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आधे से ज्यादा विद्यार्थियों को नहीं मिल पाया दाखिला
लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 01 Aug 2015 04:50 PM IST
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महाविद्यालयों की स्नातक कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया करीब-करीब खत्म होने को है। प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। शहर के वाईडी कॉलेज और भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जितने प्रवेशार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया था उनमें से आधे विद्यार्थी भी दाखिला नहीं पा सके हैं। अब उनके सामने एक ही विकल्प बचा है कि वे वित्तविहीन महाविद्यालयों में प्रवेश लें या व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा दें।
युवराजदत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरके सिंह के मुताबिक बीए प्रथम वर्ष में 1320 सीटों के सापेक्ष करीब 4200 आवेदन आए थे, बीएससी गणित और बायो में 600 सीटों के सापेक्ष करीब 2000 आवेदन आए थे जबकि वाणिज्य वर्ग में 360 सीटों के सापेक्ष 800 आवेदन आए थे। अब केवल बीएससी प्रथम वर्ष में आरक्षित वर्ग की कुछ सीटें खाली रह गई थीं उन्हें भी कटआफ में पांच अंक घटाकर पूरा कर लिया गया है।
उधर भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भी कुछ यही हाल है। यहां बीए प्रथम वर्ष में कुल 480 सीटों पर प्रवेश के लिए करीब 1400 छात्राओं ने आवेदन किया था। यहां भी बीए प्रथम वर्ष की सभी सीटें करीब-करीब फुल हो चुकी हैं। प्राचार्य डॉ. निरुपमा अशोक ने बताया कि अनुसूचित जाति और विकलांगों के लिए आरक्षित वर्ग की कुछ सीटें बची हैं। इस वर्ग की जो छात्राएं प्रवेश के लिए पंजीकरण करा चुकी हैं वे महाविद्यालय में प्रवेश ले सकती हैं।
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सबसे खास बात यह है कि वाईडी कॉलेज के किसी भी वर्ग में 60 फीसदी से कम अंक पाने वाले छात्र प्रवेश नहीं पा सके हैं। बीएससी में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए मैरिट जरूर डाउन हुई है। भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में भी साठ फीसदी से कम अंक पाने वाली छात्राओं को प्रवेश पाने में पसीने छूट गए हैं। इस तरह प्रथम श्रेणी से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों के लिए इस बार प्रवेश पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
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स्नातक के लिए 33 फीसदी सीटें बढ़ीं
लखीमपुर खीरी। छत्रपति शाहूजी विश्वविद्यालय कानपुर ने युवराजदत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्नातक कक्षाओं में 33 फीसदी सीट में बढ़ोतरी कर दी है। प्राचार्य डॉ. आरके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने बीए प्रथम वर्ष में 440 सीट, बीएससी प्रथम वर्ष गणित और बायो में 200 सीट तथा बीकॉम प्रथम वर्ष में 120 सीट बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय नेे सात अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्राचार्य डॉ. आरके सिंह ने बताया कि तीन और चार अगस्त को उन छात्रों के प्रवेश लिए जाएंगे जो मेरिट में नाम आने के बावजूद प्रवेश नहीं ले पाए हैं। चार अगस्त के बाद छूटे छात्रों का प्रवेश नहीं लिया जाएगा। चार अगस्त के बाद नई मेरिट जारी कर बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा और सात अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उधर भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा सीटें बढ़ाए जाने के बाद बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश के लिए नई मेरिट सूची जारी की जाएगी।
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युवराजदत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरके सिंह के मुताबिक बीए प्रथम वर्ष में 1320 सीटों के सापेक्ष करीब 4200 आवेदन आए थे, बीएससी गणित और बायो में 600 सीटों के सापेक्ष करीब 2000 आवेदन आए थे जबकि वाणिज्य वर्ग में 360 सीटों के सापेक्ष 800 आवेदन आए थे। अब केवल बीएससी प्रथम वर्ष में आरक्षित वर्ग की कुछ सीटें खाली रह गई थीं उन्हें भी कटआफ में पांच अंक घटाकर पूरा कर लिया गया है।
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उधर भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भी कुछ यही हाल है। यहां बीए प्रथम वर्ष में कुल 480 सीटों पर प्रवेश के लिए करीब 1400 छात्राओं ने आवेदन किया था। यहां भी बीए प्रथम वर्ष की सभी सीटें करीब-करीब फुल हो चुकी हैं। प्राचार्य डॉ. निरुपमा अशोक ने बताया कि अनुसूचित जाति और विकलांगों के लिए आरक्षित वर्ग की कुछ सीटें बची हैं। इस वर्ग की जो छात्राएं प्रवेश के लिए पंजीकरण करा चुकी हैं वे महाविद्यालय में प्रवेश ले सकती हैं।
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सबसे खास बात यह है कि वाईडी कॉलेज के किसी भी वर्ग में 60 फीसदी से कम अंक पाने वाले छात्र प्रवेश नहीं पा सके हैं। बीएससी में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए मैरिट जरूर डाउन हुई है। भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में भी साठ फीसदी से कम अंक पाने वाली छात्राओं को प्रवेश पाने में पसीने छूट गए हैं। इस तरह प्रथम श्रेणी से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों के लिए इस बार प्रवेश पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
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स्नातक के लिए 33 फीसदी सीटें बढ़ीं
लखीमपुर खीरी। छत्रपति शाहूजी विश्वविद्यालय कानपुर ने युवराजदत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्नातक कक्षाओं में 33 फीसदी सीट में बढ़ोतरी कर दी है। प्राचार्य डॉ. आरके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने बीए प्रथम वर्ष में 440 सीट, बीएससी प्रथम वर्ष गणित और बायो में 200 सीट तथा बीकॉम प्रथम वर्ष में 120 सीट बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय नेे सात अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्राचार्य डॉ. आरके सिंह ने बताया कि तीन और चार अगस्त को उन छात्रों के प्रवेश लिए जाएंगे जो मेरिट में नाम आने के बावजूद प्रवेश नहीं ले पाए हैं। चार अगस्त के बाद छूटे छात्रों का प्रवेश नहीं लिया जाएगा। चार अगस्त के बाद नई मेरिट जारी कर बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा और सात अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उधर भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. निरुपमा अशोक ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा सीटें बढ़ाए जाने के बाद बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश के लिए नई मेरिट सूची जारी की जाएगी।