Lakhimpur Kheri News: मैगलगंज में गोमती नदी पर बना फोरलेन पुल दो जगह क्षतिग्रस्त, आवागमन रोका गया
लखनऊ-दिल्ली फोरलेन हाईवे पर 23 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2016 में गोमती पुल बना था, जो दो जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। एक जगह पर पुल के बीचोंबीच कुछ हिस्सा नीचे गिर गया है।
विस्तार
खीरी और हरदोई सीमा पर दोनों जनपदों को जोड़ने वाला गोमती पुल महज छह साल में ही क्षतिग्रस्त हो गया है। छह साल पहले 23 करोड़ रुपये की लागत से बना फोरलेन गोमती नदी पुल दो जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे पुल पर आवागमन रोक दिया गया है। जानकारी मिलने के बाद एनएचएआई के परियोजना निदेशक बीपी पाठक मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। जांच में निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का खुलासा हुआ है।
लखनऊ-दिल्ली फोरलेन हाईवे पर हरदोई और लखीमपुर खीरी जिले की सीमा पर 23 करोड रुपये की लागत से वर्ष 2016 में बना गोमती पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी छत तीन जगह से गिर गई है। जब इसकी जानकारी एनएचएआई के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने अपने कार्यालय को अवगत कराया। इसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक बीपी पाठक रविवार को सुबह करीब 10:00 बजे मौके पर पहुंचे।
UP News: बरेली जेल से अतीक अहमद के भाई अशरफ को प्रयागराज ले जा सकती है पुलिस, चल रही तैयारी
जांच के दौरान पुल में घटिया निर्माण सामग्री लगाने का मामला सामने आया है। परियोजना निदेशक ने बताया कि पुल को एरा कंपनी ने बनाया था। यह कंपनी पहले ही ब्लैक लिस्ट की जा चुकी है। कंपनी के मालिकानों को जेल भी हो गई है। दूसरी बार पुल की छत गिर गई है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। अग्रिम कार्रवाई पर उच्च अधिकारी निर्णय लेंगे। इसके बाद जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले भी इसी पुल की टूट चुकी है छत
इससे पहले 10 अप्रैल 2022 को इसी पुल की दो मीटर के दायरे की छत गिर गई थी। इस घटना की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। तभी यह अंदेशा जताया जा रहा था कि भविष्य में किसी भी समय यह पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। बावजूद इसके एनएचएआई ने इस पुल पर पैचवर्क करते हुए पुल पर आवागमन चालू करा दिया था।
शनिवार को फिर इसकी छत दो जगह से गिर गई और ऐहतियातन आवागमन रोकना पड़ा। वहीं, अब भी अधिकारी पैचिंग करने के बाद पुल को सुचारू रूप से चलाने की बात कह रहे हैं। जबकि यह पुल बेहद जर्जर और मानक विहीन बना है। किसी भी समय इस पुल पर बड़ा हादसा हो सकता है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक बीपी पाठक ने बताया कि गोमती नदी पुल के निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई है। जो सामग्री लगाई गई है वह अत्यंत खराब है। इसी कारण पुल की छत टूट कर गिर रही है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है, जल्द ही कार्रवाई होगी।