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Lakhimpur Kheri News: स्वावलंबी बनने की दिशा में बढ़ रही गोला देहात ग्राम पंचायत
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गोला देहात के ग्राम पंचायत के सचिवालय का सभागार। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। ब्लॉक कुंभी की 74 ग्राम पंचायतों में गोला देहात आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में अपनी पहचान बना रही है। विकास के सभी मानक पूरे होने पर ग्राम पंचायत को आईएसओ प्रमाणपत्र के साथ विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना के तहत 35 लाख रुपये से पुरस्कृत किया जा चुका है।
नगर की सीमावर्ती 40 हजार की आबादी और 25 मजरों की ग्राम पंचायत गोला देहात में इन दिनों करीब डेढ़ करोड़ की विकास योजनाएं निर्माणाधीन हैं। ग्राम पंचायत को हाईटेक और स्वावलंबी बनाने के उपक्रम किए जा रहे हैं।
हाईवे 730 बाइपास के किनारे एक एकड़ के क्षेत्रफल में 10 लाख की लागत से अमृत सरोवर, जिसका सेल्फी प्वाइंट आकर्षण का केंद्र है। 15 लाख की लागत से ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र और वर्मी कंपोस्ट प्लांट के साथ ग्राम पंचायत को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। 10 लाख की लागत से सचिवालय को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें चार लाख की लागत से सीएससी स्थापित किया गया है। सीएससी की आय के मामले में ग्राम पंचायत को प्रदेश में 25वां स्थान प्राप्त हुआ।
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भुसौरिया गांव में बरात घर बनवाया जा रहा है, वहीं इसी गांव के परिषदीय विद्यालय में इनडोर स्टेडियम का निर्माण कराया गया है, जो ब्लॉक का पहला इनडोर स्टेडियम है। अभी हाल में ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना के तहत 35 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। इससे पुराने पंचायत घर का जीर्णोद्धार कराकर ई-लाइब्रेरी कॉमन सेंटर विकसित किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतें विकसित हो जाएं तो रुकेगा ग्रामीणों का पलायन
ग्राम प्रधान राजेश गिरि एडवोकेट ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायत को हाईटेक और स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य है। विकास के मानक पूरे होने पर आईएसओ प्रमाणपत्र और टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत को मिला है। ग्राम पंचायत को वर्ष 2023-24 में मंडल में प्रथम और प्रदेश में 25वां स्थान प्राप्त हुआ था। यदि सभी ग्राम पंचायतों में स्वावलंबी और रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाए तो ग्रामीणों का पलायन रुकेगा।
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नगर की सीमावर्ती 40 हजार की आबादी और 25 मजरों की ग्राम पंचायत गोला देहात में इन दिनों करीब डेढ़ करोड़ की विकास योजनाएं निर्माणाधीन हैं। ग्राम पंचायत को हाईटेक और स्वावलंबी बनाने के उपक्रम किए जा रहे हैं।
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हाईवे 730 बाइपास के किनारे एक एकड़ के क्षेत्रफल में 10 लाख की लागत से अमृत सरोवर, जिसका सेल्फी प्वाइंट आकर्षण का केंद्र है। 15 लाख की लागत से ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र और वर्मी कंपोस्ट प्लांट के साथ ग्राम पंचायत को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। 10 लाख की लागत से सचिवालय को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें चार लाख की लागत से सीएससी स्थापित किया गया है। सीएससी की आय के मामले में ग्राम पंचायत को प्रदेश में 25वां स्थान प्राप्त हुआ।
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भुसौरिया गांव में बरात घर बनवाया जा रहा है, वहीं इसी गांव के परिषदीय विद्यालय में इनडोर स्टेडियम का निर्माण कराया गया है, जो ब्लॉक का पहला इनडोर स्टेडियम है। अभी हाल में ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना के तहत 35 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। इससे पुराने पंचायत घर का जीर्णोद्धार कराकर ई-लाइब्रेरी कॉमन सेंटर विकसित किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतें विकसित हो जाएं तो रुकेगा ग्रामीणों का पलायन
ग्राम प्रधान राजेश गिरि एडवोकेट ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायत को हाईटेक और स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य है। विकास के मानक पूरे होने पर आईएसओ प्रमाणपत्र और टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत को मिला है। ग्राम पंचायत को वर्ष 2023-24 में मंडल में प्रथम और प्रदेश में 25वां स्थान प्राप्त हुआ था। यदि सभी ग्राम पंचायतों में स्वावलंबी और रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाए तो ग्रामीणों का पलायन रुकेगा।

गोला देहात के ग्राम पंचायत के सचिवालय का सभागार। संवाद