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सरकारी योजनाओं पर हावी हैं बिचौलिए
निघासन।
Updated Tue, 23 Feb 2016 06:59 PM IST
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निघासन ब्लाक में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को ग्रहण लग रहा है। यहां पर आवास हो या शौचालय सभी ठेके पर बनाए जा रहे हैं, जिससे लाभार्थी परेशान हैं। वहीं मनरेगा के तहत इंदिरा और लोहिया आवासों के निर्माण में मजदूरों को 90 दिन का काम भी नहीं मिल रहा है। आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हो रहा है, जिससे आवासों और शौचालयों की मजबूती पर सवालिया निशान लग रहा है। मजे की बात तो ये है कि अनियमितताओं को छुपाने के लिए आवास या शौचालय बनने के साथ ही पुताई करा दी जाती है।
शासन से चलाई जा रही योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए मनरेगा और आवासों का पैसा लाभार्थी के खाते में भेजा जा रहा है। इसके बावजूद ब्लाक में मौजूद बिचौलिए इन योजनाओं में नियम कानूनों को ताक पर रख कर मनमानी कर रहे हैं। बता दें कि निघासन ब्लाक में वर्ष 2015-16 में 2561 इंदिरा आवास, 117 लोहिया और 839 शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। लाभार्थियों का आरोप है कि ब्लाक में पंचायत सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान ने ठेकेदारों से संपर्क साध रखा है। जो लाभार्थियों को पहले तो तरह-तरह की धमकियों से अपने चंगुल में फंसाते हैं और उसके बाद लाभार्थी के साथ बैंक में जाकर जबरन किश्त का पैसा निकलवा कर ले लेते हैं। इसके बाद अपनी मर्जी से ईंट, सीमेंट आदि सामान देते हैं। आरोप है कि यदि कोई लाभार्थी धनराशि देने से मना करता है तो उसका आवास सूची से नाम हटाने और दूसरी किश्त न देने की धमकी भी दी जाती है।
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एक ही दुकान से खरीदा जाता है सामान
योजनाओं के लाभार्थियों के साथ यहां भी धोखा हो रहा है। लाभार्थियों को ब्लाक से चिह्नित दुकानों से ही सारा सामान खरीदकर दिया जा रहा है। यदि लाभार्थी दूसरी दुकान से अच्छा सामान खरीदना चाहता है तो उसे ब्लाक कर्मी पैसा देने से मना करते हैं।
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सामान न लेने पर देनी पड़ती है मोटी रकम
लाभार्थियों का आरोप है कि यदि कोई सामान नहीं लेता है तो उसे ब्लाक में एक मोटी रकम देनी पड़ती है। इसमें ब्लाक के कई कर्मचारी और अधिकारियों के नाम पर वसूली की जाती है।
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इन गांवों में आए हैं आवास और शौचालय
लोहिया समग्र गांव बौधिया, खैरीगढ़, पचपेड़ा, हरद्वाही और गुलरिहा पत्थर शाह के लाभार्थियों आवास और शौचालय दिए गए हैं। इसके अलावा इंदिरा आवास सबसे अधिक लालपुर ग्राम पंचायत में आए हैं।
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2561 में 17 इंदिरा आवासों का पैसा नहीं मिला
ब्लाक में स्वीकृत 2561 में 17 इंदिरा आवास का पैसा अभी भी लाभार्थी के खाते में नहीं आया है। शेष आवासों के बनाने का कार्य जोरों पर चल रहा है।
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अपात्रों को दिए जा रहे हैं आवास
आवासों के वितरण में अनियमितताएं बरती जा रही है। आरोप है कि बौधिया, गुलरिहा पत्थर शाह, रकेहटी और निघासन ग्राम पंचायत में कई अपात्रों को आवास दिए गए हैं। लालपुर ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान ने नाबालिग और अविवाहित को भी पात्र दिखाकर इंदिरा आवास दे दियाहै। एक अपात्र के खाते में आवास की पहली किश्त भी पहुंच गई है। मामले का खुलासा होने पर ग्राम पंचायत सक्रेटरी ओपी वर्मा ने ग्राम प्रधान को खरी खोटी सुनाकर किश्त का पैसा वापस कराने को कहा है।
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इन लोगों की जांच कराने की मांग
य़ुवा एकता मंच, व्यापार मंडल, तराई विकास संस्थान आदि ने अनियमितताओं की जांच कराने की डीएम किंजल सिंह से मांगकी है।
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आवासों और शौचालयों को ठेके पर बनाने की सूचना तथा लाभार्थी से पैसा लेने की सूचना मिली है। लाभार्थियों ने शिकायत भी की है कि उनसे जबरन किश्त का पैसा ले लिया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-नितीश कुमार, सीडीओ
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तमाम लाभार्थी पैसा निकालकर खर्च कर लेते हैं। ऐसे लोगों से पैसा लेकर शौचालय और आवास बनवाने की जिम्मेदारी प्रधान को सौंपी गई है। आवास में पैसा लेने की जांच की जाएगी।
-तेजवंत सिंह, बीडीओ
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शासन से चलाई जा रही योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए मनरेगा और आवासों का पैसा लाभार्थी के खाते में भेजा जा रहा है। इसके बावजूद ब्लाक में मौजूद बिचौलिए इन योजनाओं में नियम कानूनों को ताक पर रख कर मनमानी कर रहे हैं। बता दें कि निघासन ब्लाक में वर्ष 2015-16 में 2561 इंदिरा आवास, 117 लोहिया और 839 शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। लाभार्थियों का आरोप है कि ब्लाक में पंचायत सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान ने ठेकेदारों से संपर्क साध रखा है। जो लाभार्थियों को पहले तो तरह-तरह की धमकियों से अपने चंगुल में फंसाते हैं और उसके बाद लाभार्थी के साथ बैंक में जाकर जबरन किश्त का पैसा निकलवा कर ले लेते हैं। इसके बाद अपनी मर्जी से ईंट, सीमेंट आदि सामान देते हैं। आरोप है कि यदि कोई लाभार्थी धनराशि देने से मना करता है तो उसका आवास सूची से नाम हटाने और दूसरी किश्त न देने की धमकी भी दी जाती है।
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एक ही दुकान से खरीदा जाता है सामान
योजनाओं के लाभार्थियों के साथ यहां भी धोखा हो रहा है। लाभार्थियों को ब्लाक से चिह्नित दुकानों से ही सारा सामान खरीदकर दिया जा रहा है। यदि लाभार्थी दूसरी दुकान से अच्छा सामान खरीदना चाहता है तो उसे ब्लाक कर्मी पैसा देने से मना करते हैं।
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सामान न लेने पर देनी पड़ती है मोटी रकम
लाभार्थियों का आरोप है कि यदि कोई सामान नहीं लेता है तो उसे ब्लाक में एक मोटी रकम देनी पड़ती है। इसमें ब्लाक के कई कर्मचारी और अधिकारियों के नाम पर वसूली की जाती है।
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इन गांवों में आए हैं आवास और शौचालय
लोहिया समग्र गांव बौधिया, खैरीगढ़, पचपेड़ा, हरद्वाही और गुलरिहा पत्थर शाह के लाभार्थियों आवास और शौचालय दिए गए हैं। इसके अलावा इंदिरा आवास सबसे अधिक लालपुर ग्राम पंचायत में आए हैं।
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2561 में 17 इंदिरा आवासों का पैसा नहीं मिला
ब्लाक में स्वीकृत 2561 में 17 इंदिरा आवास का पैसा अभी भी लाभार्थी के खाते में नहीं आया है। शेष आवासों के बनाने का कार्य जोरों पर चल रहा है।
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अपात्रों को दिए जा रहे हैं आवास
आवासों के वितरण में अनियमितताएं बरती जा रही है। आरोप है कि बौधिया, गुलरिहा पत्थर शाह, रकेहटी और निघासन ग्राम पंचायत में कई अपात्रों को आवास दिए गए हैं। लालपुर ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान ने नाबालिग और अविवाहित को भी पात्र दिखाकर इंदिरा आवास दे दियाहै। एक अपात्र के खाते में आवास की पहली किश्त भी पहुंच गई है। मामले का खुलासा होने पर ग्राम पंचायत सक्रेटरी ओपी वर्मा ने ग्राम प्रधान को खरी खोटी सुनाकर किश्त का पैसा वापस कराने को कहा है।
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इन लोगों की जांच कराने की मांग
य़ुवा एकता मंच, व्यापार मंडल, तराई विकास संस्थान आदि ने अनियमितताओं की जांच कराने की डीएम किंजल सिंह से मांगकी है।
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आवासों और शौचालयों को ठेके पर बनाने की सूचना तथा लाभार्थी से पैसा लेने की सूचना मिली है। लाभार्थियों ने शिकायत भी की है कि उनसे जबरन किश्त का पैसा ले लिया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-नितीश कुमार, सीडीओ
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तमाम लाभार्थी पैसा निकालकर खर्च कर लेते हैं। ऐसे लोगों से पैसा लेकर शौचालय और आवास बनवाने की जिम्मेदारी प्रधान को सौंपी गई है। आवास में पैसा लेने की जांच की जाएगी।
-तेजवंत सिंह, बीडीओ