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फर्जीवाड़ा कर रिश्तेदार को दिया इंदिरा आवास
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 19 Sep 2015 05:18 PM IST
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बेहजम ब्लाक की ग्राम पंचायत अकबरपुर में महिला प्रधान ने दो नामों का फायदा उठाते हुए फर्जी आईडी और निवास प्रमाण पत्र बनाकर अपने ही एक रिश्तेदार को इंदिरा आवास की 35-35 हजार रुपये की दो किस्तें दिलवा दी। सीडीओ ने शिकायत मिलने पर पीडी से मामले की जांच कराई तो महिला प्रधान की कारस्तानी का खुलासा हुआ। पीडी ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। जिसके बाद प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना अधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सीडीओ नितीश कुमार को बेहजम ब्लाक की ग्राम पंचायत अकबरपुर में वर्ष 2014-15 में इंदिरा आवास के आवंटन में धांधली की शिकायत मिली थी। जिस पर उन्होंने मौके पर पहुंच कर जांच की। पीडी के मुताबिक गांव में मंजू पत्नी छत्रपाल के नाम से इंदिरा आवास मंजूर हुआ था। लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर पहुंचने के बाद अनुसूचित जाति की महिला प्रधान मंजू देवी ने मंजू देवी पत्नी छत्रपाल के नाम में हेरफेर कर मंजू देवी पत्नी विपिन को इंदिरा आवास का पात्र बना दिया। इसके लिए मिलीभगत कर मंजू देवी पत्नी विपिन के नाम से फर्जी निवास प्रमाण-पत्र के अलावा जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर लगा दिया गया। इसके बाद मंजू देवी पत्नी विपिन को सूची में शामिल कर लिया गया और इंदिरा आवास के लिए 35-35 की दो किस्तें भी दिला दी गईं। इसकी जानकारी होने पर मंजू देवी पत्नी छत्रपाल ने सीडीओ से इसकी शिकायत की। जिसके बाद पीडी ने पूरे मामले की जांच की तो इंदिरा आवास आवंटन में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीडी ने बताया कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है।
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परियोजना अधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सीडीओ नितीश कुमार को बेहजम ब्लाक की ग्राम पंचायत अकबरपुर में वर्ष 2014-15 में इंदिरा आवास के आवंटन में धांधली की शिकायत मिली थी। जिस पर उन्होंने मौके पर पहुंच कर जांच की। पीडी के मुताबिक गांव में मंजू पत्नी छत्रपाल के नाम से इंदिरा आवास मंजूर हुआ था। लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर पहुंचने के बाद अनुसूचित जाति की महिला प्रधान मंजू देवी ने मंजू देवी पत्नी छत्रपाल के नाम में हेरफेर कर मंजू देवी पत्नी विपिन को इंदिरा आवास का पात्र बना दिया। इसके लिए मिलीभगत कर मंजू देवी पत्नी विपिन के नाम से फर्जी निवास प्रमाण-पत्र के अलावा जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर लगा दिया गया। इसके बाद मंजू देवी पत्नी विपिन को सूची में शामिल कर लिया गया और इंदिरा आवास के लिए 35-35 की दो किस्तें भी दिला दी गईं। इसकी जानकारी होने पर मंजू देवी पत्नी छत्रपाल ने सीडीओ से इसकी शिकायत की। जिसके बाद पीडी ने पूरे मामले की जांच की तो इंदिरा आवास आवंटन में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीडी ने बताया कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है।
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