{"_id":"6a20630cc3ade6bc420edfdf","slug":"gas-was-mistaken-for-heart-attack-fever-was-mistaken-for-dengue-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-176654-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: गैस को समझा हार्ट अटैक, बुखार को मान लिया डेंगू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: गैस को समझा हार्ट अटैक, बुखार को मान लिया डेंगू
Wed, 03 Jun 2026 10:53 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 03 Jun 2026 10:53 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों के सामने नई चुनौती उभर रही है। बड़ी संख्या में युवा मरीज इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्लेटफॉर्म से बीमारी संबंधी जानकारी जुटाकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कई बार अधूरी या गलत जानकारी के आधार पर वे खुद ही बीमारी का अनुमान लगाकर उसी के अनुरूप जांच और इलाज की मांग करने लगते हैं। इससे चिकित्सकों को मरीजों को वास्तविक स्थिति समझाने में अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है।
नौरंगाबाद नगरीय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अजय ने बताया कि एआई और इंटरनेट स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने में उपयोगी है, लेकिन इनके आधार पर बीमारी का अंतिम निष्कर्ष निकालना खतरनाक हो सकता है। कई मरीज ऑनलाइन जानकारी को ही सही मान लेते हैं और चिकित्सकीय सलाह पर सवाल उठाने लगते हैं, जिससे उपचार प्रक्रिया प्रभावित होती है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
केस-1 :
चिकित्सकीय परीक्षण में गैस व एसिडिटी निकली
हाल ही में 26 वर्षीय युवक सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा। उसने बताया कि एआई प्लेटफॉर्म पर लक्षण दर्ज करने पर हार्ट अटैक की आशंका बताई गई। वह घबराकर कई महंगी जांच कराने की मांग करने लगा। चिकित्सकीय परीक्षण में उसे गैस और एसिडिटी की समस्या निकली। दवा और परामर्श के बाद उसकी परेशानी दूर हो गई।
-- -- -- -- -- -- -- -
केस-2 :
रिपोर्ट में सामान्य वायरल बुखार निकला
जिला अस्पताल पहुंचे एक युवक ने बुखार, शरीर दर्द और कमजोरी के आधार पर एआई से मिली जानकारी के अनुसार खुद को डेंगू का मरीज मान लिया। उसने उसी के अनुरूप इलाज की मांग की। चिकित्सकों की सलाह पर कराई गई जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई और रिपोर्ट में सामान्य वायरल बुखार निकला।
-- -- -- -- -- -- -
चिकित्सकों की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि एआई और इंटरनेट से मिली जानकारी को केवल प्रारंभिक जानकारी के रूप में लें। किसी भी बीमारी की पुष्टि, जांच और उपचार का निर्णय प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए। मरीजों को स्वयं निदान करने के बजाय अपने लक्षणों की सही जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए, ताकि समय पर उचित उपचार मिल सके।
विज्ञापन
कई बार अधूरी या गलत जानकारी के आधार पर वे खुद ही बीमारी का अनुमान लगाकर उसी के अनुरूप जांच और इलाज की मांग करने लगते हैं। इससे चिकित्सकों को मरीजों को वास्तविक स्थिति समझाने में अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है।
विज्ञापन
नौरंगाबाद नगरीय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अजय ने बताया कि एआई और इंटरनेट स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने में उपयोगी है, लेकिन इनके आधार पर बीमारी का अंतिम निष्कर्ष निकालना खतरनाक हो सकता है। कई मरीज ऑनलाइन जानकारी को ही सही मान लेते हैं और चिकित्सकीय सलाह पर सवाल उठाने लगते हैं, जिससे उपचार प्रक्रिया प्रभावित होती है।
विज्ञापन
केस-1 :
चिकित्सकीय परीक्षण में गैस व एसिडिटी निकली
हाल ही में 26 वर्षीय युवक सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा। उसने बताया कि एआई प्लेटफॉर्म पर लक्षण दर्ज करने पर हार्ट अटैक की आशंका बताई गई। वह घबराकर कई महंगी जांच कराने की मांग करने लगा। चिकित्सकीय परीक्षण में उसे गैस और एसिडिटी की समस्या निकली। दवा और परामर्श के बाद उसकी परेशानी दूर हो गई।
केस-2 :
रिपोर्ट में सामान्य वायरल बुखार निकला
जिला अस्पताल पहुंचे एक युवक ने बुखार, शरीर दर्द और कमजोरी के आधार पर एआई से मिली जानकारी के अनुसार खुद को डेंगू का मरीज मान लिया। उसने उसी के अनुरूप इलाज की मांग की। चिकित्सकों की सलाह पर कराई गई जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई और रिपोर्ट में सामान्य वायरल बुखार निकला।
चिकित्सकों की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि एआई और इंटरनेट से मिली जानकारी को केवल प्रारंभिक जानकारी के रूप में लें। किसी भी बीमारी की पुष्टि, जांच और उपचार का निर्णय प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए। मरीजों को स्वयं निदान करने के बजाय अपने लक्षणों की सही जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए, ताकि समय पर उचित उपचार मिल सके।