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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Get on the brink of closure Standing in the fields of sugar cane

मिल बंदी की कगार पर खेतों में खड़ा है गन्ना

Fri, 24 Apr 2015 07:09 PM IST
फरधान
फरधान Updated Fri, 24 Apr 2015 07:09 PM IST
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चीनी मिल बंद होने की कगार पर है और बड़ी मात्रा में गन्ना खेतों में खड़ा है। इससे किसान चिंतित है। रुकुन्दीपुर के कृषक कमलेश का दो एकड़, अमनिया के मन्नूू, भारत प्रसाद के पास डेढ़-डेढ़ अमानलाला के प्रमोद वर्मा का एक एकड़ गन्ना, बौनिया के विजय वर्मा सहित तमाम किसानों का कई एकड़ गन्ना अभी बिकने के लिए खेतों में खड़ा है। हरगांव चीनी मिल के 30 अप्रैल तक बंद होने संभावना जताई जा रही है।
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किसानों का गन्ना नहीं बिकनेे का मुख्य कारण मिल द्वारा समय से पर्चियां जारी न करना रहा है। शुरुआत में मिल ने किसानों को महीने में एक-दो पर्चियां ही जारी की। अब मिल बंद होने वाला है तो एक-एक दिन में 15-15 पर्चियां दी जा रहीं हैं। अमनियां गांव के राजेश कुमार को 23 अप्रैल को 15 पर्ची, भारत प्रसाद और माया देवी दोनों को मिलाकर 38 पर्ची, इसी गांव के दिलेराम को पांच पर्ची जारी की गईं। इनके अलावा भी कई किसानों को एक साथ पर्चियां जारी की जा रही हैं। किसानों का कहना है इस समय गेहूं की कटाई, गन्ना गुड़ाई, सिंचाई और भूसा ढुलाई का भी काम है। ऐसे में एक साथ पर्चियां आने से गन्ना छिलाई करना बहुत मुश्किल है। मजदूर मिल नहीं रहे हैं। सीडीओ संजीत पटेल ने एक साथ पर्चियां जारी करने के बाबत बताया ये मिल द्वारा जारी होती हैं, इसमें उनका कोई रोल नही है।
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उधर इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि जब तक खेत में गन्ना खड़ा है, तब तक मिल बंद नहीं होने दी जाएगी। समस्त गन्ना तौल होने के बाद ही मिल बंद होगी।
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