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‘भगवान से भी श्रेष्ठ हैं गुरु’
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 27 Nov 2015 07:55 PM IST
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शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन व्यास हरिकृष्ण शास्त्री ने सती प्रसंग के अलावा कई भक्तों के प्रसंग सुनाकर लोगों को भगवान की भक्ति के लिए प्रेरित किया।
श्रीमद्भागवत कथा में व्यास हरिकृष्ण शास्त्री ने कहा कि कभी भी परनिंदा नहीं करनी चाहिए। महिलाओं को पति की अनुमति के बिना कहीं नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव जी ने बिना बुलाए सती जो को राजा दक्ष के यहां जाने से रोका था लेकिन सती जी नहीं मानीं। इसका परिणाम बड़ा ही अनर्थकारी रहा। उन्होंने कहा कि गुरु भगवान से भी श्रेष्ठ है क्योंकि गुरु हमें मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं।
गुरु का अपमान भगवान शिव भी बर्दाश्त नहीं करते हैं। उन्होंने गंगाजी का महत्व बताते हुए कहा कि गंगा मां स्वयं में अवतार हैं जो व्यक्ति गंगाजल गले में लगा लेता है वह मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। उन्होंने कहा कि गंगा में गंदगी नहीं करनी चाहिए। व्यास ने इसके अलावा भरत चरित्र, अजामिल कथा, गजेंद्र मोक्ष और प्रहलाद की कथा सुनाते हुए कहा कि व्यक्ति की इच्छा दृढ़ हो तो भगवान को स्वयं आना पड़ता है। कथा में मुख्य यजमान, श्रीकांत मिश्र, रामदेवी मिश्रा, आचार्य संजय मिश्र, श्याम मुरारी मिश्रा, विनय गुप्ता, ध्रुव सिंह, भाई लाल, स्वदेश गुप्ता, आशुतोष दीक्षित, सुनील मिश्रा, दिनेश मिश्रा और अर्चना सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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श्रीमद्भागवत कथा में व्यास हरिकृष्ण शास्त्री ने कहा कि कभी भी परनिंदा नहीं करनी चाहिए। महिलाओं को पति की अनुमति के बिना कहीं नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव जी ने बिना बुलाए सती जो को राजा दक्ष के यहां जाने से रोका था लेकिन सती जी नहीं मानीं। इसका परिणाम बड़ा ही अनर्थकारी रहा। उन्होंने कहा कि गुरु भगवान से भी श्रेष्ठ है क्योंकि गुरु हमें मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं।
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गुरु का अपमान भगवान शिव भी बर्दाश्त नहीं करते हैं। उन्होंने गंगाजी का महत्व बताते हुए कहा कि गंगा मां स्वयं में अवतार हैं जो व्यक्ति गंगाजल गले में लगा लेता है वह मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। उन्होंने कहा कि गंगा में गंदगी नहीं करनी चाहिए। व्यास ने इसके अलावा भरत चरित्र, अजामिल कथा, गजेंद्र मोक्ष और प्रहलाद की कथा सुनाते हुए कहा कि व्यक्ति की इच्छा दृढ़ हो तो भगवान को स्वयं आना पड़ता है। कथा में मुख्य यजमान, श्रीकांत मिश्र, रामदेवी मिश्रा, आचार्य संजय मिश्र, श्याम मुरारी मिश्रा, विनय गुप्ता, ध्रुव सिंह, भाई लाल, स्वदेश गुप्ता, आशुतोष दीक्षित, सुनील मिश्रा, दिनेश मिश्रा और अर्चना सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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