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दुनिया में वैदिक संस्कृति की अलख जगा रहे गोला के दो भाई
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गोला गोकर्णनाथ। आधुनिकता में सोशल मीडिया के दौर का बोलबाला है। नई पीढ़ी की पहली जरूरत मोबाइल बन गया है। नगर के राघव कुंज निवासी दो भाई आदित्य मिश्रा और अमरनाथ मिश्रा सोशल मीडिया के माध्यम से देश दुनिया में भारतीय और वैदिक संस्कृति की अलख जगा रहे हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर उनकी पसंद लाखों में है और देश के नामचीन विद्वानों की उन्हें सराहना मिल रही है।
नगर के मोहल्ला राघव कुंज निवासी दो भाई आदित्य मिश्रा और अमरनाथ मिश्र जो कि एमसीए कर रहे हैं। दोनों भाइयों का कहना है कि देश की पहचान दुनिया में विश्व गुरु की रही है। साथ ही यहां की परंपरा वसुदेव कुटुम्बकम की है जोकि समाज के हर वर्ग को प्रेम, एकता और अखंडता के सूत्र में बांधती है। इसका आधार भारतीय एवं वैदिक संस्कृति है। इसी संस्कृति के प्रचार प्रचार के उद्देश्य से सोशल मीडिया के अलग-अलग फॉर्मेट पर देश के महान विद्वान और प्रवक्ताओं को जोड़कर काम शुरू किया। वह एक एप के माध्यम से देश दुनिया में भारतीय एवं वैदिक संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं।
आदित्य और अमर को देश के नामचीन विद्वान देवकीनंदन महाराज, इंद्रदेव, अनिरुद्धनंद जी महाराज, कृष्ण देव शास्त्री, अनिल शास्त्री ने सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया है। दोनों की इस उपलब्धि पर पिता पंडित रामदेव मिश्र व परिवार में खुशी का माहौल है।
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नगर के मोहल्ला राघव कुंज निवासी दो भाई आदित्य मिश्रा और अमरनाथ मिश्र जो कि एमसीए कर रहे हैं। दोनों भाइयों का कहना है कि देश की पहचान दुनिया में विश्व गुरु की रही है। साथ ही यहां की परंपरा वसुदेव कुटुम्बकम की है जोकि समाज के हर वर्ग को प्रेम, एकता और अखंडता के सूत्र में बांधती है। इसका आधार भारतीय एवं वैदिक संस्कृति है। इसी संस्कृति के प्रचार प्रचार के उद्देश्य से सोशल मीडिया के अलग-अलग फॉर्मेट पर देश के महान विद्वान और प्रवक्ताओं को जोड़कर काम शुरू किया। वह एक एप के माध्यम से देश दुनिया में भारतीय एवं वैदिक संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं।
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आदित्य और अमर को देश के नामचीन विद्वान देवकीनंदन महाराज, इंद्रदेव, अनिरुद्धनंद जी महाराज, कृष्ण देव शास्त्री, अनिल शास्त्री ने सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया है। दोनों की इस उपलब्धि पर पिता पंडित रामदेव मिश्र व परिवार में खुशी का माहौल है।
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