Lakhimpur Kheri: अनियमित माहवारी की समस्या को न करें नजरअंदाज, चिकित्सक ने छात्राओं को किया जागरूक
लखीमपुर खीरी में अमर उजाला की ओर से मंगलवार को गुरुनानक विद्यक सभा कन्या इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिला चिकित्सक ने छात्राओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरुक किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखीमपुर खीरी में अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के तहत गुरुनानक विद्यक सभा कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं को अनियमित माहवारी के प्रति जागरूक किया गया। महिला चिकित्सक ज्योति राजवंशी ने किशोरियों और महिलाओं को अनियमित माहवारी की समस्या को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस समस्या को छिपाने के बजाय परिजनों और चिकित्सकों से साझा करना चाहिए ताकि समय पर इलाज हो सके।
ज्योति राजवंशी ने बताया कि अक्सर छात्राएं झिझक के कारण बीमारियों को छिपा लेती हैं, जिससे आगे चलकर उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय छिपाने का नहीं, बल्कि मां और चिकित्सकों से बात करने का है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। माहवारी के दौरान दो से तीन बार सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
महिला काउंसलर दीपमाला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर किशोरी को एक तय समय के बाद माहवारी से गुजरना होता है। उन्होंने बताया कि माहवारी में लापरवाही बरतने के कई दुष्परिणाम होते हैं और ऐसे कई मामले अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। दीपमाला ने छात्राओं को किसी भी महिला संबंधी परेशानी के लिए अस्पताल आकर सलाह लेने को कहा। उन्होंने चिकित्सीय सलाह के अनुसार ही जांच और दवाओं का सेवन करने पर जोर दिया।
माहवारी में स्वच्छता और सावधानियां
ज्योति राजवंशी ने माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को प्रतिदिन दो से तीन बार सेनेटरी पैड बदलने की सलाह दी। सफेद पानी की शिकायतें संक्रमण का कारण बन सकती हैं, इसलिए स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता
महिला काउंसलर दीपमाला ने बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन इसमें लापरवाही हानिकारक हो सकती है। उन्होंने छात्राओं को किसी भी महिला संबंधी समस्या के लिए अस्पताल में सलाह लेने के लिए जागरुक किया। दीपमाला ने जोर दिया कि जांच और दवाओं का सेवन केवल चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही किया जाना चाहिए।