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ग्राम निधि के बजट पर लगी पंचायत सचिवों की नजर

Fri, 12 Feb 2016 11:18 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 12 Feb 2016 11:18 PM IST
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Gram Panchayat Secretaries eyes fixed on the Fund's budget
एक तरफ गांवों के विकास को लेकर राज्य एवं वित्त आयोग से लाखों रुपये बजट आवंटित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सेक्रेटरी विकास कार्यों के लिए भेजे गए इस बजट का गबन करने में लगे हैं। खासकर भीरा, धौरहरा और रमियाबेहड़ ब्लाक में जिस तरह से गबन के मामले उजागर हुए हैं, उससे पंचायती राज विभाग के ऊपर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।  
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बिजुआ ब्लाक की भीरा ग्राम पंचायत में ह्यूम पाइप की खरीद में लाखों रुपये का गबन पकड़ा गया। जांच में पता चला कि जिस फर्म से ह्यूम पाइप की खरीद की गई, उसे ग्राम निधि के खाते से करीब 17 लाख रुपये की चेक दी गई जबकि खर्च की गई धनराशि के मुकाबले काफी कम सामान सप्लाई किया गया। ह्यूम पाइप की खरीद में गबन का आरोप पंचायत सेक्रेटरी रामधनी यादव पर लगा। जिसे जांच पूरी होने के बाद निलंबित कर दिया गया। धौरहरा ब्लाक की ग्राम पंचायत अमेठी, जंगलवाली और चहमलपुर में पंचायत सेक्रेटरी अनिल कुमार ने पूर्व प्रधानों के जाली हस्ताक्षर कर बैंकों से 14वें वित्त आयोग के करीब पौने सात लाख रुपये निकाल लिए। जबकि गाइड लाइन न आने के कारण इस बजट की निकासी पर रोक लगाई गई थी। जांच में गबन की पुष्टि होने के बाद पंचायत सेक्रेटरी को निलंबित कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। विकास कार्यों के लिए जारी बजट में गबन का मामला रमियाबेहड़ ब्लाक की ग्राम पंचायत दरेरी में भी पकड़ा गया है। यहां पंचायत सेक्रेटरी योगेश वर्मा ने तत्कालीन प्रधान के साथ मिलकर विकास कार्यों का करीब तीन लाख रुपया गबन कर लिया। इस प्रकरण की डीसी एनआरएलएम अजय पांडेय और फिर उसके बाद जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने जांच की। गबन की पुष्टि के बाद पंचायत सेक्रेटरी और तत्कालीन प्रधान से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की रिकवरी का निर्देश दिया गया। साथ ही पंचायत सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस भी जारी की जा चुकी है। इसी तरह कई अन्य ग्राम पंचायतों की ग्राम निधि के बजट में गड़बड़ी की शिकायतें पंचायतीराज विभाग को मिली हैं। लेकिन जो मामले आला अधिकारियों तक पहुंचे, अभी उन्हीं का खुलासा हो सका है।
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गबन के जो भी प्रकरण सामने आ रहे हैं, उन सभी में संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विकास कार्यों में किसी तरह की घपलेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे पंचायत अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है। ताकि उनकी भी जांच कराकर कार्रवाई की जा सके।
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-नितीश कुमार, सीडीओ

पंचायत अधिकारी को स्थानीय लोगों के दबाव में ऐसे कार्य करने पड़ते हैं, जिसका बजट तत्काल जारी नहीं किया जा सकता। धौरहरा ब्लाक में अगर सेक्रेटरी ने जाली हस्ताक्षर से चेक जारी किया तो रोक के बाद बैंक से कैसे क्लीयर किया गया। हर जगह कुछ गलत लोग हैं, लेकिन सभी गलत भी नहीं हैं।
-दीपक श्रीवास्तव, अध्यक्ष ग्राम पंचायत अधिकारी संघ
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