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Lakhimpur Kheri News: निकले थे राेजी-रोटी की तलाश में, मिली मौत
Wed, 11 Jun 2025 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Jun 2025 11:58 PM IST
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संदीप। फाइल फोटो
धौरहरा। आर्थिक तंगी से उबरने के लिए काम की तलाश में पंजाब जा रहे खगियापुर के दो चचेरे भाइयों की सड़क दुर्घटना ने जिंदगी छीन ली। उनकी मौत से जहां उनके परिवार की उम्मीदें धूल में मिल गई हैं। वहीं गांव के लोगों को भी गहरा सदमा लगा है।
धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव खगियापुर निवासी साधू का 22 वर्षीय संदीप अपने चचेरे भाई 18 वर्षीय सूरज के साथ मजदूरी के लिए पिकअप से पंजाब के लिए निकले थे, परिवार वालों को भी उम्मीद थी, कि दोनों युवक कुछ दिन बाद पंजाब से रुपये लेकर लौटेंगे, इससे घर की तमाम आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
मंगलवार रात गोला मार्ग पर पिकअप व निजी मिनी बस से टकरा गई। इससे दोनों भाइयों की मौत हो गई। पिकअप में सवार इसी गांव के करीब 13 लोग घायल हो गए। संदीप के पिता साधू के पास गांव में पांच बीघा जमीन है और उनके तीन बेटे हैं। संदीप के अलावा बड़ा बेटा कुलदीप और छोटा बेटा गेंदू है, जबकि मृतक सूरज की स्थिति ज्यादा ही खराब थी। पिता की दो वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है।
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परिवार के पास केवल डेढ़ बीघा जमीन है। उसने इसी वर्ष इंटर की पढ़ाई पूरी की और चौधरी बेचे लाल डिग्री कॉलेज में बीए में प्रवेश लिया था, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उसे पढ़ाई के बजाय काम के लिए मजबूर कर रहा था। घर की आर्थिक स्थित को ध्यान में रखते हुए सूरज ने पंजाब में जाकर मजदूरी करने का इरादा बनाया था, पर पंजाब पहुंचता इससे पहले ही उसकी दुर्घटना में मौत हो गई।
सूरज के घर में उसकी 12 साल की एक बहन और सात साल का छोटा भाई है। अकेला वही एक कमाने वाला था। उसकी मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया यदि मृतकों के नाम भूमि है तो, तो मुख्यमंत्री कोष से पांच लाख की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव खगियापुर निवासी साधू का 22 वर्षीय संदीप अपने चचेरे भाई 18 वर्षीय सूरज के साथ मजदूरी के लिए पिकअप से पंजाब के लिए निकले थे, परिवार वालों को भी उम्मीद थी, कि दोनों युवक कुछ दिन बाद पंजाब से रुपये लेकर लौटेंगे, इससे घर की तमाम आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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मंगलवार रात गोला मार्ग पर पिकअप व निजी मिनी बस से टकरा गई। इससे दोनों भाइयों की मौत हो गई। पिकअप में सवार इसी गांव के करीब 13 लोग घायल हो गए। संदीप के पिता साधू के पास गांव में पांच बीघा जमीन है और उनके तीन बेटे हैं। संदीप के अलावा बड़ा बेटा कुलदीप और छोटा बेटा गेंदू है, जबकि मृतक सूरज की स्थिति ज्यादा ही खराब थी। पिता की दो वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है।
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परिवार के पास केवल डेढ़ बीघा जमीन है। उसने इसी वर्ष इंटर की पढ़ाई पूरी की और चौधरी बेचे लाल डिग्री कॉलेज में बीए में प्रवेश लिया था, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उसे पढ़ाई के बजाय काम के लिए मजबूर कर रहा था। घर की आर्थिक स्थित को ध्यान में रखते हुए सूरज ने पंजाब में जाकर मजदूरी करने का इरादा बनाया था, पर पंजाब पहुंचता इससे पहले ही उसकी दुर्घटना में मौत हो गई।
सूरज के घर में उसकी 12 साल की एक बहन और सात साल का छोटा भाई है। अकेला वही एक कमाने वाला था। उसकी मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया यदि मृतकों के नाम भूमि है तो, तो मुख्यमंत्री कोष से पांच लाख की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।

संदीप। फाइल फोटो

संदीप। फाइल फोटो