{"_id":"69d29b80dbc3144ed2043e7b","slug":"hundreds-of-hands-held-brooms-at-dudhwa-intersection-cleanliness-became-a-festival-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-172106-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: दुधवा तिराहे पर सैकड़ों हाथों ने थामी झाड़ू, स्वच्छता बना उत्सव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: दुधवा तिराहे पर सैकड़ों हाथों ने थामी झाड़ू, स्वच्छता बना उत्सव
Sun, 05 Apr 2026 10:57 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 05 Apr 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
पीएएलआईए पलिया संस्था के स्वच्छता अभियान में शामिल छात्र व अन्य। स्रोत : संस्था
पलियाकलां। शहर के व्यस्त दुधवा तिराहे पर रविवार को स्वच्छता अभियान सामाजिक उत्सव में बदल गया, जब सैकड़ों लोगों ने एक साथ झाड़ू उठाकर सफाई का संकल्प लिया।
पैशनेट अबाउट लाइफ इन अबेंडेंस (पीएएलआईए) के आह्वान पर कलाकार व डिजाइन प्रोफेसर गुरप्रीत श्ररा और जीवविज्ञानी अपूर्वा गुप्ता के नेतृत्व में अभियान शुरू हुआ। गुरुकुल एकेडमी और थारू छात्रावास के विद्यार्थियों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए माहौल में जोश भर दिया।
युवाओं को सफाई करते देख आसपास के दुकानदार, राहगीर और वन विभाग के स्वयंसेवक भी खुद को रोक नहीं पाए और श्रमदान में शामिल हो गए।
अभियान के दौरान शहर की एकजुटता भी देखने को मिली। तेज धूप में काम कर रहे लोगों के लिए एक जूस विक्रेता ने स्वेच्छा से गन्ने का रस उपलब्ध कराया। नगर पालिका ने तुरंत कचरा वाहन भेजकर एकत्र कूड़े का निस्तारण कराया।
विज्ञापन
संस्था की मार्गदर्शक गुरप्रीत श्ररा ने कहा कि यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति से टूटते रिश्तों को जोड़ने का प्रयास है। अपूर्वा गुप्ता ने कहा कि लोगों की बदली सोच बताती है कि सामूहिक प्रयास से पर्यावरण संतुलन फिर बहाल किया जा सकता है।
विज्ञापन
पैशनेट अबाउट लाइफ इन अबेंडेंस (पीएएलआईए) के आह्वान पर कलाकार व डिजाइन प्रोफेसर गुरप्रीत श्ररा और जीवविज्ञानी अपूर्वा गुप्ता के नेतृत्व में अभियान शुरू हुआ। गुरुकुल एकेडमी और थारू छात्रावास के विद्यार्थियों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए माहौल में जोश भर दिया।
विज्ञापन
युवाओं को सफाई करते देख आसपास के दुकानदार, राहगीर और वन विभाग के स्वयंसेवक भी खुद को रोक नहीं पाए और श्रमदान में शामिल हो गए।
अभियान के दौरान शहर की एकजुटता भी देखने को मिली। तेज धूप में काम कर रहे लोगों के लिए एक जूस विक्रेता ने स्वेच्छा से गन्ने का रस उपलब्ध कराया। नगर पालिका ने तुरंत कचरा वाहन भेजकर एकत्र कूड़े का निस्तारण कराया।
विज्ञापन
संस्था की मार्गदर्शक गुरप्रीत श्ररा ने कहा कि यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति से टूटते रिश्तों को जोड़ने का प्रयास है। अपूर्वा गुप्ता ने कहा कि लोगों की बदली सोच बताती है कि सामूहिक प्रयास से पर्यावरण संतुलन फिर बहाल किया जा सकता है।