फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   High speed of vehicles in the forest became fatal for wildlife

वन्यजीवों के लिए जानलेवा हुई जंगल में वाहनों की तेज रफ्तार

Tue, 28 Sep 2021 12:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Sep 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
High speed of vehicles in the forest became fatal for wildlife
दुधवा के बफर जोन में घूमते बाघ। (फाइल फोटो)

दुधवा टाइगर रिजर्व कोर जोन और बफर जोन में हैं कई व्यस्त सड़कें
विज्ञापन

जंगल के अंदर भी निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करते वाहन चालक

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल से होकर गुजरने वाले तेज रफ्तार वाहन बाघ, तेंदुओं समेत दुर्लभ वन्यजीवों के लिए मौत का कारण बनते जा रहे हैं। हालांकि जंगल से गुजरते वक्त वाहनों की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रतिघंटा तय है, जिसका वाहन चालक पालन नहीं करते। इस कारण आए दिन वाहनों से टकराकर वन्यजीवों की मौत हो रही है।
रविवार को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के मैलानी रेंज की भरिगवां और महुरेना बीट जंगल के बीच से गुजरने वाले गोला-खुटार हाईवे पर किसी वाहन की चपेट में आकर एक बाघ के मादा शावक की मौत हो गई थी। शव के पोस्टमार्टम में बाघ शावक की मौत सड़क हादसे में होने की पुष्टि हुई है। जंगल से होकर गुजरने वाली सड़कों पर कहीं बैरियर भी नहीं हैं। न ही गति सीमा नियंत्रण का कोई साधन है। इन सड़कों पर रात दिन वाहन तेज रफ्तार से फर्राटा भरते हैं। हर साल वाहनों की तेज रफ्तार वाहन वन्यजीवों की जान ले रही है।
विज्ञापन

दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल से होकर कई सड़कें हैं जिनपर हल्के से भारी वाहन गुजरते हैं। इनमें मैलानी-भीरा रोड, पलिया-गौरीफंटा रोड, पलिया चंदनचौकी रोड दुधवा टाइगर रिजर्व के कोर जोन से होकर गुजरती हैं। गोला-खुटार हाईवे, भीरा-कुकरा, कुकरा गोला जैसी हर समय व्यस्त रहने वाली सड़कें दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन से होकर गुजरती हैं। जिनपर दिन रात वाहनों का आवागमन रहता है। इसी तरह रेलवे लाइन भी दुधवा टाइगर रिजर्व के कोर जोन से होकर गुजरती है। रेलवे भी गति सीमा का पालन नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सड़क हादसों में बाघ और अन्य वन्यजीवों की मौत की प्रमुख घटनाएं

  • 1997-किशनपुर सेंक्चुरी में सड़क पार करते समय वाहन की चपेट में आकर बाघ की मौत
  • 2011-पुवायां रेंज में सड़क हादसे में बाघ की मौत।
  • 2011-भीरा पलिया रोड पर सड़क हादसे में बाघ की मौत, शव कई दिन बाद मिला।
  • 2011-भीरा खुटार पर वाहन की चपेट में आकर बाघ की मौत।
  • 2012-मैलानी रेंज के महुरेना जंगल में सड़क हादसे मे बाघ की मौत शव कई दिन बाद मिला।
  • 2012-किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी भीरा रोड पर वाहन की चपेट में आकर बाघिन की मौत
  • 18 जनवरी 2015- किशनपुर सैक्चुरी की मैलानी भीरा रोड पर कुरियानी के पास वाहन की चपेट में नर तेंदुए की मौत।
  • 18 अगस्त 2017-कर्तनियाघाट में गोड़ा मैलानी रेल लाइन पर ट्रेन की चपेट में आकर बाघिन की मौत।
  • 24 जनवरी 2018-किशनपुर सेँक्चुरी की मैलानी भीरा रोड पर वाहन की चपेट में आकर चीतल की मौत।
  • 02 दिसंबंर 2018-मैलानी भीरा रोड पर वाहन की चपेट में आकर चीतल की मौत।
  • 10 जुलाई 2020-दुधवा में वाहन की चपेट में आकर चीतल की मौत।

जंगल के रास्तों पर गुजरने वाले वाहनों की अधिकतम गति सीमा 30 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित है। इससे अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। दुर्घटना में वन्यजीवों की मौत होने पर कठोर दंड का प्रावधान है। इस नियम को कड़ाई से लागू किया जाएगा। - संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed