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जीओ बैग के नाम पर गोलमाल
निघासन।
Updated Sun, 14 Feb 2016 06:41 PM IST
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घाघरा और मोहाना नदियों की बाढ़ से क्षेत्र को बचाने के लिए यहां ढेले का काम नहीं हुआ है। जबकि ठोकरें बनवाने, जीओ बैग और जीओ ट्यूब डलवाने के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी बिल बनवाकर राशि हड़प ली गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव वालों ने बाढ़ बचाव का काम न होने का आरोप लगाते हुए सिंचाई मंत्री को पत्र लिखा। गांव वालों ने आरोप लगाया कि ठोकरों का निर्माण कराए बिना ही भुगतान करा लिया गया। सूरतनगर में जो जीओ बैग और जीओ ट्यूब डाले गए वे मानक के अनुरूप नहीं थे। इसके कारण ये अभी से फटना शुरू हो गए। उधर इस बाबत जिम्मेदार अफसरों को जवाब देते नहीं बन रहा है।
घाघरा नदी के किनारे बसे ईसानगर ब्लाक के हटवा समेत कई गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए ठोकरें बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 25 लाख रुपये का बजट बनाया था। आरोप है कि सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने यह कार्य जिस ठेकेदार को सौंपा उसने काम तो कराया नहीं लेकिन फर्जी बिल बनाकर पूरा भुगतान निकाल लिया।
मानकविहीन जीओ ट्यूब लगाकर लाखों की हेराफेरी
इंडो नेपाल बार्डर स्थित मोहाना नदी में इंदर नगर के पास गांवों को बचाने के लिए जीओ ट्यूब लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कोटेशन के आधार पर जीओ ट्यूब अपने चहेते ठेकेदारों से सप्लाई कराए गए हैं। आरोप है कि ये जीओ ट्यूब निर्माता कंपनी से टेंडर प्रक्रिया को अपनाते हुए लेने चाहिए थे पर ऐसा नहीं किया गया। खराब जीओ ट्यूब अभी से फटना शु़रू हो गए हैं। टेंडर प्रक्रिया न अपनाने से लाखों का गोलमाल किया गया है।
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हटवा में अनुबंध पत्र बनाकर निकाला गया भुगतान
आरोप है कि बाढ़ खंड शारदा नगर के अफसरों ने जुलाई 2015 में एई स्तर से कार्य कराने के लिए अनुबंध संख्या 02 एई 15/16 तथा 13एई 15/16 के नाम से बिल बनाकर करीब 25 लाख रुपये बिना कार्य कराए निकाल लिए।
इन लोगों ने की शिकायत
हटवा गांव के सुरेश, जगदीश आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। सूरत नगर के प्रधान प्रकट सिंह ने भी मामले की जांच की मांग की है।
चहेते ठेकेदारों को दिया जाता है टेंडर
बाढ़ खंड शारदा नगर में हाल ही में खैरीगढ के पास सुहेली नदी में सिल्ट सफाई के नाम पर बिना टेंडर कराए चहेते ठेकेदार को कार्य सौंपा गया था। उसके बाद अब हटवा गांव का कार्य भी चहेते ठेकेदार को दे दिया गया है।
हटवा गांव को बचाने के लिए ठोकरें बनीं थी। बाढ़ आने के कारण ठोकरें बह गई होंगी। सूरतनगर में जीओ ट्यूब में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। यदि गड़बडी हुई है तो मामले की जांच की जाएगी।
-आरपी यादव, अधिशासी अभियंता बाढ खंड शारदा नगर
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घाघरा नदी के किनारे बसे ईसानगर ब्लाक के हटवा समेत कई गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए ठोकरें बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 25 लाख रुपये का बजट बनाया था। आरोप है कि सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने यह कार्य जिस ठेकेदार को सौंपा उसने काम तो कराया नहीं लेकिन फर्जी बिल बनाकर पूरा भुगतान निकाल लिया।
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मानकविहीन जीओ ट्यूब लगाकर लाखों की हेराफेरी
इंडो नेपाल बार्डर स्थित मोहाना नदी में इंदर नगर के पास गांवों को बचाने के लिए जीओ ट्यूब लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कोटेशन के आधार पर जीओ ट्यूब अपने चहेते ठेकेदारों से सप्लाई कराए गए हैं। आरोप है कि ये जीओ ट्यूब निर्माता कंपनी से टेंडर प्रक्रिया को अपनाते हुए लेने चाहिए थे पर ऐसा नहीं किया गया। खराब जीओ ट्यूब अभी से फटना शु़रू हो गए हैं। टेंडर प्रक्रिया न अपनाने से लाखों का गोलमाल किया गया है।
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हटवा में अनुबंध पत्र बनाकर निकाला गया भुगतान
आरोप है कि बाढ़ खंड शारदा नगर के अफसरों ने जुलाई 2015 में एई स्तर से कार्य कराने के लिए अनुबंध संख्या 02 एई 15/16 तथा 13एई 15/16 के नाम से बिल बनाकर करीब 25 लाख रुपये बिना कार्य कराए निकाल लिए।
इन लोगों ने की शिकायत
हटवा गांव के सुरेश, जगदीश आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है। सूरत नगर के प्रधान प्रकट सिंह ने भी मामले की जांच की मांग की है।
चहेते ठेकेदारों को दिया जाता है टेंडर
बाढ़ खंड शारदा नगर में हाल ही में खैरीगढ के पास सुहेली नदी में सिल्ट सफाई के नाम पर बिना टेंडर कराए चहेते ठेकेदार को कार्य सौंपा गया था। उसके बाद अब हटवा गांव का कार्य भी चहेते ठेकेदार को दे दिया गया है।
हटवा गांव को बचाने के लिए ठोकरें बनीं थी। बाढ़ आने के कारण ठोकरें बह गई होंगी। सूरतनगर में जीओ ट्यूब में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। यदि गड़बडी हुई है तो मामले की जांच की जाएगी।
-आरपी यादव, अधिशासी अभियंता बाढ खंड शारदा नगर