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टूटने के कगार पर घाघी नाले का बंधा
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:53 PM IST
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- सिंचाई विभाग ने एक माह पहले बनाया था
- बंधा टूटा तो होगी तबाही, किसानों के माथे पर चिंता की लकीर
मरम्मत के अभाव में रानीगंज के पास घाघी नाले पर बना बंधा टूटने के कगार पर है। बंधा टूटा तो भारी तबाही मच सकती है।
एक माह पहले ही शारदा नदी से निकले रानीगंज के पास घाघी नाले पर बंधे का निर्माण कर तीन लाख की लागत से खड़ंजा लगवाया गया था। निर्माण मानक के अनुरूप नहीं होने के कारण शारदा नदी में आई पहली बाढ़ ही बंधा नहीं झेल पाया और वह कई स्थानों पर कटान होने लगा है।
शारदा नदी से निकला घाघी नाला झौआपुरवा होते हुए रानीगंज के पास निकलता है। इस नाले के कारण लुधौरी, रानीगंज, पुरैना, बैलहा, लालपुर, जीतपुरवा, ठाकुर पुरवा, मिठुई, तमोलिन पुरवा, गौढ़ीपुरवा, झंडी, बस्तीपुरवा, भजनपुरवा, बुद्वापुरवा, छीटनपुरवा, रकेहटी, त्रिकौलिया, बरोठा समेत 50 से अधिक गांव प्रभावित होते थे। शारदा नदी के हल्के उफान मारने पर भी नदी का सारा पानी नाले में आ जाता है, जिससे समय से पहले भी ग्रामीणों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ा था। ग्रामीणों की मांग पर सांसद अजय मिश्र टेनी के प्रयासों से सिंचाई विभाग ने रानीगंज के पास करीब दो सौ मीटर लंबा और आठ फुट ऊंचे बंधे का निर्माण कराया था। इस पर ब्लॉक की ओर से करीब तीन लाख रुपये की लागत से खड़ंजा भी लगाया गया था। ग्रामीणों सतनाम सिंह, गुरमेल सिंह, अमित सिंह, दर्शन सिंह आदि ने बताया कि मौसम की खराबी के कारण कुछ खड़ंजा लगना भी शेष रह गया था। आरोप है कि मानक विहीन बंधा बनने के कारण पहली ही बाढ़ में ढह रहा है। सूचना पर आरईएस विभाग के जेई पीएन शुक्ला और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शिवप्रकाश दुबे ने मौका मुआयना कर बंधा फटने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी है। एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। बंधा फटने से रोकने का प्रयास किया जाएगा।
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- बंधा टूटा तो होगी तबाही, किसानों के माथे पर चिंता की लकीर
मरम्मत के अभाव में रानीगंज के पास घाघी नाले पर बना बंधा टूटने के कगार पर है। बंधा टूटा तो भारी तबाही मच सकती है।
एक माह पहले ही शारदा नदी से निकले रानीगंज के पास घाघी नाले पर बंधे का निर्माण कर तीन लाख की लागत से खड़ंजा लगवाया गया था। निर्माण मानक के अनुरूप नहीं होने के कारण शारदा नदी में आई पहली बाढ़ ही बंधा नहीं झेल पाया और वह कई स्थानों पर कटान होने लगा है।
शारदा नदी से निकला घाघी नाला झौआपुरवा होते हुए रानीगंज के पास निकलता है। इस नाले के कारण लुधौरी, रानीगंज, पुरैना, बैलहा, लालपुर, जीतपुरवा, ठाकुर पुरवा, मिठुई, तमोलिन पुरवा, गौढ़ीपुरवा, झंडी, बस्तीपुरवा, भजनपुरवा, बुद्वापुरवा, छीटनपुरवा, रकेहटी, त्रिकौलिया, बरोठा समेत 50 से अधिक गांव प्रभावित होते थे। शारदा नदी के हल्के उफान मारने पर भी नदी का सारा पानी नाले में आ जाता है, जिससे समय से पहले भी ग्रामीणों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ा था। ग्रामीणों की मांग पर सांसद अजय मिश्र टेनी के प्रयासों से सिंचाई विभाग ने रानीगंज के पास करीब दो सौ मीटर लंबा और आठ फुट ऊंचे बंधे का निर्माण कराया था। इस पर ब्लॉक की ओर से करीब तीन लाख रुपये की लागत से खड़ंजा भी लगाया गया था। ग्रामीणों सतनाम सिंह, गुरमेल सिंह, अमित सिंह, दर्शन सिंह आदि ने बताया कि मौसम की खराबी के कारण कुछ खड़ंजा लगना भी शेष रह गया था। आरोप है कि मानक विहीन बंधा बनने के कारण पहली ही बाढ़ में ढह रहा है। सूचना पर आरईएस विभाग के जेई पीएन शुक्ला और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शिवप्रकाश दुबे ने मौका मुआयना कर बंधा फटने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी है। एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। बंधा फटने से रोकने का प्रयास किया जाएगा।
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