फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Health

कोल्ड डायरिया और निमोनिया की चपेट में आ रहे बच्चे

Sun, 13 Dec 2020 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2020 12:28 AM IST
विज्ञापन
Health
लखीमपुर जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। सर्दी का मौसम बच्चों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। ठंड के कारण बच्चे निमोनिया और कोल्ड डायरिया की चपेट में आने लगे हैं, जिससे रोजाना जिला अस्पताल में बच्चे भर्ती हो रहे हैं। इस वक्त जिला अस्पताल में नौ बच्चे भर्ती हैं।
विज्ञापन

इस मौसम में बच्चों को निमोनिया और कोल्ड डायरिया से सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। मां को चाहिए कि बच्चों के हावभाव पर नजर रखें। सांस तेज चल रही हो, सांस लेने पर घड़घड़ाहट की आवाज हो, शरीर शिथिल रहने, बार-बार दस्त आने की स्थिति में बच्चों को बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने में न तो कोताही करें और न ही अपने आप इलाज करें। ऐसा करना बच्चे की सेहत से खिलवाड़ करना है। डॉक्टर बताते हैं कि यदि बच्चे को 24 घंटों में तीन या उससे अधिक बार दस्त आए, शिशु के मल त्याग की स्थिति सामान्य से ज्यादा हो, बच्चा सुस्त रहे, कुछ भी पीने में कठिनाई हो रही हो तो उसे अस्पताल लाकर दिखाएं।
विज्ञापन

.
कोल्ड डायरिया और निमोनिया से पीड़ित नौ बच्चे भर्ती
जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में कोल्ड डायरिया से निघासन निवासी साबिर ने आठ माह के पुत्र असलम, अख्तर अली ने दस माह के पुत्र ओमान, थरवरनगंज निवासी कायनात ने दो माह के पुत्र आसिफ, पिपरिया निवासी संजोग ने पाच साल की पुत्री अनन्या, फरधान निवासी रामाधर ने आठ साल के पुत्र अरविंद, धौरहरा निवासी श्रीनाथ ने आठ माह के पुत्र देशदीपक और निमोनिया होने पर शास्त्रीनगर निवासी रिंकू ने सात वर्षीय पुत्री खुशी, राजगढ़ निवासी अनूप ने आठ वर्षीय पुत्री परी एवं ईसानगर निवासी अवधेश ने सात वर्षीय पुत्र मयंक को भर्ती कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

.
बच्चों का रखें विशेष ख्याल
डॉक्टर बताते हैं कि बच्चों को दस्त अधिक आने से शरीर में पानी की कमी होने की आशंका बढ़ जाती हैं। बच्चे भी अपनी दिक्कत ठीक तरह से नहीं बता पाते। निमोनिया एवं कोल्ड डायरिया होने पर समय से इलाज न मिलना मौत का कारण बन सकता है।
.
कारण
- बासी भोजन एवं बाहर का खाना खाने से भी हो सकता है।
- ठंड के मौसम में पानी कम पानी पीने से।
- बैक्टीरिया का संक्रमण भी है इसका कारण।
- सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनाने में लापरवाही।
- बच्चों की खुले की मालिश करना एवं देर तक गीले में रहना।
.
बचाव
- बच्चे को अच्छी तरह ऊनी कपड़े पहनाएं।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- ठंडा पानी पिलाने से बचे।
- हल्का गुनगुना पानी पीना अच्छा होता।
- सर्दी, जुकाम या बुखार होने पर स्वयं दवाइयां न दें।
-
सर्दी में बच्चों को लेकर मां रहे जागरूक
महिला अस्पताल की डॉ. मीनाक्षी बताती हैं कि सर्दी में निमोनिया व कोल्ड डायरिया से बच्चों को बचाने के लिए मां को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। छह माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराएं, शिशु को छूने एवं भोजन कराने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं। बच्चों को खुले में ले जाने से बचें। शरीर व सिर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें। बच्चों की मालिश कमरे में करें। रात में सोते समय इस बात का ध्यान रखें कि बच्चा रजाई या कंबल से बाहर तो नहीं है।

.
सर्दी से सभी को बचाव करना चाहिए। खासकर बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं, खानपान पर विशेष ध्यान दें। छह माह तक के शिशु को सिर्फ स्तनपान ही कराएं। बच्चों की सांस तेज चलने एवं उल्टी दस्त आने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाकर इलाज कराएं।
- डॉ. आरपी वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed