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कहीं इस बार खाली न रह जाएं सरकारी गोदाम

Tue, 07 Jun 2022 01:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 01:07 AM IST
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Government warehouse should not remain empty this time
दो माह गुजरे, गेहूं खरीद लक्ष्य का एक फीसदी भी नहीं
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सरकारी गेहूं खरीद के अब नौ दिन शेष, इस वर्ष सरकारी गोदाम रहेंगे खाली
लखीमपुर खीरी। जनपद में सरकारी गेहूं खरीद का समय समाप्ति की ओर है, जिसमें अब नौ दिन शेष हैं। बावजूद इसके इस वर्ष रिकॉर्ड तौर पर सबसे कम यानी 0.37 फीसदी गेहूं खरीद ही हो पाई है, जो लक्ष्य के सापेक्ष एक फीसदी भी नहीं है। 15 जून 2022 के बाद गेहूं क्रय केंद्र अधिकारिक रूप से बंद कर दिए जाएंगे। आशंका जताई जा रही है कि कहीं इस बार गेहूं के सरकारी गोदाम खाली न रह जाएं। अगर ऐसा हुआ तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था प्रभावित होगी।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में जनपद में कुल 133 गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल 2022 से खोले गए हैं। इनमें 41 क्रय केंद्रों पर ही नाममात्र की गेहूं खरीद हो पाई है, जबकि 92 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शून्य है।
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हालांकि पिछले सालों में हालात इससे उलट थे। किसान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए केंद्र प्रभारियों के सामने गिड़गिड़ाते थे, लेकिन इस वर्ष पूरा सीन ही बदल चुका है। बाजार में एमएसपी 2015 के बराबर या इससे अधिक रेट मिलने के कारण किसान क्रय केंद्रों की ओर जाना पसंद नहीं कर रहे हैं। सिर्फ 123 किसानों ने 41 क्रय केंद्रों पर 694.94 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है, जो लक्ष्य 1.88 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 0.37 प्रतिशत है। वहीं पिछले वर्ष 2021 में तीन जून तक 1,19,731.21 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
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इस वर्ष क्रय एजेंसियों की खरीद को देखें तो खाद्य विभाग के 20 क्रय केंद्रों पर 405.76 एमटी, पीसीएफ के छह क्रय केंद्रों पर 59.00 एमटी, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 214.78 एमटी, एफसीआई के तीन क्रय केंद्रों पर 15.40 एमटी गेहूं खरीदा जा सका है, जबकि यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र पर खरीद नहीं हो पाई है। शेष नौ दिनों में भी गेहूं खरीद में कोई खास प्रगति होने की उम्मीद बेहद कम है, क्योंकि अब गेहूं की आवक भी कम हो चुकी है, तो वहीं बाजार के रेट अब भी एमएसपी से ज्यादा बने हुए हैं।
मई का राशन जून में बांटेंगे
जनपद में गेहूं की उपलब्धता न होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली का रोस्टर एक महीने पीछे हो गया है, जिससे मई में वितरित होने वाला अनाज जून में वितरित किया जाएगा। पीएम अन्न योजना में अब केवल पांच किलोग्राम के हिसाब से चावल दिया जाएगा, जबकि पहले गेहूं भी दिया जा रहा था। गेहूं केवल नियमित वितरण वाला ही दिया जाएगा। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जनपद में गेहूं खरीद न होने से गोदाम खाली पड़े हैं और कोटे की दुकानों पर गेहूं बांटने के लिए पंजाब से गेहूं मंगाया जा रहा है।

बाजार में गेहूं का रेट एमएसपी से अधिक होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। मोबाइल क्रय केंद्र चालू किए गए, लेकिन इसका भी असर नहीं दिखा है। सरकारी क्रय केंद्रों के बजाय किसान व्यापारियों के पास गेहूं बेच रहे हैं, क्योंकि सरकार की भी मंशा है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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