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दुधवा में कितने वन्यजीव, सात मार्च से होगी गिनती
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दुधवा टाइगर रिजर्व में मादा बाघिन अपने शावकों के साथ।
पेड़-पौधों और वनस्पतियों के घनत्व का भी किया जाएगा आकलन
14 मार्च तक शाकाहारी जीवों के साथ ही हाथी, गैंडा और गिद्घ भी गिने जाएंगे
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व समेत उत्तर प्रदेश में चल रहे टाइगर इस्टीमेशन-2022 के अंतर्गत साइन सर्वे और शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या के आकलन का काम सोमवार सात मार्च से शुरू हो रहा है। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार बाघों के अनुमानीकरण के साथ ही शाकाहारी जीवों के साथ हाथी, गैंडा और गिद्घों की गणना भी की जाएगी। गणना का यह कार्य 14 मार्च तक चलेगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक के मुताबिक, तीन दिनों तक बाघ, तेेंदुआ समेत हाथी, हिरन और दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों की मौजूदगी के निशान देखकर उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाएगा। जैसे हाथियों की लीद, हिरनों और अन्य वन्यजीवों के मलमूत्र, पेड़ों के तनों पर बाघ पंजों की खरोंच आदि देखकर उनकी संख्या का फौरी अनुमान लगाया जाएगा। तीन दिन के साइन सर्वे के बाद दो दिनों तक ट्रांजिट सर्वे होगा। इसके तहत बीट को इकाई मानकर जंगल के अंदर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी।
इन ट्रांजिट लाइनों पर वनकर्मी दाएं बाएं देखते हुए ट्रांजिट वॉक करेंगे। ट्रांजिट सर्वे में सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक टीमें यह देखेंगी कि कहां पर कौन सी वनस्पतियां, झाड़ियां और पेड़-पौधे हैं और उनका घनत्व क्या है। घास के मैदानों में कौन कौन सी प्रजाति की घासें हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि शाकाहारी जीवों के लिए जंगल में भोजन उपलब्धता की स्थिति क्या है। इस सर्वे को विजिटेशन सर्वे का नाम दिया गया है। ट्रांजिट वॉक के दौरान टीमें रास्ते में दिखने वाले वन्यजीवों की गणना करते हुए उन्हें अपने रिकार्ड में अंकित करेंगे। अंतिम दिन पक्षियों की गणना होगी। इस तरह शाकाहारी वन्यजीवों और पक्षियों की गणना का काम 14 मार्च को पूरा होगा।
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टाइगर इस्टीमेशन के लिए दुधवा में लगेंगे 1250 कैमरे
टाइगर इस्टीमेशन के अंतिम चरण के तहत दुधवा में कैमरे लगाने की तैयारी शुरू हो गई। दुधवा नेशनल पार्क में कुल 1250 कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद से लगाए जा रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने 1250 कैमरे दुधवा पार्क प्रशासन को सौंप दिए हैं। यह कैमरे संबंधित कर्मचारियों को वितरित कर दिए गए हैं। विजीटेशन सर्वे पूरा होने के बाद यह कैमरे स्थापित किए जाएंगे। कैमरे लगने के बाद एक निर्धारित अवधि के पश्चात इनकी तस्वीरें निकालकर भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी जाएंगी। जहां धारियों का विश्लेषण कर बाघों की संख्या का अनुमान लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरी की जानी है।
टाइगर इस्टीमेशन 2022 के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सात मार्च से 14 मार्च तक शाकाहारी वन्यजीवों की गणना होगी। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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14 मार्च तक शाकाहारी जीवों के साथ ही हाथी, गैंडा और गिद्घ भी गिने जाएंगे
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व समेत उत्तर प्रदेश में चल रहे टाइगर इस्टीमेशन-2022 के अंतर्गत साइन सर्वे और शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या के आकलन का काम सोमवार सात मार्च से शुरू हो रहा है। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार बाघों के अनुमानीकरण के साथ ही शाकाहारी जीवों के साथ हाथी, गैंडा और गिद्घों की गणना भी की जाएगी। गणना का यह कार्य 14 मार्च तक चलेगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक के मुताबिक, तीन दिनों तक बाघ, तेेंदुआ समेत हाथी, हिरन और दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों की मौजूदगी के निशान देखकर उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाएगा। जैसे हाथियों की लीद, हिरनों और अन्य वन्यजीवों के मलमूत्र, पेड़ों के तनों पर बाघ पंजों की खरोंच आदि देखकर उनकी संख्या का फौरी अनुमान लगाया जाएगा। तीन दिन के साइन सर्वे के बाद दो दिनों तक ट्रांजिट सर्वे होगा। इसके तहत बीट को इकाई मानकर जंगल के अंदर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी।
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इन ट्रांजिट लाइनों पर वनकर्मी दाएं बाएं देखते हुए ट्रांजिट वॉक करेंगे। ट्रांजिट सर्वे में सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक टीमें यह देखेंगी कि कहां पर कौन सी वनस्पतियां, झाड़ियां और पेड़-पौधे हैं और उनका घनत्व क्या है। घास के मैदानों में कौन कौन सी प्रजाति की घासें हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि शाकाहारी जीवों के लिए जंगल में भोजन उपलब्धता की स्थिति क्या है। इस सर्वे को विजिटेशन सर्वे का नाम दिया गया है। ट्रांजिट वॉक के दौरान टीमें रास्ते में दिखने वाले वन्यजीवों की गणना करते हुए उन्हें अपने रिकार्ड में अंकित करेंगे। अंतिम दिन पक्षियों की गणना होगी। इस तरह शाकाहारी वन्यजीवों और पक्षियों की गणना का काम 14 मार्च को पूरा होगा।
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टाइगर इस्टीमेशन के लिए दुधवा में लगेंगे 1250 कैमरे
टाइगर इस्टीमेशन के अंतिम चरण के तहत दुधवा में कैमरे लगाने की तैयारी शुरू हो गई। दुधवा नेशनल पार्क में कुल 1250 कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद से लगाए जा रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने 1250 कैमरे दुधवा पार्क प्रशासन को सौंप दिए हैं। यह कैमरे संबंधित कर्मचारियों को वितरित कर दिए गए हैं। विजीटेशन सर्वे पूरा होने के बाद यह कैमरे स्थापित किए जाएंगे। कैमरे लगने के बाद एक निर्धारित अवधि के पश्चात इनकी तस्वीरें निकालकर भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी जाएंगी। जहां धारियों का विश्लेषण कर बाघों की संख्या का अनुमान लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरी की जानी है।
टाइगर इस्टीमेशन 2022 के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सात मार्च से 14 मार्च तक शाकाहारी वन्यजीवों की गणना होगी। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व