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स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल कर जानी हकीकत
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ओयल के मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने सोमवार को सीएचसी फरधान व गोला सीएचसी में मातृत्व अभियान की शुरुआत कर ओयल के मोतीपुर में बनकर तैयार 200 बेड के मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को हैंडओवर करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, टीवी एवं कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, कोरोना टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड का वितरण एवं इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सीएचसी पर बनकर तैयार हो रहे ऑक्सीजन प्लांट लोगों के लिए संजीवनी का काम करेगा।
केंद्र व प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गोला सीएचसी में अब तक हुए वैक्सीनेशन की जानकारी लेकर बेहतर कार्य योजना बनाकर सभी पात्रों का टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उधर, लखनऊ जाते समय स्वास्थ्य मंत्री ने ओयल के मोतीपुर में स्थिति 200 बेड के मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को हैंडओवर करने के निर्देश दिए। इस दौरान भाजपाईयों ने अस्पताल के लिए जमीन दान करने वाले स्वर्गीय बलभद्र मिश्र के नाम पर स्मारक एवं उनकी मूर्ति स्थापित करने की मांग की। अस्पताल निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक, लखनऊ मंडल डॉ. जीएस बाजपेई, सीएमओ आदि मौजूद रहे।
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......
प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी दी
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत सभागार में पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि मोदी एवं योगी सरकार सभी को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए काम कर रहीं हैं। इसके लिए यूपी में 45 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। इनके बनते ही जिला अस्पताल को इसी में समायोजित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मगर, इसके लिए नियमावाली बनाकर विशेषज्ञों की कमी पूरा करने का प्रयास जारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने के बाद सीएचसी पीएचसी स्तर पर जांच एवं इलाज की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। अवैध अस्पतालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि डीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर सभी निजी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। मानक विहीन मिलने पर उनको सीज कराया जाएगा। वार्ता में एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमएस महिला डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, कार्तिकेय मिश्रा, डीपीएम अनिल यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
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स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, टीवी एवं कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, कोरोना टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड का वितरण एवं इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सीएचसी पर बनकर तैयार हो रहे ऑक्सीजन प्लांट लोगों के लिए संजीवनी का काम करेगा।
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केंद्र व प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गोला सीएचसी में अब तक हुए वैक्सीनेशन की जानकारी लेकर बेहतर कार्य योजना बनाकर सभी पात्रों का टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उधर, लखनऊ जाते समय स्वास्थ्य मंत्री ने ओयल के मोतीपुर में स्थिति 200 बेड के मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को हैंडओवर करने के निर्देश दिए। इस दौरान भाजपाईयों ने अस्पताल के लिए जमीन दान करने वाले स्वर्गीय बलभद्र मिश्र के नाम पर स्मारक एवं उनकी मूर्ति स्थापित करने की मांग की। अस्पताल निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक, लखनऊ मंडल डॉ. जीएस बाजपेई, सीएमओ आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी दी
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत सभागार में पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि मोदी एवं योगी सरकार सभी को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए काम कर रहीं हैं। इसके लिए यूपी में 45 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। इनके बनते ही जिला अस्पताल को इसी में समायोजित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मगर, इसके लिए नियमावाली बनाकर विशेषज्ञों की कमी पूरा करने का प्रयास जारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने के बाद सीएचसी पीएचसी स्तर पर जांच एवं इलाज की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। अवैध अस्पतालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि डीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर सभी निजी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। मानक विहीन मिलने पर उनको सीज कराया जाएगा। वार्ता में एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमएस महिला डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, कार्तिकेय मिश्रा, डीपीएम अनिल यादव आदि मौजूद रहे। संवाद