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गुणवत्ताहीन खाना खाकर कैसे स्वस्थ्य रहेंगे डॉक्टर और स्टाफ

Fri, 14 May 2021 12:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 12:11 AM IST
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How doctors and staff will stay healthy after eating quality food
नाश्ते और खाने के लिए मिलते हैं 500 रुपये, उसमें भी कटता है टीडीएस और जीएसटी
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सीएमओ बोले, भरपूर मात्रा में खाद्य सामग्री मौजूद है, स्टाफ जो चाहे वैसा खाना बनवाए
लखीमपुर खीरी। सिस्टम की उदासीनता की वजह से कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मी गुणवत्ताहीन खाना खाने के लिए मजबूर हैं। सेवा कार्य में जुटे स्टाफ का कहना है कि खाने में उन्हें अधपकी रोटियां, आलू एवं परवल की सब्जी के साथ अरहर व मसूर की दाल और सलाद के नाम पर प्याज के कुछ टुकडे़ मिल रहे हैं। इस खाने से इम्युनिटी मजबूत नहीं हो सकती है। वहीं सीएमओ का कहना है कि भरपूर मात्रा में खाद्य सामग्री मौजूद है, स्टाफ जो भी खाना चाहे कैंटीन में बनवा सकता है।
जगसड़ स्थित 250 बेड के कोविड अस्पताल में डॉक्टर सहित 35 कर्मचारियों की तैनाती है। इनकी ड्यूटी आठ- आठ घंटे की शिफ्ट में रहती है। इसमें स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, टेक्नीशियन, सफाईकर्मी आदि शामिल हैं। संक्रमितों का इलाज करने के दौरान स्टाफ पॉजिटिव न हो जाए, उनकी सेेहत का ध्यान रखते हुए योगी सरकार ने हर स्वास्थ्य कर्मी के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये का बजट जारी किया हुआ है, ताकी इन सभी को पौष्टिक नाश्ता और खाना मिल सके। पर हकीकत यह है कि स्टाफ को अधपकी रोटियां, आलू एवं परवल की सब्जी के साथ अरहर व मसूर की दाल और सलाद के नाम पर प्याज के कुछ टुकडे़ मिल रहे हैं। इसको लेकर मेडिकल स्टाफ कई बार नाराजगी भी जता चुका है। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि कोविड अस्पताल में ड्यूटी करने के लिए शरीर की इम्युनिटी काफी मजबूत होनी चाहिए। अन्यथा हम सब पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि पौष्टिक खाना और नाश्ता। मगर, कैंटीन से लंच पैकेट मिल रहा है उससे इम्युनिटी तो मजबूत होने से रही, उल्टे पेट खराब होने का खतरा जरूर रहता है। भले की सीएम ने नाश्ते और खाने के लिए 500 रुपये प्रति व्यक्ति बजट दिया हो, लेेकिन जो मिल रहा है कि उसकी कीमत 100-150 से ज्यादा की नहीं है।
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खाने को लेकर तीमारदार भी जता चुके हैं नाराजगी
अस्पताल की कैंटीन से मिलने वाले खाने को लेकर तीमारदारों में नाराजगी है। तीमारदारों का कहना है कि कोरोना से जंग जीतने के लिए इम्युनिटी बढ़ाने वाली डायट होनी चाहिए। मगर, जो खाना मिल रहा है, उससे इम्युनिटी बढ़ने के बजाय और घट जाएगी। तीमारदारों ने बताया कि अधपकी रोटियां खाकर पेट का हाजमा खराब होना निश्चित है। इसलिए कई लोग अपने मरीज के लिए खाना घर से मंगवाते हैं।
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समय से नहीं मिलता नाश्ता और खाना
तीमारदार हों या फिर मेडिकल स्टाफ, सभी की शिकायत है कि समय एवं मैन्यू के अनुसार न तो नाश्ता मिलता है न ही खाना। गाइडलाइन के अनुसार, सुबह सात बजे चाय, आठ से नौ के बीच नाश्ता, दोपहर 12 से एक खाना, शाम चार से पांच फिर चाय, रात आठ से नौ बजे तक खाना। नाश्ते में रोजाना बदलकर ब्रेड पकौड़ा, पोहा, आलू प्याज की पकौड़ी व कचौड़ी के साथ 200 एमएल दूध और शाम में चाय के साथ बिस्किट का प्रावधान है।
स्वास्थ्यकर्मी एवं मरीज के खाने का मैन्यू
दिन दोपहर का खाना रात का खाना
रविवार छोला सब्जी, अरहर दाल, एक पीस छेना -आलू परवल की सूखी सब्जी, मसूर दाल व एक सेब
सोमवार मटर पनीर, अरहर दाल, एक सेब - भिंडी की सब्जी, चने की दाल, मीठा
मंगलवार मशरूम, मूंग दाल, एक लड्डू - कद्दू की सब्जी, अरहर दाल, एक सेब।
बुुधवार राजमा, मिक्स सब्जी, एक केला - मटर पनीर की सब्जी, मसूर दाल, एक सेब
बृहस्पतिवार कढ़ी चावल, मिक्स सब्जी, एक केला - भिंडी की सब्जी, चना दाल, एक पीस कालाजाम
शुक्रवार छोला पूडी, खीर एवं रायता - मिक्स वेज, अरहर दाल, एक कालाजाम
शनिवार मशरूम, अरहर दाल, एक केला कटहल की सूखी सब्जी, अरहर दाल, एक मीठा
नोट= (दोपहर के खाने में चार रोटी एवं रात के खाने में पांच रोटी सहित दोनों समय चावल और सलाद)
500 खाने और 500 रुपये रहने एवं लांड्री के लिए दे रही सरकार
अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने 16 अप्रैल को जारी आदेश में सी श्रेणी के शहर में संक्रमितों का इलाज कर रही मेडिकल टीम के खाने के लिए 500 रुपये प्रतिदिन, प्रति व्यक्ति एनएचएम के कोविड-19 बजट से खर्च करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों के रहने के लिए सरकारी गेस्ट हाउस एवं अन्य सरकारी आवासीय व्यवस्था न होने की स्थिति में होटल में व्यवस्था के निर्देश हैं। इस तरह मेडिकल टीम की आवासीय सुविधा मय लांड्री एवं भोजन के लिए एक हजार रुपये का प्रावधान किया है।
विधानमंडल समिति ने ठेकेदार को काली सूची में करने के दिए थे निर्देश
पिछले दिनों महिला अस्पताल का निरीक्षण करने के दौरान विधानमंडल समिति अध्यक्ष सरिता यादव को महिला अस्पताल की कैंटीन में तमाम गड़बड़ियां मिली थीं, जिस पर उन्होंने सीएमओ को ठेकेदार को काली सूची में डालने के निर्देश दिए। मगर, उनके जाने के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई और नतीजा सामने है।

13 एलकेएच 3
खाना एवं नाश्ते के लिए शासन द्वारा 500 रुपये निर्धारित हैं, जिसमें से 18 प्रतिशत जीएसटी और टीडीएस कटकर करीब 390 रुपये में ठेकेदार खाना दे रहा है। कोविड अस्पताल में खाना बनाने के लिए कोई मिल भी नहीं रहा। वैसे खाद्य सामग्री वहां मौजूद हैं। मेडिकल स्टाफ जो खाना चाहें वह बनवा सकते हैं।
- मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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