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चार चीनी मिल्स बंद, शेष पांच भी बंदी की कगार पर

Thu, 31 Mar 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Thu, 31 Mar 2016 11:09 PM IST
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Four sugar mills closed, the remaining five are also on the verge of closure
चीनी ‌म‌िल - फोटो : अमर उजाला
- तीन को छोड़ शेष छह मिलों ने नहीं किया पहली किस्त का भुगतान
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- दूसरी किस्त का मिल बंद होने के तीन माह में करना है भुगतान
- मिलों पर एसएपी की दर से 10.35 अरब से अधिक बकाया

जिले में गन्ना पेराई सत्र 2015-16 समापन की ओर है। बजाज ग्रुप की तीन गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और सहकारी क्षेत्र की संपूर्णानगर चीनी मिल कई दिन पहले ही बंद हो चुकी हैं। शेष पांच चीनी मिलें भी बंदी की कगार पर है। अजबापुर, कुंभी एवं गुलरिया मिलों ने भी बंदी का नोटिस जारी कर दिया है और गन्ना विभाग को पत्र भेजकर बंदी की अनुमति मांग ली है। वहीं गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में अभी भी बजाज ग्रुप की मिल्स सबसे फिसड्डी बनी हुई हैं। सिर्फ अजबापुर, गुलरिया और कुंभी मिलें हीं गन्ना एक्ट के मुताबिक भुगतान कर रही हैं। सहकारी क्षेत्र की दोनों मिलों ने भी किसानों को भुगतान रोक रखा है।
शासन द्वारा चीनी मिलों को मिली सहूलियत के मुताबिक पहली किस्त में 230 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिन के अंदर किसानों को भुगतान करना है। जबकि दूसरी किस्त में 50 से 60 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान चीनी मिल बंद होने की तिथि से तीन माह के अंदर करना है। अभी चार मिलें बंद हो चुकी हैं, लेकिन इन्होंने पहली किस्त का ही पूरा भुगतान नहीं किया है। गोला मिल ने पहली किस्त में 40 फीसदी, पलिया ने करीब 38 फीसदी और खंभारखेड़ा ने 34 फीसदी भुगतान किया है। इसी तरह ऐरा ने 63 फीसदी, संपूर्णानगर ने 75 फीसदी, बेलरायां ने 69 फीसदी भुगतान किया है। जबकि अजबापुर ने 94 फीसदी, कुंभी ने 93 फीसदी और गुलरिया 94 फीसदी भुगतान किया है। गन्ना खरीदे जाने की तिथि तक हुए भुगतान पर गौर करें, तो बजाज की गोला मिल ने 16 दिसंबर 2015 तक, पलिया ने 25 दिसंबर 2015 और खंभारखेड़ा ने 19 दिसंबर 2015 तक का भुगतान किया है। इससे किसानों की दयनीय हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है, जिन्हें होली पर भी आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। अब बच्चों की पढ़ाई और खेती किसानी पर होने वाले खर्च के लिए मिल से लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। 
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पहली किस्त के आधार पर मिलवार बकाया गन्ना मूल्य
गोला मिल पर एक अरब 79 करोड़ नौ लाख तीन हजार, पलिया पर एक अरब 47 करोड़ 41 लाख 34 हजार, खंभारखेड़ा पर एक अरब 49 करोड़ 78 लाख 70 हजार, ऐरा पर 52 करोड़ सात लाख 52 हजार, अजबापुर पर 17 करोड़ 50 लाख 18 हजार, कुंभी पर 14 करोड़ दो लाख 46 हजार, गुलरिया पर 13 करोड़ 20 लाख 59 हजार, बेलरायां पर 31 करोड़ 93 लाख 34 हजार और संपूर्णानगर पर 39 करोड़ 18 लाख 31 हजार रुपये बकाया है। जबकि एसएपी यानी राज्य सरकार से घोषित समर्थन मूल्य के आधार पर सभी नौ मिलों पर 10 अरब 35 करोड़ 20 लाख 58 हजार रुपये बकाया है। 
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पूरा गन्ना पेराई करने के बाद ही चीनी मिलें बंद होंगी। बजाज ग्रुप को छोड़कर अन्य मिलें तेजी से भुगतान कर रही हैं। देरी करने वाली मिलों पर भी जल्द भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। - जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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