{"_id":"67cdd920aa8af11e930ab469","slug":"gram-vikas-adhikari-suspended-for-giving-housing-to-ineligible-people-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1001-140978-2025-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: अपात्रों को आवास देने पर ग्राम विकास अधिकारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: अपात्रों को आवास देने पर ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। अपात्रों को आवास देने और उनसे वसूली न करने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी वीरेश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। ब्लॉक मुख्यालय से अटैच करते हुए पूरे मामले की जांच खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई है।
पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत निबुआ बोझ में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन परियोजना निदेशक शोभनाथ चौरसिया ने किया था। सत्यापन में पता चला कि ग्राम पंचायत निबुआबोझ में दो और पलियाकलां में एक लाभार्थी अपात्र होने के बाद भी उनका आवास स्वीकृत कर धनराशि भी जारी करा दी गई है।
इसमें सुरेश कुमार को 1.10 लाख, हसीना बानो को 40 हजार व नंदलाल को 1.20 लाख रुपये आवास के दिए गए। सत्यापन में अपात्र मिलने पर वसूली करके धनराशि सरकारी कोष में जमा कराने का निर्देश दिया गया, लेकिन सचिव ने वसूली नहीं की।
विज्ञापन
परियोजना निदेशक की रिपोर्ट पर जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी ने संबंधित सचिव वीरेश शर्मा को निलंबन कर दिया। पूरे प्रकरण की जांच बीडीओ धौरहरा को सौंपी गई है।
विज्ञापन
पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत निबुआ बोझ में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन परियोजना निदेशक शोभनाथ चौरसिया ने किया था। सत्यापन में पता चला कि ग्राम पंचायत निबुआबोझ में दो और पलियाकलां में एक लाभार्थी अपात्र होने के बाद भी उनका आवास स्वीकृत कर धनराशि भी जारी करा दी गई है।
विज्ञापन
इसमें सुरेश कुमार को 1.10 लाख, हसीना बानो को 40 हजार व नंदलाल को 1.20 लाख रुपये आवास के दिए गए। सत्यापन में अपात्र मिलने पर वसूली करके धनराशि सरकारी कोष में जमा कराने का निर्देश दिया गया, लेकिन सचिव ने वसूली नहीं की।
विज्ञापन
परियोजना निदेशक की रिपोर्ट पर जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी ने संबंधित सचिव वीरेश शर्मा को निलंबन कर दिया। पूरे प्रकरण की जांच बीडीओ धौरहरा को सौंपी गई है।