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गंगा दशहरा: इस बार मनवांछित फल देने वाला बन रहा संयोग
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लखीमपुर खीरी। गंगा दशहरा इस बार एक जून को है। इस दिन मनवांछित फल देने वाले विशेेष संयोग बन रहे हैं। पुराणों के अनुसार जिस दिन गंगा मां पृथ्वी पर अवतरित हुई थी उस दिन 10 दिव्य योग का संयोग था। कई सालों बाद इस बार इन 10 संयोगों में से आठ संयोग बन रहे हैं। जो इसे विशेष फलदायी बनाते हैं।
देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि गंगा अवतरण के समय ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार दिन, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण, आनंद योग, कन्या राशि का चंद्रमा और वृषभ राशि का सूर्य था। इस कारण गंगा मां का अवतरण दस महायोग में हुआ था। कई सालों बाद इस बार का गंगा स्नान के दिन सिद्धि योग बन रहा है। इन विशेष संयोग में गंगा में स्नान, पूजन, उपवास और दान करने से मनुष्य को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलेगी।
दस पदार्थों का करें दान
गंगा दशहरा के दिन जल, फल, अन्न, वस्त्र, पूजन एवं सुहाग सामग्री, घी, नमक, तेल, शकर एवं स्वर्ण दान करने का विशेष महत्व है।
गंगा दशहरा के शुभ मुहूर्त
दशमी तिथि- 31 मई की शाम 05.36 से एक जून की दोपहर 02.57 तक
हस्त नक्षत्र- एक जून की सुबह 03.1 बजे से दो जून की सुबह 01.18 तक
स्नान मुहूर्त- सुबह 05.23 से 07.07 तक और 08.51 से 10.35 बजे तक
भुइयां देवी मंदिर पर पसरा रहा सन्नाटा, नहीं लगा मेला
ममरी हैदराबाद थाना अंतर्गत महेशपुर रेंज जंगल में स्थित जंगल में माता भुइयां देवी प्राचीन मंदिर पर जेठ पंचमी पर सैकड़ों वर्ष से लगता चला आ रहा विशाल मेला इस बार लॉकडाउन की वजह से नहीं लग सका।
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मंदिर कमेटी के राजपाल सिंह ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद रहने से जो श्रद्धालु आए वह बाहर से ही देवी मां का नमन कर वापस चले गए। दुकानदारों को भी लौटा दिया गया। यह पहला मौका है जब मंदिर पर सन्नाटा पसरा रहा। एसओ सुनीत कुमार ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से मेले पर पाबंदी लगा दी गई थी। फिर भी कुछ पुलिस कर्मी वहां लॉकडाउन का पालन कराने के लिए वहां लगाए गए थे।
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देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि गंगा अवतरण के समय ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार दिन, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण, आनंद योग, कन्या राशि का चंद्रमा और वृषभ राशि का सूर्य था। इस कारण गंगा मां का अवतरण दस महायोग में हुआ था। कई सालों बाद इस बार का गंगा स्नान के दिन सिद्धि योग बन रहा है। इन विशेष संयोग में गंगा में स्नान, पूजन, उपवास और दान करने से मनुष्य को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलेगी।
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दस पदार्थों का करें दान
गंगा दशहरा के दिन जल, फल, अन्न, वस्त्र, पूजन एवं सुहाग सामग्री, घी, नमक, तेल, शकर एवं स्वर्ण दान करने का विशेष महत्व है।
गंगा दशहरा के शुभ मुहूर्त
दशमी तिथि- 31 मई की शाम 05.36 से एक जून की दोपहर 02.57 तक
हस्त नक्षत्र- एक जून की सुबह 03.1 बजे से दो जून की सुबह 01.18 तक
स्नान मुहूर्त- सुबह 05.23 से 07.07 तक और 08.51 से 10.35 बजे तक
भुइयां देवी मंदिर पर पसरा रहा सन्नाटा, नहीं लगा मेला
ममरी हैदराबाद थाना अंतर्गत महेशपुर रेंज जंगल में स्थित जंगल में माता भुइयां देवी प्राचीन मंदिर पर जेठ पंचमी पर सैकड़ों वर्ष से लगता चला आ रहा विशाल मेला इस बार लॉकडाउन की वजह से नहीं लग सका।
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मंदिर कमेटी के राजपाल सिंह ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद रहने से जो श्रद्धालु आए वह बाहर से ही देवी मां का नमन कर वापस चले गए। दुकानदारों को भी लौटा दिया गया। यह पहला मौका है जब मंदिर पर सन्नाटा पसरा रहा। एसओ सुनीत कुमार ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से मेले पर पाबंदी लगा दी गई थी। फिर भी कुछ पुलिस कर्मी वहां लॉकडाउन का पालन कराने के लिए वहां लगाए गए थे।