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संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग करके कुलवंत ने की रिकॉर्ड पैदावार

Sun, 09 Feb 2020 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2020 02:16 AM IST
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गोला गोकर्णनाथ/कुकरा (लखीमपुर खीरी)। गन्ना समिति के गोला जोन और मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर निवासी कुलवंत सिंह को राज्य गन्ना प्रतियोगिता 2018-19 में शीघ्र प्रजाति पौधा में अधिक उपज हासिल करने के कारण प्रदेश में पहला स्थान मिला है, जिससे उनके फार्म हाउस पर जश्न का माहौल है। वह यूरिया का कम प्रयोग कर गोबर और फास्फेटिक खाद के जरिए गन्ने की अधिक उपज प्राप्त करते हैं और सह फसली खेती भी करते हैं।
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पहाड़पुर निवासी कुलवंत सिंह ने बताया कि वर्ष 2018-19 में हुई गन्ना प्रतियोगिता में गन्ना कटाई का सर्वे किया गया था, जिसमें शीघ्र पौधा संवर्ग में उनकी उपज 2170 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी जाने से प्रदेश में पहला स्थान मिला। उन्होंने बताया कि वह गन्ने की खेती अपने पिता हरभजन सिंह के साथ बचपन से ही करते थे और अधिक उपज कैसे पाएं इस पर चर्चा किया करते थे। कुलवंत सिंह गन्ने की उन्नतिशील प्रजातियों 767, 8436, सीओजी 85, 0238 और 18 की बुआई करते हैं। बताया कि यूरिया के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है, इसलिए वह ट्रंच विधि से बुआई कर गोबर की खाद का अधिक प्रयोग करते हैं। फार्म हाउस पर कई पशु पाल रखे हैं, साथ ही आसपास के गांवों से वह गोबर खरीदते हैं। गन्ने में डीएपी, एनपीके और जिंक का प्रयोग करते हैं।
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गन्ने में सह फसली से हुई आय में वृद्धि
कुलवंत सिंह ने बताया कि उनके पिता सिखाया करते थे कि गन्ने की फसल काफी समय में तैयार होती है। इसलिए मसूर, लाही, धनिया, मटर की भी सह फसली कर अधिक आय कमा लेते हैं और गन्ने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। बल्कि बार बार निराई, गुड़ाई और सिंचाई से गन्ने की फसल अच्छी होती है।
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गन्ना विभाग के अधिकारी भी करते हैं प्रेरित
कुलवंत सिंह का खड़ा गन्ना आज भी देखने के लिए सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव नंदलाल, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक समय समय पर आते रहते हैं, जो और अधिक उपज लेने के लिए परामर्श देते हैं। वह गन्ने के अलावा गेहूं और धान की खेती करते हैं, जिसमें उनकी खेती उन्नतिशील मानी जाती है।
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