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झोलाछाप को प्रसूता का ऑपरेशन करते पकड़ा
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। पलिया रोड स्थित गुरु रामदास अस्पताल में डीएम के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक ने छापा मारा। इस दौरान ऑपरेशन कक्ष में झोलाछाप को प्रसूता का ऑपरेशन करते हुए पाया गया। अधीक्षक ने सारे कागज कब्जे में लेकर झोलाछाप को जमकर फटाकर लगाई। अधीक्षक लालजी पासी ने बताया कि इस मामले में अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर अस्पताल बंद कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान वहां पर सर्जन नहीं था।
सीएचसी अधीक्षक लालजी पासी टीम के साथ शनिवार शाम पलिया रोड स्थित गुरु रामदास अस्पताल पहुंचे। वहां पर सबसे पहले वह ऑपरेशन कक्ष में गए। वहां पर अस्पताल संचालक एक प्रसूता को बेहोश कर उसका ऑपरेशन कर रहा था। लालजी पासी को देखकर संचालक घबरा गया। महिला बेहोशी की हालत में पड़ी थी। उसके पास अन्य अनट्रेंड नर्स खड़ी होकर ऑपरेशन करने के लिए औजार दे रही थी। आशा बहू कुंती भी पड़ोस में खड़ी थी। अधीक्षक ने उस कथित संचालक से ऑपरेशन करने वाले सर्जन का नाम पूछा। इस पर वह कुछ नहीं बता सका। उसके बाद वह रिसेप्शन में आए वहां पर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के कागज देखे तो कागजों में अंकित डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ वहां पर मौजूद नहीं था। अस्पताल में अनट्रेंड स्टाफ और कुछ नाबालिग लड़कियां ही मौजूद थी। इस पर अधीक्षक नाराज हो गए और जमकर फटकार लगाते हुए सारे कागज अपने साथ लेकर चले गए।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रही है पैथोलोजी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. लालजी पासी ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन रामदास अस्पताल के सामने उसी की एडवांस पैथोलोजी भी चल रही है। उसकी भी जांच की गई है, जिसमें लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ भी नहीं मिला। न ही कोई कागज उसके पास मौजूद थे।
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सरकारी सर्जन अस्पताल में दो बार आए हैं ऑपरेशन करने
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि जिला अस्पताल में तैनात एक सरकारी सर्जन यहां पर कभी कभार ऑपरेशन कराने के लिए आता है। जब वह नहीं आता है तो उसके नाम पर कथित संचालक ही ऑपरेशन कर देता है और प्रसूता से मोटी रकम वसूलता है।
अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर का भी नहीं है लाइसेंस
छापे के दौरान अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर चलता हुआ पाया गया। अधीक्षक ने उसके भी कागज मांगे, लेकिन उसका भी लाइसेंस नहीं था। अधीक्षक ने ड्रग इंस्पेक्टर को मामले की जांच के लिए लिखा है।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कई अस्पताल
कस्बे के सिंगाही रोड के अलावा ढखेरवा, सिंगाही, तिकुनियां में कई अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। इन अस्पतालों के संबंध में अब तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई भी अभियान नहीं चलाया है।
सर्जन ऑपरेशन करके चले गए थे। मैं प्रसूता के टांके लगा रहा था। लैब का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए सारे कागज सीएमओ दफ्तर में भेजे गए हैं। यह सच है कि सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर दो बार यहां आए हैं।
-अजमेर सिंह, अस्पताल संचालक
अस्पताल का रजिस्ट्रेशन था, लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं मिले। मरीज की जिंदगी को लेकर कोई गंभीर नहीं था। मरीज को भी अस्पताल की असलियत जानने के बाद ही वहां जाना चाहिए। अस्पताल संचालक को नोटिस दी गई है। पैथोलोजी और अस्पताल दोनों बंद कराए जाएंगे। साथ ही मामले की रिपोर्ट भी दर्ज की जाएगी। आशा बहू कुंती की सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
-लालजी पासी, सीएचसी अधीक्षक
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सीएचसी अधीक्षक लालजी पासी टीम के साथ शनिवार शाम पलिया रोड स्थित गुरु रामदास अस्पताल पहुंचे। वहां पर सबसे पहले वह ऑपरेशन कक्ष में गए। वहां पर अस्पताल संचालक एक प्रसूता को बेहोश कर उसका ऑपरेशन कर रहा था। लालजी पासी को देखकर संचालक घबरा गया। महिला बेहोशी की हालत में पड़ी थी। उसके पास अन्य अनट्रेंड नर्स खड़ी होकर ऑपरेशन करने के लिए औजार दे रही थी। आशा बहू कुंती भी पड़ोस में खड़ी थी। अधीक्षक ने उस कथित संचालक से ऑपरेशन करने वाले सर्जन का नाम पूछा। इस पर वह कुछ नहीं बता सका। उसके बाद वह रिसेप्शन में आए वहां पर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के कागज देखे तो कागजों में अंकित डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ वहां पर मौजूद नहीं था। अस्पताल में अनट्रेंड स्टाफ और कुछ नाबालिग लड़कियां ही मौजूद थी। इस पर अधीक्षक नाराज हो गए और जमकर फटकार लगाते हुए सारे कागज अपने साथ लेकर चले गए।
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बिना रजिस्ट्रेशन चल रही है पैथोलोजी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. लालजी पासी ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन रामदास अस्पताल के सामने उसी की एडवांस पैथोलोजी भी चल रही है। उसकी भी जांच की गई है, जिसमें लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ भी नहीं मिला। न ही कोई कागज उसके पास मौजूद थे।
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सरकारी सर्जन अस्पताल में दो बार आए हैं ऑपरेशन करने
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि जिला अस्पताल में तैनात एक सरकारी सर्जन यहां पर कभी कभार ऑपरेशन कराने के लिए आता है। जब वह नहीं आता है तो उसके नाम पर कथित संचालक ही ऑपरेशन कर देता है और प्रसूता से मोटी रकम वसूलता है।
अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर का भी नहीं है लाइसेंस
छापे के दौरान अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर चलता हुआ पाया गया। अधीक्षक ने उसके भी कागज मांगे, लेकिन उसका भी लाइसेंस नहीं था। अधीक्षक ने ड्रग इंस्पेक्टर को मामले की जांच के लिए लिखा है।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कई अस्पताल
कस्बे के सिंगाही रोड के अलावा ढखेरवा, सिंगाही, तिकुनियां में कई अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। इन अस्पतालों के संबंध में अब तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई भी अभियान नहीं चलाया है।
सर्जन ऑपरेशन करके चले गए थे। मैं प्रसूता के टांके लगा रहा था। लैब का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए सारे कागज सीएमओ दफ्तर में भेजे गए हैं। यह सच है कि सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर दो बार यहां आए हैं।
-अजमेर सिंह, अस्पताल संचालक
अस्पताल का रजिस्ट्रेशन था, लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं मिले। मरीज की जिंदगी को लेकर कोई गंभीर नहीं था। मरीज को भी अस्पताल की असलियत जानने के बाद ही वहां जाना चाहिए। अस्पताल संचालक को नोटिस दी गई है। पैथोलोजी और अस्पताल दोनों बंद कराए जाएंगे। साथ ही मामले की रिपोर्ट भी दर्ज की जाएगी। आशा बहू कुंती की सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
-लालजी पासी, सीएचसी अधीक्षक