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बारिश में गश्त घटने से बढ़ीं शिकार की घटनाएं
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लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद शिकारी जंगल में अवैध रूप से घुसने और शिकार करने में कामयाब रहे हैं। पिछले दो माह के अंदर ही दुधवा टाइगर रिजर्व में करीब दस शिकारी पकड़े जा चुके हैं। दो मामलों में तो शिकारियों के पास से चीतल का मांस भी बरामद हुआ है।
बारिश के मौसम में जंगल में गश्त घटने से शिकार और अवैध पेड़ों के कटान आदि की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए वन विभाग बारिश के मौसम में विशेष मानसून पेट्रोलिंग कराता है। बारिश के मौसम में इस पेट्रोलिंग को और तेज किया जाता है। वहीं एम स्ट्राइप पेट्रोलिंग साल भर चलती रहती है।
जंगल में हो रही मानसून पेट्रोलिंग और एम स्ट्राइप पेट्रोलिंग के बावजूद शिकारियों की जंगल के अंदर घुसपैठ और शिकार, पेड़ों का कटान जैसे वनापराधों को अंजाम देकर निकल जाना जंगल की सुरक्षा के दावों की पोल खोलता नजर आता है। स्थानीय शिकारी कुड़का और खाबड़ लगाकर मांस के लिए जंगली सुअर और हिरनों का शिकार करते हैं। कभी-कभी इनके लगाए कुड़कों में बाघ और तेंदुए भी फंस जाते हैं। पिछले एक माह के अंदर दुधवा टाइगर रिजर्व में कई शिकारी पकड़े गए, जिनके पास से बड़ी मात्रा में शिकार के उपकरण भी बरामद हुए थे।
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पिछले एक माह में पकड़े गए शिकारी
-पिछले माह 17 जून संपूर्णानगर रेंज में चीतल का मांस पकाते दो शिकारी पकड़े गए, जिनके पास से शिकार के उपकरण भी बरामद हुए।
-22 जून को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी रेंज में छह शिकारी पकड़े गए जिनके पास से चीतल का मांस और शिकार के उपकरण बरामद हुए।
-02 जुलाई को भीरा रेंज में जंगली सुअर के मांस समेत दो लोग गिरफ्तार किए गए।
-07 जुलाई को पलिया नगर में बाघ के दांत समेत शिकारी पकड़े गए।
-10 जुलाई को निघासन रेंज में जंगली जानवर को मारने के लिए लगाए गए कुड़के में फंसकर मोर की मौत।
-10 जुलाई को किशनपुर रेंज में बाघ के दांत समेत दो शिकारी पकड़े गए।
-12 जुलाई को किशनपुर में बाघ के दांत समेत दो गिरफ्तार।
-17 जुलाई को भीरा रेंज में शिकार के प्रयास में तीन शिकारी गिरफ्तार।
-19 जुलाई को मैलानी रेंज में रेड सैंड बुआ सांप समेत वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार।
बारिश के मौसम में जंगल के अंदर अवैध घुसपैठ, शिकार और पेड़ों के कटान का खतरा बढ़ जाता है। इसके मद्देनजर मानसून पेट्रोलिंग प्रभावी ढंग से कराई जा रही है। जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक दो महीनों में कई शिकारी पकड़े गए हैं। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन
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बारिश के मौसम में जंगल में गश्त घटने से शिकार और अवैध पेड़ों के कटान आदि की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए वन विभाग बारिश के मौसम में विशेष मानसून पेट्रोलिंग कराता है। बारिश के मौसम में इस पेट्रोलिंग को और तेज किया जाता है। वहीं एम स्ट्राइप पेट्रोलिंग साल भर चलती रहती है।
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जंगल में हो रही मानसून पेट्रोलिंग और एम स्ट्राइप पेट्रोलिंग के बावजूद शिकारियों की जंगल के अंदर घुसपैठ और शिकार, पेड़ों का कटान जैसे वनापराधों को अंजाम देकर निकल जाना जंगल की सुरक्षा के दावों की पोल खोलता नजर आता है। स्थानीय शिकारी कुड़का और खाबड़ लगाकर मांस के लिए जंगली सुअर और हिरनों का शिकार करते हैं। कभी-कभी इनके लगाए कुड़कों में बाघ और तेंदुए भी फंस जाते हैं। पिछले एक माह के अंदर दुधवा टाइगर रिजर्व में कई शिकारी पकड़े गए, जिनके पास से बड़ी मात्रा में शिकार के उपकरण भी बरामद हुए थे।
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पिछले एक माह में पकड़े गए शिकारी
-पिछले माह 17 जून संपूर्णानगर रेंज में चीतल का मांस पकाते दो शिकारी पकड़े गए, जिनके पास से शिकार के उपकरण भी बरामद हुए।
-22 जून को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी रेंज में छह शिकारी पकड़े गए जिनके पास से चीतल का मांस और शिकार के उपकरण बरामद हुए।
-02 जुलाई को भीरा रेंज में जंगली सुअर के मांस समेत दो लोग गिरफ्तार किए गए।
-07 जुलाई को पलिया नगर में बाघ के दांत समेत शिकारी पकड़े गए।
-10 जुलाई को निघासन रेंज में जंगली जानवर को मारने के लिए लगाए गए कुड़के में फंसकर मोर की मौत।
-10 जुलाई को किशनपुर रेंज में बाघ के दांत समेत दो शिकारी पकड़े गए।
-12 जुलाई को किशनपुर में बाघ के दांत समेत दो गिरफ्तार।
-17 जुलाई को भीरा रेंज में शिकार के प्रयास में तीन शिकारी गिरफ्तार।
-19 जुलाई को मैलानी रेंज में रेड सैंड बुआ सांप समेत वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार।
बारिश के मौसम में जंगल के अंदर अवैध घुसपैठ, शिकार और पेड़ों के कटान का खतरा बढ़ जाता है। इसके मद्देनजर मानसून पेट्रोलिंग प्रभावी ढंग से कराई जा रही है। जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक दो महीनों में कई शिकारी पकड़े गए हैं। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन