{"_id":"5fc7dd408ebc3e9bca1b0e88","slug":"health-lakhimpur-news-bly428864660","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्दी में बच्चों का रखें ध्यान, निमोनिया ले सकता जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्दी में बच्चों का रखें ध्यान, निमोनिया ले सकता जान
विज्ञापन
लखीमपुर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेंन वार्ड में भर्ती बच्चा
- फोटो : LAKHIMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। सर्दी शुरू हो चुकी है। सुबह और शाम काफी ठंड होने लगी है। मौसम का बदलाव बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुसीबत बनने लगा है। जागरूकता और देखरेख के अभाव में बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे। चिल्ड्रन वार्ड में पिछले 15 दिनों में निमोनिया पीड़ित छह बच्चे भर्ती हुए, जिसमें से तीन की मौत हो गई।
निमोनिया होने पर धौरहरा निवासी मुस्लिम ने तीन माह की पुत्री, निघासन निवासी श्रवण कुमार ने सात माह की पुत्री चांदनी, नीमगांव निवासी जिलानी ने एक साल के पुत्र अरमान, ईसानगर निवासी नंदकुमार ने तीन साल के पुत्र छोटू, ढुसरू निवासी उमेश कुुमार ने पांच माह की पुत्री दामिनी एवं कधंलापुर निवासी दुर्गाप्रसाद ने दो माह की पुत्री प्रतिमा को जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया। इलाज के दौरान चांदनी, अरमान एवं दामिनी की मौत हो गई।
.....
निमोनिया से बचाव
- बच्चों को इतने कपड़े पहनाएं, जिससे उसका शरीर गर्म बना रहे।
- बच्चों का बिस्तर गीला न रहने दें।
- घर के अंदर एवं आसपास साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखें।
- बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराएं।
- सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- बच्चों को सर्दी से बचाएं और धूप में जरूर ले जाएं।
- छह माह तक बच्चे को स्तनापान कराएं।
.........
ऐसे पहचाने लक्षण
-यदि बच्चा तेज और कम गहरी सांस ले रहा हो।
- जब बच्चे ने पिछले 24 घंटों में अपनी सामान्य मात्रा की आधी मात्रा के बराबर तरल पदार्थों का सेवन किया हो।
- सांस लेने पर सीटी जैसी आवाज आ रही हो।
- बच्चे के होंठ व अंगुलियों के नाखून नीले होने लगें तो निमोनिया हो सकता है।
--------------
जागरूकता है बचाव
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि निमोनिया फेफड़ों से जुड़ा संक्रामक रोग है। पांच साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक बुजुर्गों में इसके होने की आशंका ज्यादा रहती है, क्योंकि इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए सावधानी बरतकर बच्चों और बुजुर्गों को इससे बचाया जा सकता है। बच्चे की सांस तेजी चलने एवं सीटी जैसी आवाज आने की स्थिति में बिना लापरवाही किए अस्पताल आकर दिखाएं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
निमोनिया होने पर धौरहरा निवासी मुस्लिम ने तीन माह की पुत्री, निघासन निवासी श्रवण कुमार ने सात माह की पुत्री चांदनी, नीमगांव निवासी जिलानी ने एक साल के पुत्र अरमान, ईसानगर निवासी नंदकुमार ने तीन साल के पुत्र छोटू, ढुसरू निवासी उमेश कुुमार ने पांच माह की पुत्री दामिनी एवं कधंलापुर निवासी दुर्गाप्रसाद ने दो माह की पुत्री प्रतिमा को जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया। इलाज के दौरान चांदनी, अरमान एवं दामिनी की मौत हो गई।
विज्ञापन
.....
निमोनिया से बचाव
- बच्चों को इतने कपड़े पहनाएं, जिससे उसका शरीर गर्म बना रहे।
- बच्चों का बिस्तर गीला न रहने दें।
- घर के अंदर एवं आसपास साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखें।
- बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराएं।
- सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- बच्चों को सर्दी से बचाएं और धूप में जरूर ले जाएं।
- छह माह तक बच्चे को स्तनापान कराएं।
.........
ऐसे पहचाने लक्षण
-यदि बच्चा तेज और कम गहरी सांस ले रहा हो।
- जब बच्चे ने पिछले 24 घंटों में अपनी सामान्य मात्रा की आधी मात्रा के बराबर तरल पदार्थों का सेवन किया हो।
- सांस लेने पर सीटी जैसी आवाज आ रही हो।
- बच्चे के होंठ व अंगुलियों के नाखून नीले होने लगें तो निमोनिया हो सकता है।
--------------
जागरूकता है बचाव
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा बताते हैं कि निमोनिया फेफड़ों से जुड़ा संक्रामक रोग है। पांच साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक बुजुर्गों में इसके होने की आशंका ज्यादा रहती है, क्योंकि इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए सावधानी बरतकर बच्चों और बुजुर्गों को इससे बचाया जा सकता है। बच्चे की सांस तेजी चलने एवं सीटी जैसी आवाज आने की स्थिति में बिना लापरवाही किए अस्पताल आकर दिखाएं। संवाद
विज्ञापन