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Lakhimpur Kheri News: दलदल में धंसी उम्मीदें, सुजईकुंडा पुल का निर्माण अटका
Wed, 06 May 2026 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 06 May 2026 11:20 PM IST
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देवाशीष त्रिवेदी पंडित पुरवा
धौरहरा। क्षेत्र के लोगों का बहुप्रतीक्षित सुजईकुंडा पुल एक बार फिर अधर में लटक गया है। करीब 40 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद इस पुल को शासन से स्वीकृति मिली थी और सवा दो करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित हुआ।
22 जनवरी, 2026 को विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने हवन-पूजन के साथ शिलान्यास किया था, जिससे ग्रामीणों में निर्माण को लेकर उम्मीद जगी थी, लेकिन अब जलस्रोत और दलदल के कारण काम ठप हो गया है।
धौरहरा तहसील मुख्यालय को पंडितपुरवा, सुजईकुंडा सहित करीब 20 गांवों से जोड़ने वाला यह पुल लंबे समय से अधूरा है। पुल न बनने से विद्यार्थियों सहित हजारों लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव के दौरान निर्माण के वादे होते रहे, लेकिन जमीनी स्तर पर काम आगे नहीं बढ़ सका।
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तीन वर्ष पूर्व इस मांग को लेकर विद्यार्थियों ने धौरहरा बाइपास पर जाम लगाया था। इस दौरान शिक्षा संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश गंभीर समेत करीब 105 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में विधायक विनोद शंकर अवस्थी और सांसद आनंद भदौरिया की पैरवी पर पुल को शासन से स्वीकृति मिली।
शिलान्यास के बाद जेसीबी से खोदाई शुरू की गई और निर्माण सामग्री भी मौके पर पहुंच गई थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द पुल बनकर तैयार होगा, लेकिन खोदाई के दौरान नदी क्षेत्र में अत्यधिक जलस्रोत और दलदल मिलने से फाउंडेशन तैयार नहीं हो सका, जिसके चलते निर्माण कार्य रोक दिया गया।
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धौरहरा मुख्यालय से जुड़ने के लिए पुल का निर्माण बेहद जरूरी है। वैकल्पिक रास्ता भी खोद दिया गया है, जिससे बरसात में परेशानी बढ़ेगी।
-देवाशीष त्रिवेदी, पंडित पुरवा
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सुजईकुंडा पुल के निर्माण में राजनीति नहीं होनी चाहिए। तकनीकी समस्या को दूर कर जल्द निर्माण शुरू कराया जाए। इससे लोगों को सहूलियत होगी।
-रमाशंकर शुक्ला, धौरहरा
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नदी में अधिक दलदल होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा गया है और जल्द प्रमुख सचिव से मिलकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हम चाहते हैं कि पुल का निर्माण जल्द पूरा हो।
-आनंद भदौरिया, सांसद धौरहरा
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खोदाई के दौरान अधिक जलस्रोत मिलने से दलदल की स्थिति बन गई, जिससे फाउंडेशन तैयार नहीं हो पा रहा है। नया प्रस्ताव भेजा गया है और अगले सप्ताह तक काम दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-विनोद शंकर अवस्थी, विधायक धौरहरा
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22 जनवरी, 2026 को विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने हवन-पूजन के साथ शिलान्यास किया था, जिससे ग्रामीणों में निर्माण को लेकर उम्मीद जगी थी, लेकिन अब जलस्रोत और दलदल के कारण काम ठप हो गया है।
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धौरहरा तहसील मुख्यालय को पंडितपुरवा, सुजईकुंडा सहित करीब 20 गांवों से जोड़ने वाला यह पुल लंबे समय से अधूरा है। पुल न बनने से विद्यार्थियों सहित हजारों लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव के दौरान निर्माण के वादे होते रहे, लेकिन जमीनी स्तर पर काम आगे नहीं बढ़ सका।
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तीन वर्ष पूर्व इस मांग को लेकर विद्यार्थियों ने धौरहरा बाइपास पर जाम लगाया था। इस दौरान शिक्षा संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश गंभीर समेत करीब 105 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में विधायक विनोद शंकर अवस्थी और सांसद आनंद भदौरिया की पैरवी पर पुल को शासन से स्वीकृति मिली।
शिलान्यास के बाद जेसीबी से खोदाई शुरू की गई और निर्माण सामग्री भी मौके पर पहुंच गई थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द पुल बनकर तैयार होगा, लेकिन खोदाई के दौरान नदी क्षेत्र में अत्यधिक जलस्रोत और दलदल मिलने से फाउंडेशन तैयार नहीं हो सका, जिसके चलते निर्माण कार्य रोक दिया गया।
धौरहरा मुख्यालय से जुड़ने के लिए पुल का निर्माण बेहद जरूरी है। वैकल्पिक रास्ता भी खोद दिया गया है, जिससे बरसात में परेशानी बढ़ेगी।
-देवाशीष त्रिवेदी, पंडित पुरवा
सुजईकुंडा पुल के निर्माण में राजनीति नहीं होनी चाहिए। तकनीकी समस्या को दूर कर जल्द निर्माण शुरू कराया जाए। इससे लोगों को सहूलियत होगी।
-रमाशंकर शुक्ला, धौरहरा
नदी में अधिक दलदल होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजा गया है और जल्द प्रमुख सचिव से मिलकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हम चाहते हैं कि पुल का निर्माण जल्द पूरा हो।
-आनंद भदौरिया, सांसद धौरहरा
खोदाई के दौरान अधिक जलस्रोत मिलने से दलदल की स्थिति बन गई, जिससे फाउंडेशन तैयार नहीं हो पा रहा है। नया प्रस्ताव भेजा गया है और अगले सप्ताह तक काम दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-विनोद शंकर अवस्थी, विधायक धौरहरा

देवाशीष त्रिवेदी पंडित पुरवा

देवाशीष त्रिवेदी पंडित पुरवा