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Lakhimpur Kheri News: शिव-विवाह की कथा सुन गूंजे महादेव के जयकारे
Thu, 06 Aug 2026 11:13 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:13 PM IST
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ऋषि आश्रम में कथा सुनाते कथावाचक योगेंद्र महाराज। संवाद
लखीमपुर खीरी। पंजाबी कॉलोनी स्थित ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के दौरान बृहस्पतिवार को अयोध्या से पधारे कथावाचक योगेंद्र महाराज ने भगवान शिव की दिव्य बरात और माता पार्वती के साथ उनके विवाह का मनोहारी प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए और पूरा पंडाल हर-हर महादेव व बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।
कथावाचक योगेंद्र महाराज ने कहा कि भगवान शिव की बरात का स्वरूप अद्भुत और अलौकिक था। बारात में देवताओं के साथ भूत, प्रेत, पिशाच और शिवगण भी शामिल हुए।
भगवान शिव का वैराग्यपूर्ण स्वरूप देखकर माता पार्वती की माता मैना सहित सभी लोग पहले आश्चर्यचकित हुए, लेकिन बाद में भगवान शिव ने अपना दिव्य रूप प्रकट कर सभी को दर्शन दिए। इसके बाद विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती का विवाह त्याग, तपस्या, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक है। यह प्रसंग सिखाता है कि सच्चा प्रेम बाहरी रूप नहीं, बल्कि आंतरिक गुणों और श्रद्धा पर आधारित होता है। भगवान शिव का जीवन सरलता, करुणा और समभाव का संदेश देता है।
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कथावाचक योगेंद्र महाराज ने कहा कि भगवान शिव की बरात का स्वरूप अद्भुत और अलौकिक था। बारात में देवताओं के साथ भूत, प्रेत, पिशाच और शिवगण भी शामिल हुए।
भगवान शिव का वैराग्यपूर्ण स्वरूप देखकर माता पार्वती की माता मैना सहित सभी लोग पहले आश्चर्यचकित हुए, लेकिन बाद में भगवान शिव ने अपना दिव्य रूप प्रकट कर सभी को दर्शन दिए। इसके बाद विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ।
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उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती का विवाह त्याग, तपस्या, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक है। यह प्रसंग सिखाता है कि सच्चा प्रेम बाहरी रूप नहीं, बल्कि आंतरिक गुणों और श्रद्धा पर आधारित होता है। भगवान शिव का जीवन सरलता, करुणा और समभाव का संदेश देता है।
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