{"_id":"5e5e9b428ebc3eebcb70d4c7","slug":"health-lakhimpur-news-bly3982705157","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस से उतरते ही प्रसूता ने दिया बच्चे को जन्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस से उतरते ही प्रसूता ने दिया बच्चे को जन्म
विज्ञापन
मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को एंबुलेंस से उतरने के दौरान प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया। दर्द से तड़पते देख परिजन और अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और महिला और बच्चे को तत्काल भर्ती कराया। परिजन ने महिला चिकित्सक के देरी से आने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। क्षेत्र के गांव मछेछा निवासी रामरतन मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी सावित्री को एंबुलेंस से सीएचसी ले गए और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को जानकारी देकर पत्नी को भर्ती करने के लिए कहा। जिस पर स्टाफ प्रसव पीड़िता को एंबुलेंस से उतारने पहुंचा। इससे पहले ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। परिजन ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
एंबुलेंस के रुकते ही नर्स को जाकर जानकारी दी पर महिला डॉक्टर देर से आई। इस दौरान पत्नी ने एंबुलेंस से उतरते ही बच्चे को जन्म दे दिया।
-रामनरायण, पति
प्रसूता ने अस्पताल परिसर में एंबुलेंस से उतरते ही सुबह 11.28 बजे बच्चे को जन्म दे दिया और 11. 29 बजे महिला को भर्ती कर इलाज शुरू कराया गया। जच्चा- बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। लापरवाही का आरोप गलत है।
-नेहा सिंह, स्टाफ नर्स, सीएचसी
परिजन प्रसव पीड़िता घर से ही देर से लाए इस कारण एंबुलेंस से उतरते ही बच्चे को जन्म दे दिया था। पीड़िता को भर्ती करा कर इलाज शुरू कराया। दोनों स्वस्थ हैं। परिजन का लापरवाही बरतने का आरोप निराधार है।
विज्ञापन
-डॉ.सुरेंद्र कुमार, अधीक्षक सीएचसी
विज्ञापन
एंबुलेंस के रुकते ही नर्स को जाकर जानकारी दी पर महिला डॉक्टर देर से आई। इस दौरान पत्नी ने एंबुलेंस से उतरते ही बच्चे को जन्म दे दिया।
-रामनरायण, पति
प्रसूता ने अस्पताल परिसर में एंबुलेंस से उतरते ही सुबह 11.28 बजे बच्चे को जन्म दे दिया और 11. 29 बजे महिला को भर्ती कर इलाज शुरू कराया गया। जच्चा- बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। लापरवाही का आरोप गलत है।
विज्ञापन
-नेहा सिंह, स्टाफ नर्स, सीएचसी
परिजन प्रसव पीड़िता घर से ही देर से लाए इस कारण एंबुलेंस से उतरते ही बच्चे को जन्म दे दिया था। पीड़िता को भर्ती करा कर इलाज शुरू कराया। दोनों स्वस्थ हैं। परिजन का लापरवाही बरतने का आरोप निराधार है।
विज्ञापन
-डॉ.सुरेंद्र कुमार, अधीक्षक सीएचसी