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ऑपरेशन ममता की मुहिम से अब थारू गांवों में ही प्रसव की सुविधा
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लखीमपुर खीरी। ऑपरेशन ममता के तहत इंडो-नेपाल बार्डर पर बसे थारू गांवों में जर्जर पड़े एएनएम उपकेंद्रों को फिर से चालू कराया गया है। थारू बाहुल्य गांवों परसिया, चंदनचौकी, गौरीफंटा, नझोटा, कीरतपुर, छेदिया पश्चिम, बनकटी में सात एएनएम उपकेंद्रों का कायाकल्प कराने के बाद इन्हें प्रसव केंद्र में तब्दील किया गया है, जिससे महिलाओं को प्रसव की सुविधा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि जीर्ण-शीर्ण बंद पड़े एएनएम उपकेंद्रों को फिर से चालू कराने के लिए जनवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में ऑपरेशन ममता की योजना बनाई गई। महिलाओं के संस्थागत प्रसव और प्रसव के बाद की देखभाल के लिए स्थानीय चिकित्सा होनी चाहिए, जिसके लिए गांवों में एएनएम उपकेंद्र स्थापित किए गए थे। लेकिन स्टाफ के अभाव में ज्यादातर उपकेंद्र बंद पड़े थे। इसलिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फरवरी से सीएमओ के साथ मिलकर जिले के सबसे दूर इंडो-नेपाल बार्डर पर स्थित 50 हजार आबादी वाले थारू जनजातीय क्षेत्र के गांवों में काम शुरू किया था। अब इन उपकेंद्रों में सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कराते हुए प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो गई है। सीडीओ के मुताबिक ऑपरेशन ममता को सफल बनाने में सीएमओ मनोज अग्रवाल और एकीकृत जनजाति परियोजना चंदनचौकी के परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीडीओ ने बताया कि 24 अप्रैल से अब तक इन उपकेंद्रों पर 25 महिलाओं के प्रसव कराए जा चुके हैं। जल्द ही अन्य क्षेत्रों के बंद पड़े एएनएम उपकेंद्रों का आपरेशन ममता के तहत कायाकल्प किया जाएगा।
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सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि जीर्ण-शीर्ण बंद पड़े एएनएम उपकेंद्रों को फिर से चालू कराने के लिए जनवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में ऑपरेशन ममता की योजना बनाई गई। महिलाओं के संस्थागत प्रसव और प्रसव के बाद की देखभाल के लिए स्थानीय चिकित्सा होनी चाहिए, जिसके लिए गांवों में एएनएम उपकेंद्र स्थापित किए गए थे। लेकिन स्टाफ के अभाव में ज्यादातर उपकेंद्र बंद पड़े थे। इसलिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फरवरी से सीएमओ के साथ मिलकर जिले के सबसे दूर इंडो-नेपाल बार्डर पर स्थित 50 हजार आबादी वाले थारू जनजातीय क्षेत्र के गांवों में काम शुरू किया था। अब इन उपकेंद्रों में सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कराते हुए प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो गई है। सीडीओ के मुताबिक ऑपरेशन ममता को सफल बनाने में सीएमओ मनोज अग्रवाल और एकीकृत जनजाति परियोजना चंदनचौकी के परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीडीओ ने बताया कि 24 अप्रैल से अब तक इन उपकेंद्रों पर 25 महिलाओं के प्रसव कराए जा चुके हैं। जल्द ही अन्य क्षेत्रों के बंद पड़े एएनएम उपकेंद्रों का आपरेशन ममता के तहत कायाकल्प किया जाएगा।
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