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प्रदेश सरकार ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का नाम बदला
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 05 Dec 2016 09:54 PM IST
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School
- फोटो : File Photo
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- सपा को चुनाव से पहले आई जयप्रकाश नारायण की याद
- समाज कल्याण का एक और जनजाति के तीन विद्यालय संचालित
विधानसभा चुनाव से पहले विद्यालयों में सियासत की बिसात बिछाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने चुनाव से ठीक पहले समाज कल्याण और जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के नाम परिवर्तित कर दिए हैं। अब इन विद्यालयों को जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के नाम से जाना जाएगा।
समाज कल्याण विभाग द्वारा मोहम्मदी क्षेत्र के गांव साहबगंज रेहरिया में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किया जा रहा है, जो पूर्णतया आवासीय है। इसमें अनुसूचित जाति के अलावा सामान्य वर्ग के बच्चे अध्ययनरत हैं। इसी तरह शहर के छाउछ रोड, चंदनचौकी और बेलापरसुआ में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है, जो जनजाति विकास विभाग के हैं। इनमें सिर्फ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चे अध्ययनरत हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि साहबगंज रेहरिया में एक दशक पूर्व विद्यालय स्थापित हुआ था। जबकि अन्य तीन विद्यालय कई दशक पहले स्थापित हुए थे। तब से इन्हें राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के नाम से ही जाना जाता था, लेकिन प्रदेश सरकार ने दशकों पुरानी पहचान पर सियासी लेवल थोप दिया है। इससे प्रदेश में सरकार बदलने की दशा में फिर से नाम में बदलाव की बयार बह सकती है।
शासन ने आश्रम पद्धति विद्यालयों का नाम बदलकर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कर दिया है। इस संबंध में आदेश प्राप्त होने के बाद अनुपालन कराने के निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को दिए गए हैं।
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- ओपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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- समाज कल्याण का एक और जनजाति के तीन विद्यालय संचालित
विधानसभा चुनाव से पहले विद्यालयों में सियासत की बिसात बिछाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने चुनाव से ठीक पहले समाज कल्याण और जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के नाम परिवर्तित कर दिए हैं। अब इन विद्यालयों को जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के नाम से जाना जाएगा।
समाज कल्याण विभाग द्वारा मोहम्मदी क्षेत्र के गांव साहबगंज रेहरिया में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किया जा रहा है, जो पूर्णतया आवासीय है। इसमें अनुसूचित जाति के अलावा सामान्य वर्ग के बच्चे अध्ययनरत हैं। इसी तरह शहर के छाउछ रोड, चंदनचौकी और बेलापरसुआ में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित है, जो जनजाति विकास विभाग के हैं। इनमें सिर्फ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चे अध्ययनरत हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि साहबगंज रेहरिया में एक दशक पूर्व विद्यालय स्थापित हुआ था। जबकि अन्य तीन विद्यालय कई दशक पहले स्थापित हुए थे। तब से इन्हें राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के नाम से ही जाना जाता था, लेकिन प्रदेश सरकार ने दशकों पुरानी पहचान पर सियासी लेवल थोप दिया है। इससे प्रदेश में सरकार बदलने की दशा में फिर से नाम में बदलाव की बयार बह सकती है।
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शासन ने आश्रम पद्धति विद्यालयों का नाम बदलकर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय कर दिया है। इस संबंध में आदेश प्राप्त होने के बाद अनुपालन कराने के निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को दिए गए हैं।
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- ओपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी