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Lakhimpur Kheri News: चार साल बाद जगी उम्मीद, अगले माह शिल्पग्राम के उद्घाटन की तैयारी

Tue, 12 Aug 2025 10:48 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 12 Aug 2025 10:48 PM IST
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Hope has risen after four years, preparations for inauguration of Shilpgram next month
30 जुलाई के अंक में प्रका​शित खबर। संवाद
लखीमपुर खीरी। चंदन चौकी में बना थारू शिल्पग्राम के संचालन की उम्मीद जगी है। इसके 20 सितंबर को उद्घाटन कराने की तैयार है। इससे जहां पर्यटकों को थारू जन जाति की संस्कृति, व्यंजन, पहनावे को करीब दिखाने का मौका मिलेगा तो वहीं थारू जनजातियों की आय बढ़ने के साथ ही उनकी देश-विदेश तक विशेष पहचान बढ़ेगी।
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बाॅर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत वर्ष 2021 में शिल्पग्राम का निर्माण पूरा होने के बाद जनजाति विभाग को यह हस्तांतरित कर दिया गया था। विभागीय अफसरों ने शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी नहीं चल सका। अनदेखी में धीरे-धीरे शिल्पग्राम भवन की रौनक फीकी होती गई। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 30 जुलाई के अंक में 1.70 करोड़ रुपये फूंके, चार साल बाद भी शिल्पग्राम शुरू नहीं... शीर्षक के नाम से खबर प्रकाशित की।
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जिला प्रशासन से संज्ञान लेते हुए शासनस्तर पर इसके संचालन की बात रखी, जिसके बाद 20 सितंबर को चालू करने की उम्मीद जगी है। दो दिन पहले ही इको टूरिज्म निदेशक प्रखर मिश्रा लखीमपुर आए और प्रशासन के बैठक कर रणनीति तैयार की। शिल्पग्राम चालू होने के बाद पहली बार दशहरा मेला और दुधवा महोत्सव भी कराया जाएगा। साथ ही पूरा परिसर सौर ऊर्जा से संतृप्त किया जाएगा।
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10 दुकानों व चार कमरों का है शिल्पग्राम
-शिल्पग्राम में चार कमरे बने हैं, जिसमें होटल जैसे सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई है। कमरों में रखने वाली हर एक वस्तु पहले ही खरीदी जा चुकी है। शिल्पग्राम में एक साथ चार परिवार आसानी से ठहर सकते हैं। परिसर में 10 दुकानें है। इन दुकानों पर थारू जनजाति से संबंधित खाद्य पदार्थ, जड़ी-बूटी, हस्तशिल्प सहित सभी प्रकार की सामग्रियों की बिक्री की जाएगी। थारू जनजाति की महिलाएं 30 से 35 प्रकार के हस्तशिल्प तैयार करती हैं। वहां पर रेस्टोरेंट की भी व्यवस्था रहेगी।
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संस्कृति विभाग को प्रचार-प्रसार की जिम्मेदार
थारू जनजातियों व उनके शिल्पग्राम के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदार संस्कृति विभाग को दी गई कि एक वेबसाइट बनाकर प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जाने और अधिक से अधिक लोग यहां आए। थारूओं की संस्कृति को करीब से जाने। इधर, शिल्पग्राम परिसर में थारू म्यूजियम बना है, जिसमें थारू जनजाति की पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, लोकगीत, नृत्य और दैनिक जीवन की झलकियां प्रदर्शित करने के निर्देश संस्कृति विभाग को दिए गए।

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पांच सदस्यीय कमेटी के हाथ में होगी डोर
-जनजाति की पांच सदस्यीय कमेटी के साथ शिल्पग्राम की डोर होगी। कमेटी में तीन महिलाएं व दो पुरुष होंगी। इसके अलावा प्रत्येक दुकानों का आवंटन महिलाओं को कराया जाएगा। इसके लिए महिलाओं के चयन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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वर्जन
इको टूरिज्म निदेशक व जिलाधिकारी के प्रयासों से शिल्पग्राम के चालू होने की उम्मीद जगी है। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई।
-यूके सिंह, परियोजना अधिकारी जनजाति विभाग

30 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद

30 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद

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