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दुधवा में सैलानी आनंदित
पलियाकलां
Updated Tue, 17 Nov 2015 11:26 PM IST
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नवीन सत्र शुरू हुए अभी महज दो दिन हुए हैं और विजिटर रजिस्टर में सैलानियों का रोमांच खूब अंकित हो रहा है। कोई इसमें बाघ को देखकर अपना रोमांच बता रहा है तो कोई गैंडे के दीदार से खुशी जता रहा है। कई लोगों को अलौकिक वातावरण मंत्रमुग्ध कर चुका है और इसी के चलते कई ने यहां फिर आने की बात भी लिखी है।
दुधवा हमेशा से ही लोगों के लिए लोकप्रिय रहा है। सीतापुर से आए अमरीश पांडे ने विजिटर रजिस्टर में लिखा है कि बाघ और गैंडे का दीदार किया जो उनके लिए कभी न भूलने वाला बन गया है। उन्होंने इसको रोमांच समेत रजिस्टर में दर्ज करते हुए लिखा है कि वह पांच जनवरी को दुधवा का भ्रमण करने इस बार परिवार के साथ आएंगे और उन्होंने इसके साथ ही गाइड की तारीफ भी की है। राज विक्रम सिंह ने कहा है कि उनको बाघ दिखाई दिया तो लगा कि उनकी वर्षों की हसरत पूरी हो गई। वह पल उनसे भुलाया नहीं जा रहा है। अश्वनी कुमार शर्मा ने लिखा है कि बाघ देखने को मिला तो वह खुशी से झूम उठे। प्रशांत दीक्षित ने दर्ज किया है कि दुधवा के अलौकिक वातावरण के वह कायल हो गए हैं। दुर्लभ जीवों के साथ पक्षियों की आवाज इस वातावरण में चार चांद लगा देती है।
पार्क में चहल-पहल
दुधवा नेशनल पार्क भ्रमण के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आए हैं इससे कैंपस में काफी चहल पहल है। जिप्सियों पर सवार होकर लगातार जंगल भ्रमण को जाते सैलानियों के जत्थे पार्क प्रशासन, कर्मियों, गाइडों का हौसला बढ़ा रहे हैं।
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हाथी की सवारी भाई
पार्क में तमाम सैलानी ऐसे आए जिन्होंने पहली बार हाथी की सवारी कर यह रोमांच लिया। पार्क कर्मियों के मुताबिक सैलानियों को हाथी की सवारी खूब भा रही है।
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दुधवा हमेशा से ही लोगों के लिए लोकप्रिय रहा है। सीतापुर से आए अमरीश पांडे ने विजिटर रजिस्टर में लिखा है कि बाघ और गैंडे का दीदार किया जो उनके लिए कभी न भूलने वाला बन गया है। उन्होंने इसको रोमांच समेत रजिस्टर में दर्ज करते हुए लिखा है कि वह पांच जनवरी को दुधवा का भ्रमण करने इस बार परिवार के साथ आएंगे और उन्होंने इसके साथ ही गाइड की तारीफ भी की है। राज विक्रम सिंह ने कहा है कि उनको बाघ दिखाई दिया तो लगा कि उनकी वर्षों की हसरत पूरी हो गई। वह पल उनसे भुलाया नहीं जा रहा है। अश्वनी कुमार शर्मा ने लिखा है कि बाघ देखने को मिला तो वह खुशी से झूम उठे। प्रशांत दीक्षित ने दर्ज किया है कि दुधवा के अलौकिक वातावरण के वह कायल हो गए हैं। दुर्लभ जीवों के साथ पक्षियों की आवाज इस वातावरण में चार चांद लगा देती है।
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पार्क में चहल-पहल
दुधवा नेशनल पार्क भ्रमण के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आए हैं इससे कैंपस में काफी चहल पहल है। जिप्सियों पर सवार होकर लगातार जंगल भ्रमण को जाते सैलानियों के जत्थे पार्क प्रशासन, कर्मियों, गाइडों का हौसला बढ़ा रहे हैं।
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हाथी की सवारी भाई
पार्क में तमाम सैलानी ऐसे आए जिन्होंने पहली बार हाथी की सवारी कर यह रोमांच लिया। पार्क कर्मियों के मुताबिक सैलानियों को हाथी की सवारी खूब भा रही है।