमारी, गोपाल, रजनीश आदि ने बताया कि उन लोगों के घर घाघरा नदी में समा चुके हैं। हम सब तिरपाल के नीचे रहते हैं। अब तक कोई सहायता राशि नहीं मिल सकी है। कई बार शिकायत की पर उन्हें मदद नहीं मिल सकी। धौरहरा एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि कटान पीड़ितों का सर्वे कराया जा चुका है। कुछ पीड़ितों की सहायता राशि उनके खातों भेजी जा चुकी है। शेष की भी भेजी जा रही है।
फोटो-- -12, 14, और 15
समय से अधिकारियों के न पहुंचने
पर भटकते देखे गए फरियादी
-10 बजे का समाधान दिवस 11:55 बजे पहुंचे डीएम और एसपी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलियाकलां। एक ही जगह सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों का समाधान करने के लिए शासन द्वारा चलाया जा रहा संपूर्ण समाधान दिवस मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है।
कई माह के बाद पहली बार जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का संपूर्ण समाधान दिवस होने पर फरियादी काफी संख्या में यहां पहुंचे, लेकिन समय से अधिकारियों के न आने के चलते उनको मायूसी का सामना करना पड़ा और वह अधीनस्थ अधिकारियों को अपनी शिकायतें देकर मायूस सा मुंह लेकर जाते दिखे। इससे संपूर्ण समाधान दिवस पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
सुबह दस बजे से शुरू हुए संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे पहले जिले से पहुंचने वाले अधिकारियों में सीडीओ अभिषेक कुमार रहे। 11:40 बजे तक डीएम, एसपी आदि आला अधिकारी समाधान दिवस से नदारद दिखाई दिए। जिससे करीब 15 से अधिक फरियादियों ने सीडीओ व एसडीएम कार्तिकेय सिंह को अपनी शिकायतें बताईं।
11:54 मिनट पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल व पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा तहसील पहुंचे और 11:55 बजे उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनना शुरू किया। इससे नाममात्र के फरियादी ही सभागार परिसर में दिखाई दिए।
करीब एक बजे तक डीएम व एसपी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनका निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। दोपहर 01:18 बजे डीएम व एसपी का काफिला तहसील से वापस रवाना हो गया। मात्र एक घंटा 23 मिनट ही फरियादियों के लिए डीएम व एसपी के पास समय दिखाई दिया। इसके कारण डेढ़ बजे के बाद आने वाले फरियादी दो बजे तक अधीनस्थ अधिकारियों को अपनी शिकायतें सुनाते नजर आए।
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कई बार भीरा थाने गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई
पलिया। भीरा के दौलतापुर निवासी बरातीलाल पुत्र गोवर्धन ने कुछ लोगों पर जमीन की बिक्री करने के दौरान धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में रुपये मांगने पर गालियां देने के साथ मारपीट करने का आरोप कुछ लोगों पर लगाया है। बरातीलाल ने बताया कि घटना घटित होने और धोखाधड़ी से उसकी जमीन हथिया लेने की शिकायत लेकर वह कई बार भीरा थाने गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके कारण वह न्याय के लिए भटक रहे हैं। इससे पूर्व भी कई शिकायती पत्र दे चुके हैं। संवाद
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अब तक नहीं बन सका दिव्यांगता प्रमाणपत्र
पलिया। पलिया के बसंतापुर कलां निवासी मीतावती पत्नी छोटे अपना दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहीं हैं। मीतावती ने बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाना चाहती हैं। इससे पूर्व भी कई बार प्रधान को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कागज दिए, लेकिन अब तक उसका प्रमाण पत्र बनकर नहीं आया है, जिससे उसको परेशानी हो रही है। बताया कि इससे पूर्व भी शिकायती पत्र उन्होंने दिया है। संवाद
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विपक्षी करना चाहते हैं जमीन पर कब्जा, नहीं हो रही कार्रवाई
पलिया। पलिया के नगला गांव निवासी मैकू पुत्र गोकरन ने घूरे की जमीन पर कब्जा करने का आरोप कुछ लोगों पर लगाया है। मैकू ने बताया कि करीब 50 साल पहले उसको ग्राम प्रधान द्वारा घूरा डालने व जानवर बांधने के लिए जमीन दी गई थी, जिस पर वह घूरा डाल रहा था। लेकिन विपक्षी की नीयत जमीन पर खराब हो गई है और वह अब कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। बेवजह उसको परेशान भी कर रहे हैं। मामले में कई शिकायती पत्र दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
पलिया। पलिया के ढाका गांव निवासी तोताराम पुत्र चंद्रिका प्रसाद ने शिकायती पत्र दिया है और बताया कि वह 2020 से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। चकमार्ग के लिए आदेश होने के बाद भी विपक्षी द्वारा दबंगई के चलते रास्ते के सामने झोपड़ी डाल दी गई है जिससे आना-जाना बंद हो गया है। लेखपाल पर भी आरोप लगाया कि कुर्रा न बनाने के चलते उक्त विपक्षी द्वारा दबंगई कर झोपड़ी डाली गई है। रास्ता न होने के कारण वह अन्य खेतों से होकर जाता है जिससे अन्य खेत वाले भी आपत्ति जताने लगे हैं। मामले में चकमार्ग से रास्ता दिलवाने की मांग की गई है।
नदी में समा चुके घर, अब तक नहीं मिला मुआवजा
- कटान पीड़ितों ने एसडीएम को सुनाई व्यथा
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। ब्लॉक ईसानगर के सैकड़ों कटान पीड़ित सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी फरियाद सुनाने पहुंचे।
डुड़की गांव निवासी पीड़ित अमरकांत, प्रमोद, अरुण, अम्बरीष, मनोरथ, हीरालाल, राजकुमारी, पराना, कुसुमा, आशा, पप्पू, हरिकांत, फूलमती, अनीता, मुन्नीदेवी, नीलम, प्रदीप, आशा देवी, केशन कुमारी, गोपाल, रजनीश आदि ने बताया कि उन लोगों के घर घाघरा नदी में समा चुके हैं। हम सब तिरपाल के नीचे रहते हैं। अब तक कोई सहायता राशि नहीं मिल सकी है। कई बार शिकायत की पर उन्हें मदद नहीं मिल सकी। धौरहरा एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि कटान पीड़ितों का सर्वे कराया जा चुका है। कुछ पीड़ितों की सहायता राशि उनके खातों भेजी जा चुकी है। शेष की भी भेजी जा रही है।
फोटो
समय से अधिकारियों के न पहुंचने
पर भटकते देखे गए फरियादी
-10 बजे का समाधान दिवस 11:55 बजे पहुंचे डीएम और एसपी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलियाकलां। एक ही जगह सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों का समाधान करने के लिए शासन द्वारा चलाया जा रहा संपूर्ण समाधान दिवस मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है।
कई माह के बाद पहली बार जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का संपूर्ण समाधान दिवस होने पर फरियादी काफी संख्या में यहां पहुंचे, लेकिन समय से अधिकारियों के न आने के चलते उनको मायूसी का सामना करना पड़ा और वह अधीनस्थ अधिकारियों को अपनी शिकायतें देकर मायूस सा मुंह लेकर जाते दिखे। इससे संपूर्ण समाधान दिवस पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
सुबह दस बजे से शुरू हुए संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे पहले जिले से पहुंचने वाले अधिकारियों में सीडीओ अभिषेक कुमार रहे। 11:40 बजे तक डीएम, एसपी आदि आला अधिकारी समाधान दिवस से नदारद दिखाई दिए। जिससे करीब 15 से अधिक फरियादियों ने सीडीओ व एसडीएम कार्तिकेय सिंह को अपनी शिकायतें बताईं।
11:54 मिनट पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल व पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा तहसील पहुंचे और 11:55 बजे उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनना शुरू किया। इससे नाममात्र के फरियादी ही सभागार परिसर में दिखाई दिए।
करीब एक बजे तक डीएम व एसपी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनका निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। दोपहर 01:18 बजे डीएम व एसपी का काफिला तहसील से वापस रवाना हो गया। मात्र एक घंटा 23 मिनट ही फरियादियों के लिए डीएम व एसपी के पास समय दिखाई दिया। इसके कारण डेढ़ बजे के बाद आने वाले फरियादी दो बजे तक अधीनस्थ अधिकारियों को अपनी शिकायतें सुनाते नजर आए।

पलिया तहसील में 11 बजकर 40 मिनट पर खाली पड़ी डीएम व एसपी की कुर्सी। संवाद

पलिया तहसील में 11 बजकर 40 मिनट पर खाली पड़ी डीएम व एसपी की कुर्सी। संवाद