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बाढ़ में बेबसी: बहन का शव कंधे पर लादकर पांच किमी पैदल चले भाई, बेहतर उपचार न मिलने पर हो गई थी मौत

Fri, 12 Jul 2024 06:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 12 Jul 2024 06:29 AM IST
सार

लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ के चलते पलिया कस्बा टापू में तब्दील हो गया। आवागमन बंद होने के कारण दोनों भाई बीमार बहन को बेहतर इलाज के लिए बाहर नहीं ले जा सके। बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई। 

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Brother walked five kms carrying sister dead body on his shoulder in lakhimpur kheri
बहन का शव कंधे पर लादकर गांव जाते भाई। - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

लखीमपुर खीरी जिले में बाढ़ से हालात भयावह हैं। बाढ़ के बीच बेबसी का दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। समुचित इलाज न मिल पाने से एक किशोर की हो गई। मौत के बाद बहन का शव कंधे पर लादकर भाइयों को पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, तब वे गांव पहुंच सके। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है।

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मामला मैलानी थाना के गांव एलनगंज महाराज नगर का है। बताते हैं कि गांव की 15 वर्षीय शिवानी की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे पलिया के अस्पताल में भर्ती कराया था। शिवानी को टाइफाइड था। परिजनों ने बताया कि बरसात के चलते पलिया शहर टापू में तब्दील हो गया। आवागमन बंद होने के कारण वे बेहतर इलाज के लिए बहन को बाहर नहीं ले जा सके, जिससे मौत हो गई।
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यह भी बताया कि मौत के बाद शव गांव ले जाने की कोई व्यवस्था न होने पर उन्होंने नाव से नदी पार की और पांच किलोमीटर शव कंधे पर लादकर गांव आए। बहन का शव कंधे पर लादकर ले जाने का वीडियो भी वायरल हुआ है। गांव के प्रधान ने भी इस बात की पुष्टि की है।
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मझगई इलाके में दो वर्षीय बच्ची को हो गई थी मौत 
एक दिन पहले इसी तरह का मामला मझगई थाना क्षेत्र में सामने आया था। यहां समय पर एंबुलेंस नहीं आई, जिससे बीमार बच्ची को उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। मझगई के गांव सेमरहिया निवासी राकेश की दो वर्षीय बेटी को बुखार आ रहा था। बाढ़ में रास्तों पर पानी भरा होने की वजह से परिजन उसे इलाज के लिए कहीं ले नहीं जा पा रहे थे। स्वास्थ्य टीम गांव भी नहीं पहुंची। 
परिजनों के अनुसार क्षेत्रीय लेखपाल ने बुखार से पीड़ित बच्ची को बुधवार सुबह सलीमाबाद चौराहे पर लाने का कहा था। चौराहे पर एंबुलेंस मिलने की बात कही थी। राकेश, पत्नी के साथ बच्ची को लेकर सुबह सात बजे चौराहे पर पहुंच गए, लेकिन एंबुलेंस 11 बजे आई, तब तक बच्ची की मौत हो गई। 

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