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घाघरा नदी में समाए चार और मकान
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा/ईसानगर (खीरी)।
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:53 PM IST
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ghagra
- फोटो : amar ujala
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घाघरा का कहर: कटान रोकने के काम में ढील, नदी में समाते जा रहे आशियाने
एक पखवारे से कट रही सुजानपुर की जमीन
हुलासपुर में भी नहीं थमा कटान, लोग परेशान
तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी लगातार भू-कटान कर रही है, जिससे लोगों के खेत और मकान नदी में समाते जा रहे हैं, लेकिन बाढ़ खंड के अभियंता कटान की रोकथाम के काम में तेजी नहीं ला पा रहे हैं। नतीजतन कटान का कहर जारी है। सोमवार को सुजानपुर में और चार घर नदी में समा गए। इससे पहले यहां प्राथमिक स्कूल भवन नदी की आगोश में समा चुका है। हालांकि बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि अब कार्य में तेजी आ गई है। जल्द ही कटान पर काबू पा लिया जाएगा।
रमियाबेहड़ ब्लाक के लालापुर मजरा सुजानपुर में घाघरा का कटान तेज हो गया है। गांव के प्राथमिक स्कूल को उजाड़ने के बाद सोमवार को घाघरा नदी आगे बस्ती की ओर बढ़ चली है। बीते 24 घंटों में घाघरा ने स्कूल के पीछे बसे इंद्रेश कुमार, विजय कुमार, राजकिशोर यादव, इतवारी लाल यादव के घर नदी में समा गए। लोग घरों से छप्पर और बचा खुचा सामान लेकर ऊंचे स्थान पर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। वहीं लालापुर को कटान से बचाने को बंबू कैरेट में बालू मिट्टी डालकर सिंचाई विभाग का रोकने का प्रयास निरर्थक साबित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक बालू मिट्टी नदी के तेज बहाव में बह जा रही है, सुबह से शाम तक जो बोरियां डाली जाती हैं वह रात भर में नदी में समा जाती हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत रुद्रपुर के गांव हुलासपुरवा में भी घाघरा का कटान जारी है, जिससे बृजकिशोर, राधेश्याम, सत्यपाल, जीतपाल और रामअचल का घर किसी भी समय नदी में समा सकता है। यहां भी बाढ़ खंड ने कटान की रोकथाम के लिए बंबू क्रेट बनवाना शुरू किया, लेकिन बेहद धीमी गति से काम हो रहा है। उधर, एसडीएम लवकुमार सिंह ने बताया कि गांव सुजानपुर में चार झोपड़ी कटने की सूचना हल्का लेखपाल नें दी है।
वर्षा से कफारा में हुआ जलभराव, निकलना दूभर
धौरहरा। वर्षा से कफारा में जलभराव हो गया। इससे लोगों का निकलना दूभर है। लोगबाग पानी में होकर किसी तरह निकलते हैं। मालूम हो कि जलनिकासी व्यवस्था न होने के कारण मामूली वर्षा में ही यहां जलभराव हो जाता है।
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कटान की रोकथाम पर डीएम गंभीर, अभियंताओं को किया तलब
लखीमपुर खीरी। तहसील धौरहरा के ईसानगर क्षेत्र में हुलासपुरवा में कटान की रोकथाम के लिए लगाए गए बंबू क्रेट और सुजानपुर में कटान रोकने के कार्यों में लापरवाही पर डीएम आकाशदीप गंभीर हो गए हैं। उन्होंने सोमवार की शाम को बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता विनोद कुमार को अन्य अभियंताओं को अपने कैंप कार्यालय पर तलब किया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मालूम हो कि अमर उजाला ने 24 जुलाई को घाघरा मचा रही तबाही, अभियंता कर रहे खानापूरी शीर्षक से खबर छापी थी। इसके बाद डीएम ने घाघरा के कटान स्थलों की रिपोर्ट मंगाई थी। बाढ़ खंड के कार्यों में शिथिलता पर डीएम ने बाढ़ खंड के अभियंताओं को तलब किया। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि हर हालत में कटान की रोकथाम हो। कार्य में शिथिलता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम के रूख से महकमे में हड़कंप मच गया। मंगलवार से कटान की रोकथाम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक पखवारे से कट रही सुजानपुर की जमीन
हुलासपुर में भी नहीं थमा कटान, लोग परेशान
तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी लगातार भू-कटान कर रही है, जिससे लोगों के खेत और मकान नदी में समाते जा रहे हैं, लेकिन बाढ़ खंड के अभियंता कटान की रोकथाम के काम में तेजी नहीं ला पा रहे हैं। नतीजतन कटान का कहर जारी है। सोमवार को सुजानपुर में और चार घर नदी में समा गए। इससे पहले यहां प्राथमिक स्कूल भवन नदी की आगोश में समा चुका है। हालांकि बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि अब कार्य में तेजी आ गई है। जल्द ही कटान पर काबू पा लिया जाएगा।
रमियाबेहड़ ब्लाक के लालापुर मजरा सुजानपुर में घाघरा का कटान तेज हो गया है। गांव के प्राथमिक स्कूल को उजाड़ने के बाद सोमवार को घाघरा नदी आगे बस्ती की ओर बढ़ चली है। बीते 24 घंटों में घाघरा ने स्कूल के पीछे बसे इंद्रेश कुमार, विजय कुमार, राजकिशोर यादव, इतवारी लाल यादव के घर नदी में समा गए। लोग घरों से छप्पर और बचा खुचा सामान लेकर ऊंचे स्थान पर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। वहीं लालापुर को कटान से बचाने को बंबू कैरेट में बालू मिट्टी डालकर सिंचाई विभाग का रोकने का प्रयास निरर्थक साबित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक बालू मिट्टी नदी के तेज बहाव में बह जा रही है, सुबह से शाम तक जो बोरियां डाली जाती हैं वह रात भर में नदी में समा जाती हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत रुद्रपुर के गांव हुलासपुरवा में भी घाघरा का कटान जारी है, जिससे बृजकिशोर, राधेश्याम, सत्यपाल, जीतपाल और रामअचल का घर किसी भी समय नदी में समा सकता है। यहां भी बाढ़ खंड ने कटान की रोकथाम के लिए बंबू क्रेट बनवाना शुरू किया, लेकिन बेहद धीमी गति से काम हो रहा है। उधर, एसडीएम लवकुमार सिंह ने बताया कि गांव सुजानपुर में चार झोपड़ी कटने की सूचना हल्का लेखपाल नें दी है।
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वर्षा से कफारा में हुआ जलभराव, निकलना दूभर
धौरहरा। वर्षा से कफारा में जलभराव हो गया। इससे लोगों का निकलना दूभर है। लोगबाग पानी में होकर किसी तरह निकलते हैं। मालूम हो कि जलनिकासी व्यवस्था न होने के कारण मामूली वर्षा में ही यहां जलभराव हो जाता है।
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कटान की रोकथाम पर डीएम गंभीर, अभियंताओं को किया तलब
लखीमपुर खीरी। तहसील धौरहरा के ईसानगर क्षेत्र में हुलासपुरवा में कटान की रोकथाम के लिए लगाए गए बंबू क्रेट और सुजानपुर में कटान रोकने के कार्यों में लापरवाही पर डीएम आकाशदीप गंभीर हो गए हैं। उन्होंने सोमवार की शाम को बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता विनोद कुमार को अन्य अभियंताओं को अपने कैंप कार्यालय पर तलब किया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मालूम हो कि अमर उजाला ने 24 जुलाई को घाघरा मचा रही तबाही, अभियंता कर रहे खानापूरी शीर्षक से खबर छापी थी। इसके बाद डीएम ने घाघरा के कटान स्थलों की रिपोर्ट मंगाई थी। बाढ़ खंड के कार्यों में शिथिलता पर डीएम ने बाढ़ खंड के अभियंताओं को तलब किया। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि हर हालत में कटान की रोकथाम हो। कार्य में शिथिलता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम के रूख से महकमे में हड़कंप मच गया। मंगलवार से कटान की रोकथाम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।