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आवास समेत चार घर शारदा नदी में समाए

Thu, 19 Aug 2021 11:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:42 PM IST
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Four houses including housing merged in Sharda river
महेवागंज/सुंदरवल। फूलबेहड़ इलाके में शारदा नदी का सितम जारी है। कच्चे पक्के घर लगातार नदी में समा रहे हैं। प्रशासन अब तक कोई राहत भरा कदम नहीं उठा सका है, जिससे लोगों की मुसीबतें और बढ़ रही हैं। वहीं बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की पंचायत गोपालापुर में बारिश के चलते गांव निवासी भोर कली का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। उन्हें कोई मदद भी नहीं मिल सकी है।
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बृहस्पतिवार को जंगल नंबर ग्यारह के मजरा घोसियाना निवासी इरफान अली का मकान नदी निगल गई। कुछ ही घंटों के अंतराल में मजीद, ट्रेनी और रामकुमार के मकान भी नदी में समा गए। बाढ़-कटान पीड़ितों को रहने और खाने ले लाले है। सिर छुपाने के लिए पीड़ित दर-दर भटक रहे है। गांव से दूर सड़क किनारे झोंपड़ी, त्रिपाल डाल कर रहने को विवश हैं।
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बांकेगंज। गोपालापुर गांव निवासी भोर कली गांव में बने कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रही है। उसके पति देवतादीन की पहले ही मौत हो चुकी है। तीन दिन पहले उसका कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया था। गनीमत रही कि वह उस समय मकान में मौजूद नहीं थी। भोर कली ने बताया कच्चे मकान को गिरे तीन दिन बीत गए हैं। बावजूद इसके ग्राम प्रधान और सचिव नहीं पहुंचे। भोर कली ने शासन-प्रशासन के जिम्मेदारों से मदद की गुहार लगाई है।
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मामला संज्ञान में आया है। गोपालापुर के लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। पीड़िता को मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है। -अखिलेश यादव, एसडीएम, गोला
अपने ही हाथों से घर तोड़ रहे किसान
तिकुनियां। भारत नेपाल सीमा पर मोहाना नदी का कटान जारी है। घर और खेत कटते जा रहे हैं। तेज कटान के चलते पुरबिया बस्ती में बसे लोग भरी आंखों से अपना सामान समेट कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं।
रननगर पंचायत की पुरबिया बस्ती को दूसरी बार मोहाना नदी उजाड़ रही है। दो दशक पहले पुरबिया बस्ती के किसान यहां आकर बसे थे, लेकिन बीते दो सालों से नदी का कहर शुरू हो गया।

बस्ती की बुजुर्ग महिला नौलखिया बताती हैं कि सब कुछ लुट गया है। मेहनत मजदूरी से बना घर भी नदी में आधा समा चुका है। किसान लखवीर सिंह बताते है कि जिस ढंग से मोहाना कटान कर रही है यह जल्द ही खखरौला एसएसबी कैंप पर भी अटैक कर सकती है। संवाद
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