एकता की मिसाल: लखीमपुर खीरी के गंगापुरवा में मुसलमानों के साथ हिंदुओं ने मनाया तीजा, ताजिये किए दफन
गांव के लोगों ने बताया कि यहां के लोग हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए सदियों से तीजा मनाते आ रहे हैं। मुसलमानों के साथ ताजिया के जुलूस में शामिल होते हैं।
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लखीमपुर खीरी के मझगईं क्षेत्र में हसन और हुसैन की याद में गंगापुरवा के हिंदू समाज के लोगों ने हर साल की तरह इस बार भी तीजा मनाया। सोमवार को गांव के बाहर ताजियों का मेला लगा। जुलूस के बाद गमगीन माहौल में ताजियों को दफन किया गया।
कोठिया के मजरा गंगापुरवा गांव हिंदू बाहुल्य हैं। यहां के लोग काफी अर्से से मोहर्रम की दस तारीख को सच्चाई और ईमानदारी के खातिर कर्बला के मैदान में हसन हुसैन की शहादत पर तीजा का मनाते आ रहे हैं। मोहर्रम की 11 तारीख की शाम ताजियों को चौक पर रखा गया।
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कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए ताजिये
हिंदू मुस्लिम समाज के लोगों ने नियात फातिहा दिलाकर मन्नतें मांगी। सोमवार दोपहर बाद रपटा पुल के पास लगे मेले में ताजियों को अकीदत के साथ ले जाया गया। देर शाम गमगीन माहौल में नम आंखों से ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
नीरज कुमार, मुन्ना नाग, लल्लूराम, भारत आदि ने बताया कि यहां के लोग हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए सदियों से तीजा मनाते आ रहे हैं। प्रधान रमाशंकर जाटव ने मेलास्थल की साफ-सफाई कराकर रास्ते पर दो ट्राली मिट्टी डलवाकर ताजिया निकलने का रास्ता सही कराया।